Mohan chodhary
22/09/2020
मंडी में किसान अपना माल फैला कर एक कोने में हाथ बांध कर मज़दूरों की तरह बैठ जाता है।
और बार-बार मंडी के दलाल से विनती करता रहता है कि साहब मेरे माल की भी बोली लगवा दो।
दलाल:- रुक जा , देख नही रहा, कितने लोग है लाइन में।
किसान: चुपचाप एक कोने में फिर बैठ जाता है, और थोड़ी देर में फिर दलाल के पास जाकर बोलता है, साहब अब तो देख लो।
तभी दलाल किसान पर एहसान जताते हुए आता है और एक मुठी अनाज अपने हाथ मे लेकर बोलता है, उफ्फ इस बार फिर सी ग्रेड का माल ले आया।
किसान :- जो भी है साहब ये ही है।
दलाल:- ठीक है अभी देखता हूँ ,50 रुपये सस्ते में जायेगा पर ये माल।
किसान:- जैसा भी आप सही समझो साहब।
थोड़ी देर में दलाल आता है और उसका माल उठवाता है।
दलाल:- कुल 18 क्विंटल माल बैठा है।
किसान:- पर साहब घर से तो 20 क्विंटल तोल कर लाया था।
दलाल:- तेरे सामने ही तो तोला है, मैं थोड़े ही खा गया 2 क्विंटल माल। बता पैसे अभी लेगा या बाद में लेकर जाएगा।
किसान:- अभी दे दो साहब ,घर मे बहुत जरूरत है।
दलाल:- पैसे गिनते हुए,इसमे 5% कमिशन कट गया, 9% मंडी का टैक्स।
200 रुपए सफाई वाली के, 1000 रुपये बेलदार के।
200 रुपये चौकीदार भी मांगेंगे।
500 रुपये की तुलाई लग गई।
ये ले भाई तेरा सारा हिसाब लगा कर इतना बनता है।
किसान:- हाथों में नोटो को दबा कर घर जाकर, जब हिसाब लगता है, तो पता चला, सब कट पिट कर कुल 15 क्विंटल के माल का पैसा ही हाथ लगा।
बाकी 5 क्विंटल कहाँ गया?
बस जितनी भी आज राज्य सभा मे आपने हाथापाई देखी।
जितना भी विरोध आप सड़को पर किसान बिल 2020 के लिए देख रहे हो।
ये सब उसी 5 क्विंटल के लिए हो रहा है।
वार्ना बाकी सब ऐसे ही चलेगा।
बिचौलियों के लिए अभी भी रास्ता खुला है, बस वो अपनी मनमर्जी नही कर पाएंगे किसानों पर।
क्योंकि सरकार ने किसानों के लिए एक अलग रास्ता और दे दिया है, जिसमे किसान बिचौलियों के पास न जाकर, सीधे ग्राहक कंपनी तक पहुंच सकता है।
दुःख बस इन 5 क्विंटल वालो को ही हो रहा है।
वार्ना, किसानों को कुल मिला कर कोई हानि नही है।
11/09/2020
प्रखर राष्ट्रवादी, श्रेष्ठ संगठक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक, करोड़ों युवाओं के प्रेरणास्रोत आदरणीय मोहन भागवत जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
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