The Real Lecture
S.I.R में विलीन सरकारी शिक्षकों को समर्पित हरियाणवी कविता..
इतना करड़ा काम दे दिया,जो सिरै चढाणा मुश्किल था।।
इन मास्टरां बिन एस. आई. आर.,पार लगाणा मुश्किल था।।
एक महीना होलिया पूरा,नहाणा खाणा छूट गया
सोलां घंटे काम करया, आराम फरमाणा छूट गया
सारी छुटी गई ऊपर कै, किते आणा जाणा छूट गया
रेते के मा रूलग्ये बच्चे, पढ़णा पढ़ाणा छूट गया
बालक पूछै कड़ै जाया करो,उनतै समझाणा मुश्किल था।।
इन मास्टरां बिन एस. आई. आर.,पार लगाणा मुश्किल था।।
इस जीरी के सीजन मै भाई, लोग सवेरे जाल्यें थे
मास्टर जी भी घणे कसुते, छह तैं पहल्या आल्यें थे
दोनू फॉर्म आप्पे भरकै , ऊपर फोटू लाल्यें थे
गूंट्ठे दस्तखत करवा कै नै, बिल्कुल त्यार बणाल्यें थे
आग्गै लिकड़ ग्या जुणसा एक बै,वो फेर हिथाणा मुश्किल था।।
इन मास्टरां बिन एस. आई. आर.,पार लगाणा मुश्किल था।।
हज़ार फार्म हाथ तै भरणे, ना खाला जी का बाड़ा था
करकै त्यार अपलोड करणे,, यो भी दूणा ध्याड़ा था
कदे मीटिंग कदे ए एस डी, रोज का नया पुवाड़ा था
फोटू मिलज्या तै आधार रहग्या, होया जान नै खाड़ा था
बुढ़िया पेटी खोल्ये बैठी, कागज पाणा मुश्किल था।।
इन मास्टरां बिन एस. आई. आर.,पार लगाणा मुश्किल था।।
इस एस आई आर के फायदे घणे सै,ना फर्जी वोट पावैगा
माता-पिता और जन्मतिथि का सही सही डाटा जावैगा,
जुणसा जारया वोट टूटकै, ठीक ठिकाणै आवैगा
कोए घुसपैठिया लुह्करया हो , एस आई आर तै थ्याहवैगा
जोरा सिंह कह दोपहरी मै कोए सूत्या ठाणा मुश्किल था।।
इन मास्टरां बिन एस. आई. आर.,पार लगाणा मुश्किल था।।
02/12/2023
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