Adv Akash Deep Pathak

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12/10/2021

बार काउंसिल उत्तर प्रदेश हुई बर्बाद

जानिए क्या है पूरा मामला

बार काउंसिल उत्तर प्रदेश के सदस्य/पूर्व उपाध्यक्ष फर्जी डिग्री धारक अपने आप को विश खोपड़ा बताने वाले व्यक्ति देवेंद्र मिश्र नगरहा के कर कमलों से हुई बार काउंसिल बर्बाद जानिए पूरा क्या है मामला -

1-वर्ष 2018 में बार काउंसिल का चुनाव हुआ तब से उक्त व्यक्ति द्वारा बार काउंसिल में मारपीट सदस्यों के साथ बाबुओं के साथ अन्य अधिवक्ताओं के साथ कराना हुई आम बात।

बार कौंसिल के पूर्व कार्यवाहक का कार्यकाल व वर्तमान का कारनामा

1-पूर्व कार्यालय अधीक्षक वीरेंद्र सिंह की हुई थी पिटाई।

2 अभी वर्तमान में कार्यालय अधीक्षक दीपक चतुर्वेदी की बार काउंसिल के गेट से लेकर अंदर तक पिटाई के बाद पैट हुआ खराब।

3- माननीय बार काउंसिल के सदस्यों की जनवरी माह में हुई थी पिटाई।

4-अन्य अधिवक्ताओं को बार काउंसिल मैं मां बहन की गालियां देते हुए कराई जाती है मारपीट।

5-बार काउंसिल में अपना मुंशी लगाकर मृतक आश्रितों से तथा बाहर से आने वाले नए अधिवक्ता के रजिस्ट्रेशन पर कराई जाती है वसूली।

6- फर्जी ढंग से अधिवक्ताओं को परेशान करने के लिए दाखिल करायी जाती हैं शिकायत फिर की जाती है जमकर वसूली।

7-बार काउंसिल कार्यालय से अपनी अधिवक्ता रजिस्ट्रेशन संख्या 7636/1992 का उठा ले गये पत्रावली।

7-माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद हाई कोर्ट रिट याचिका संख्या 21054/2021 में फर्जी डिग्री धारक के खिलाफ मांगी गयी बार काउंसिल से आख्या ।
8- बार काउंसिल में आने वाले महिला अधिवक्ता को ब्लैकमेल के साथ साथ की जाती है गाली गलौज।

9-कोविड-19 जैसी बीमारी से जूझ रहे अधिक्ताओं के लिए ₹1 नहीं और स्वयं पेट भरने के लिए फर्जी प्रस्ताव पारित कर कई लाख का पचा बैठे हाय बार काउंसिल का धन।

2-बार काउंसिल के अध्यक्ष व सचिव के कारनामे
1-बार काउंसिल अध्यक्ष सचिव से वार्ता में पूछा गया कि फर्जी सदस्य के खिलाफ क्यों नहीं हो रही है कार्रवाई तो उक्त लोगों ने कहा कि किसी भी डिस्प्यूट मामले में नहीं पढ़ना चाहते।

2-बार काउंसिल में मुसियो को लगा कर अवैध वसूली को लेकर पूछने पर बताया गया कि हम कुछ नहीं कर पाएंगे कार्रवाई।

3-बार काउंसिल के गेट पर ही सुबह 9:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक मुंशी रहता है तैयार जिससे मृतक आश्रित हो नए रजिस्ट्रेशन करता हूं को की जाती है वसूली।

4-अगर आम अधिवक्ताओं के साथ शिकायत प्रार्थना पत्र पर जांच हो सकती है तो बार काउंसिल के सदस्यों के साथ क्यों नहीं हो सकती तो उपरोक्त लोगों ने बताया कि यह हम लोगों का पर्सनल मामला है किसी सदस्य के खिलाफ कोई भी वाद नहीं चल सकता बाइलॉज पहुंचने फोन को काट दिया गया।

3- बार काउंसिल उत्तर प्रदेश प्रयागराज अधिवक्ताओं की है मांग।
जैसे आम अधिवक्ताओं के साथ सुनवाई की जाती है वैसे बार काउंसिल के सदस्यों के खिलाफ की जाए सुनवाई।

बार काउंसिल के सारे सदस्यों द्वारा लिए जा रहे ta-da तथा कार्यक्रम को किया जाए ऑनलाइन।

ई-लाइब्रेरी घोटाला पर जल्द की जाए कार्रवाई और अधिवक्ताओं का पैसा कराया जाए बार काउंसिल खाते में जमा।
बार काउंसिल की सुनवाई का जो बाइलाज नीयम 200 किलो मीटर है उसी पर की जाए सुनवाई।

बार काउंसिल कार्यालय में महिला अधिवक्ताओं को रखा जाए जिससे बाहर से नए महिला अधिवक्ता नए रजिस्ट्रेशन के लिए आते हैं उनको ना हो सके कोई सुविधा।

उत्तर प्रदेश के समस्त अधिवक्ता भाइयों बहनों जानिए बार काउंसिल जब से संस्था बनी है तब से पहली बार फर्जी डिग्री लगाकर बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन कराने वाले व्यक्ति/ विष खोपड़ा देवेंद्र मिश्र नगरहा के आने की वजह से पूरी बार काउंसिल हुई बर्बाद माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के आदेश से मची है खलबली कब होती है कार्रवाई चुनाव आने वोट मांगने वाले रिश्तेदार /भाई /बिरादरी इत्यादि देखते हैं।

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