Prashant joshi
30/08/2024
हाय ..धर्म ग्लानि अब देखि न जाई ... बा बा ब्लैक शीप चोलबे ना चोलबे ना
संतों ,
आज मेरी धार्मिक भावनाएं इतनी आहत हो गयी हैं कि अगर आज दुनिया में कहीं भावनाओं का अस्पताल होता तो निश्चित रूप से मैं इस पापी धर्मविरोधी समाज के ठेकेदार द्वारा बनायी गयी हाउसिंग सोसाइटी के एमआईजी फ्लैट को छोड़ कर अपनी भावनाओं सहित अस्पताल के आईसीयू में ही निवास करना पसंद करता ......
कारण ... ?
कारण बताते हुए मेरी छाती भारी पीड़ा से फटी जाती है , नयनों में भरे आंसुओं के कारण लैपटॉप का की बोर्ड धुंधला नजर आता है , चार्जर लगाते हुए हाथ काँप जाते हैं .....कि भगवान ने मुझे ऐसा दारुण दिन देखने का दंड क्यों दिया ? हे भगवान ,इससे अच्छा होता है कि ये धरती फट जाती और मैं अपने सभी फेसबुकिये मित्रों –मित्राणियों सहित धरती में समा जाता .....
पर हाय ...इन दुष्ट ठेकेदारों ने सारे शहर की धरती को कंक्रीट से भर दिया है ,जिसके कारण धरती फट भी नहीं पा रही ...और मैं शर्मिंदा हूँ कि धर्म ग्लानि की इस व्यथायुक्त कथा को लिखने के लिए मैं जिन्दा हूँ ....
संतों , इस दुःख के मूल में यह अधोचेपित खबर है ,जिसके अनुसार लड्डू गोपाल को पब्लिक स्कूल की एलकेजी कक्षा में पढने के लिए विवश कर दिया गया है ....
यह घोर पाप है ,धर्म विरोधी है ...देश करोड़ों सच्चे और कट्टर हिन्दुओं की भावनाओं को जानबूझ कर ठेस पहुँचाने का प्रयास है ....
सभी जानते हैं कि लड्डू गोपाल सनातन धर्म में परम पूजनीय भगवान हैं ... कृष्ण के बालस्वरूप हैं ,जिन्हें किसी अच्छे संस्कृत गुरुकुल में वेदों –संस्कृत की शिक्षा दी जानी चाहिए थी ... लेकिन इन बदमाश विदेशियों की कुसंस्कृति के बहकावे में आकर हमारे लड्डू गोपाल को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में भर्ती कर दिया गया है ..यह निसंदेह किसी विदेशी षड्यंत्र के तहत किया गया होगा ....
सोचये ...जिस लड्डू गोपाल को वेदों की ऋचाएं पढनी थी .... सामवेद का गान करना था ......वे बालकृष्ण अब मलेच्छ भाषा में बा बा ब्लैक शीप और ट्विंकल ट्विंकल लिटिल स्टार जैसे त्याज्य गीतों को पढेंगे ? जिस लड्डू गोपाल को स्वस्तिवाचन –शांति पाठ – देवीकवच- सुन्दरकाण्ड का पाठ सीखना था ,वो इन दुष्ट विदेशियों की तरह टू वन जा टू ...टू टूजा फोर रटने पर विवश होंगे ?
क्या इसी तरह बचेगी हमारी संस्कृति ? क्या इसी तरह होगा हिन्दू धर्म का प्रसार ? क्या ऐसे ही बनेगे हम विश्वगुरु ? क्या इसी तरह बजेगा संसार में हमारी कीर्ति का घंटा ? क्या कृष्णराज को बाईपास करके रामराज का निर्माण हो सकता है ?
इन सभी सवालों का जबाब है – कदापि नहीं कदापि नहीं कदापि नहीं ...
अतः हे संतों , हम सभी को लड्डू गोपाल को विदेशी संस्कृति के पाश से मुक्त करने लिए “लड्डू गोपाल मुक्ति मोर्चा आन्दोलन” शुरू करना ही होगा ..इसमें जरा भी देर की तो वो दिन दूर नहीं जब बाल रामलला , कुमार कार्तिकेय , बाल गणेश , बाल भैरव सहित सभी बाल देवता –भगवान ही वेदमंत्र भूल कर बा बा ब्लैक शीप गाते फिरेंगे .... और जब भगवान ही बा बा ब्लैक शीप गायेंगे तो हम भक्तों को राह कौन दिखायेगा ? हमें तो नेटफ्लिक्स पर अंग्रेजी सीरियल देख कर ही जीवन गुजारना पड़ेगा फिर ......
लड्डू गोपाल को गुरुकुल में भर्ती करो भर्ती करो
बा बा ब्लैक शीप चोलबे ना चोलबे ना
मुकेश प्रसाद बहुगुणा
ये लोग जो होटल में सैलेड-सैलेड बोलते हैं ना.. घर पर बोलते हैं कि
थोड़ा टमाटर-ककड़ी काट के दे दो ना..
और किचन से आवाज आती है फ्रिज में रखा है खुद काट लो🤪🤣🤣🤣
हद तो तब हो गई जब आज एक दोस्त को पेमेंट के लिए फ़ोन लगाया.. तो बोला.. अब तो आचार संहिता लग गई है😁🤣
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