Health tips
14/02/2023
गाय या फिर भैंस? जानिए किसका घी सेहत के लिए फायदेमंद, मिलते हैं ये जबरदस्त लाभ...
घी (संस्कृत : घृत), एक विशेष प्रकार का मक्खन है जो भारतीय उपमहाद्वीप में प्राचीन काल से भोजन के एक अवयव के रूप में प्रयुक्त होता रहा है। भारतीय भोजन में खाद्य तेल के स्थान पर भी प्रयुक्त होता है। यह दूध के मक्खन व मलाई से बनाया जाता है। दक्षिण एशिया एवं मध्य पूर्व के भोजन में यह एक महत्वपूर्ण अवयव है।
घी वसा पदार्थ है, जो गाय, भैंस आदि के दूध से बनाया जाता है। बकरी और भेड़ के दूध से भी घी बनाया जा सकता है, पर ऐसा दूध कम मिलता है। इस कारण इससे घी नहीं बनाया जाता। दूध से पहले मक्खन और फिर मक्खन से घी बनाया जाता है। घी बनाने की देशी रीति दूध का दही जमाकर, उसकी मलाई को मथकर घी निकालने की है। भारत, अन्य ऐशियाई देशों तथा मिस्र में केवल दो प्रति शत मक्खन मक्खन के रूप में व्यवहृत होता है। शेष ६८ प्रतिशत मक्खन से घी बनाया जाता है।
घी का उपयोग भारत में वैदिक काल के पूर्व से होता आ रहा है। पूजा पाठ मे घी का उपयोग अनिवार्य है। अनेक ओषधियों के निर्माण में घी काम आता है। घी, विशेषत: पुराना घी, यहाँ आयुर्वेदिक चिकित्सा में दवा के रूप में भी व्यवहृत होता है। मक्खन और घी मानव आहार के अत्यावश्यक अंग हैं। इनसे आहार में पौष्टिकता और गरिष्ठता आती है ओर भार की दृष्टि से सर्वाधिक ऊर्जा उत्पन्न होती है।
घी का प्राचीन काल से ही पारंपरिक और आर्थिक दोनों महत्व है, आयुर्वेद में शताधौत घृत जैसी कई सामयिक औषधियों को बनाने के लिए गाय के शुद्ध घी का उपयोग किया जाता है। यह विभिन्न आयुर्वेदिक मालिश और उपचारों में उपयोग किए जाने वाले त्वचा देखभाल उपचार के लिए बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाता है।[1]
संसार के प्राय: सभी देशों में मक्खन और घी उत्पन्न होते और व्यवहार में आते हैं। देश की समृद्धि वस्तुत: मक्खन और घी की खपत से आँकी जाती है। आजकल ऐसा कहा जाने लगा है कि मक्खन और घी के अत्यधिक उपयोग से हृदय के रोग होते हैं। ऐसे कथन का प्रमाण यह दिया जाता है कि जिस देश में मक्खन और घी का अधिक उपयोग होता है, वहीं के लोग हृदयरोग से अधिक संख्या में आक्रांत होते पाऐ गए हैं।
मक्खन बहुत दिनों तक नहीं टिकता। उसका किण्वन होकर वह पूतिगंधी हो जाता है; पर घी यदि पूर्णतया सूखा है तो बहुत दिनों तक टिकता है। घी के स्वाद और गंध ग्राह्य होते हैं। यह जल्द पचता भी है। घी में विटामिन "ए', विटामिन "डी' और विटामिन "ई' रहते हैं। विटामिनों की मात्रा सब ऋतुओं में एक सी नहीं रहती। जब पशुओं को हरी घास अधिक मिलती है तब, अर्थात् बरसात और जाड़े के घी, में, विटामिन की मात्रा बढ़ जाती है।
घी के विशेष प्रकार की गंध होती है, जो दूध में नहीं होती। यह गंध किण्वन और आक्सीकरण के करण 'डाइऐसीटिल' नामक कार्बानिक यौगिक बनने के कारण उत्पन्न होती है।
अम्लों के नाम गाय भैंस
ब्यूटिरिक - २.६-४.४ ४.१-४.३
कैप्रॉइक १.४-२.२ १.३-१.४
कैप्रिलिक ०.८-२.४ ०.४-०.९
कैप्रिक १.८-३.८ १.७
लौरिक २.२-४.३ २.८-३.०
मिरिस्टिक ५.८-१२.९ ७.३-१०.१
पामिटिक २१.८-३१.३ २६.१-३१.१
स्टीएरिक ०.०-१.० ०.९-३.३
ओलिइक २८.६-४१.३ ३३.२-३५.८
Benefits of Ghee: आज हम आपके लिए घी के फायदे लेकर आए हैं. अगर आप घी खाने के शौकनी हैं तो आपके मन में एक सवाल जरूर आता होगा कि 'आखिर सबसे ज्यादा फायदेमंद घी गाय का है या फिर फैंस का' ? आपके इसी सवाल का जवाब हम इस खबर में लेकर आए हैं. घी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है. ये शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए बेहतर माना जाता है.
क्या कहते हैं न्यूट्रीशनिस्ट
ओनली माय हेल्थ में छपी खबर के अनुसार, न्यूट्रीशनिस्ट हिमांशु राय बताते हैं कि आमतौर पर गाय का घी और भैंस का घी दोनों ही अच्छे होते हैं, लेकिन गाय के घी के सेवन से सेहत को ज्यादा और बेहतर फायदे मिलते हैं. गाय के घी में विटामिन ए, विटामिन डी और के, कैल्शियम, मिनरल्स, पोटैशियम और फॉस्फोरस के साथ ही एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है, इतना ही नहीं गाय के घी में ओमेगा 9 फैटी एसिड भी होता है.
भैंस और गाय के घी में अंतर (Difference Between Buffalo ghee or cow ghee)
भैंस के घी में गाय के घी की तुलना में अधिक वसा यानी फैट होता है. इसलिए भैंस का घी वजन बढ़ाने के लिए बेहतर होता है, जबकि गाय के घी में वसा की मात्रा कम होने के कारण वजन घटाने के लिए उपयोगी होता है.
गाय के घी में विटामिन ए की अधिकता होती है, जिसके काऱण इसका रंग पीला होता है, जबकि भैंस का घी सफेद रंग का होता है.
आयुर्वेदिक औषधियों में भैंस के घी की तुलना में गाय के घी को आंखों की रोशनी के लिए लाभकारी माना गया है.
गाय के घी के फायदे (Health Benefits of Cow Ghee)
वजन कम करने में मददगार
आंखों के लिए लाभकारी
पेट की गर्मी को शांत करने में मददगार
इम्युनिटी बूस्ट करने में मददगार
माइग्रेन या सिरदर्द की समस्या से राहत
शरीर से विषैले तत्वों को बाहर करता है
भैंस के घी के फायदे (Buffalo Ghee Health Benefits)
वजन बढ़ाने में मददगार
इसके सेवन से हड्डियां और मसल्स मजबूत बनती हैं.
मानसिक रोगों को दूर करने में लाभकारी.
याद्दाश्त में वृद्धि करता है भैंस का दूध.
यह वात दोष को संतुलित करता है.
पाचन संबंधी विकारों को दूर करता है.
घी खाने के नियमों के बारे में क्या कहता है आयुर्वेद, आप भी जानें
घी सेहत के लिए कितना फायदेमंद है शायद इसके बारे में हर कोई जानता होगा। यह एक ऐसा खाद्य पदार्थ है जो दोनों तरह से शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है यानि इसे खाने या शरीर में लगाने से फायदे ही मिलते हैं। कई महिलाएं भोजन का स्वाद बढ़ाने के हर दिन इसे भोजन में शामिल करती हैं, तो कई महिलाएं वजन बढ़ने के डर से बहुत कम भी भोजन में शामिल करती हैं। आयुर्वेद में तो घी को अमृत समान माना जाता है क्योंकि, आज भी कई बीमारियों को दूर करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। लेकिन, वहीं आयुर्वेद, घी खाने के नियमों में भी कुछ बातें ध्यान देने की करता है। घी को किस तरह भोजन में शामिल करना चाहिए, तो आइए जानते हैं।
गर्म चीजों के साथ करें सेवन
शायद आपने ध्यान दिया होगा कि कई लोग ठंडे भोजन को गर्म करके ऊपर से घी डालकर सेवन करते हैं बल्कि, ऐसा करने से बचाना चाहिए। यानि ठंडे भोजन को गर्म करके घी को शामिल नहीं करना चाहिए। डॉक्टर वारा लक्ष्मी के अनुसार गरमा-गरम भोजन में ही घी को शामिल करके सेवन करना चाहिए। उनके अनुसार गरमा-गरम चावल और चपाती के ऊपर डालकर सेवन करना सेहत के लिए सही हो सकता है। इसलिए आप भी गरमा-गरम भोजन में ही घी को शामिल करें।
सुबह में करें सेवन
घी को सिर्फ चावल, दाल, रोटी आदि भोजन में शामिल करने से ही फायदा नहीं मिलता है बल्कि, इसके पानी में मिक्स करके पीने से भी शरीर को बहुत सारे फायदे मिल सकते हैं। डॉक्टर वारा लक्ष्मी के अनुसार सेहत को दुरुस्त रखने के लिए सुबह-सुबह एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच घी मिक्स करके पीने से कई लाभ मिल सकते हैं। (देसी गाय के फायदे) उनके अनुसार, भूख ना लगने की कमी को दूर करने के लिए यह एक बेस्ट आदत हो सकती है।
सोने से पहले इस तरह करें घी का इस्तेमाल
घी को आप सोने से पहले यानि डिनर के अलावा भी सेहत को दुरुस्त रखने के लिए इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए डॉक्टर लक्ष्मी का सुझाव है कि सोने से पहले एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच घी को मिक्स करके सेवन कर सकती हैं। इसके अलावा गर्म दूध में भी आधा से एक चम्मच घी को मिक्स करके पी सकते हैं। हालांकि, आगे वो कहती है कि दिन भर में एक से दो चम्मच से अधिक घी का सेवन करने से बचना चाहिए।
Ghee Benefits: किस तरह का घी खाने से बढ़ता है गुड कोलेस्ट्रॉल? आयुर्वेद एक्सपर्ट ने बताई हकीकत
Ghee And Cholesterol:
कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को खाने-पीने में बेहद सावधानी बरतनी चाहिए. घी को लेकर लोगों के दिमाग में कई गलतफहमियां हैं, जिनके बारे में हकीकत जानना जरूरी है. क्या घी खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है? आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार गाय के घी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों में मिलाकर भी किया जाता है. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो दवाइयों के साथ मिलकर लोगों को स्वस्थ बना देते हैं. गाय का घी खाने से वात और पित्त की समस्या दूर होती है और भूख बढ़ जाती है. आयुर्वेद एक्सपर्ट से और जान लीजिए.
How Ghee Beneficial To Control Cholesterol:
कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे लोगों के दिमाग में यह सवाल घूमता रहता है कि घी (Ghee) का सेवन करना फायदेमंद होता है या नुकसानदायक? अक्सर कहा जाता है कि घी खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) की मात्रा बढ़ती है और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम हो जाता है. सबसे पहले तो यह जानना जरूरी है कि शरीर में जब गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तो बैड कोलेस्ट्रॉल अपने आप कम हो जाता है. HDL बढ़ने से कोलेस्ट्रॉल लेवल कंट्रोल रहता है और लोगों को परेशानी नहीं होती. आज आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानेंगे कि क्या वाकई घी का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल पर कुछ असर होता है? यह भी जानेंगे कि लोगों को एक दिन में कितना घी खाना चाहिए.
क्या Cholesterol कंट्रोल करता है घी?
प्रेम रघु आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज (यूपी) के असिस्टेंट प्रोफेसर और आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. अभिनव राज के मुताबिक आयुर्वेद में गाय के दूध से बना घी स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. गाय के दूध का घी खाने से शरीर में वात और पित्त की समस्या कम होती है. इससे शरीर की फंक्शनिंग बेहतर होती है और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) की मात्रा बढ़ जाती है. गाय के दूध से बने घी में ओमेगा 3 फैटी एसिड और एचडीएल की मात्रा पाई जाती है, जिससे गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है. हाई कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को रोज़ 10 से 30 ग्राम गाय के घी का सेवन करना चाहिए. आयुर्वेद में सभी लोगों के लिए घी खाना फायदेमंद बताया गया है.
किस तरह का घी खाना नुकसानदायक?
गाय के दूध से बना घी खाने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है. यह स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन भैंस के दूध से बना घी कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. स्वस्थ और दुबले पतले लोग भैंस के दूध से बने घी का सेवन कर सकते हैं, लेकिन किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए गाय का घी सबसे बढ़िया माना जाता है. खासतौर से कोलेस्ट्रॉल के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए. उन्हें सिर्फ गाय के दूध से बना घी खाना चाहिए.
कई दवाओं में किया जाता है इस्तेमाल
आयुर्वेद एक्सपर्ट के अनुसार गाय के घी का इस्तेमाल आयुर्वेदिक दवाइयों में मिलाकर भी किया जाता है. इसमें कई ऐसे गुण होते हैं, जो दवाइयों के साथ मिलकर लोगों को स्वस्थ बना देते हैं. गाय का घी खाने से वात और पित्त की समस्या दूर होती है और भूख बढ़ जाती है. इससे शरीर की फंक्शनिंग भी बेहतर होती है और ड्राइनेस की समस्या दूर हो जाती है. घी में सेंधा नमक मिलाकर खाने से स्किन को कई फायदे होते हैं और इम्यूनिटी मजबूत हो जाती है. हालांकि इसका सेवन एक निश्चित मात्रा में करना चाहिए. अत्यधिक सेवन नुकसानदायक होता है.
-beauty&HealthX
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