Ajit Kumar pal
Janakpur Dham: The Sacred Birthplace of Goddess Sita.
,मिथिला का गौरव: जानकी मंदिरत्रेतायुग की बात है। मिथिलांचल के राजा सीरध्वज जनक के राज्य में भयानक अकाल पड़ा। ऋषियों की सलाह पर राजा जनक ने स्वयं खेत में हल चलाना शुरू किया। हल चलाते समय उनका हल एक सोने के घड़े से टकराया। जब उस घड़े को निकाला गया, तो उसमें एक परम सुंदरी कन्या मुस्कुरा रही थी। हल के अग्रभाग को 'सीत' कहा जाता है, इसलिए उस दिव्य बच्ची का नाम 'सीता' रखा गया।वही जनकपुर आज नेपाल में स्थित है, जहाँ भव्य जानकी मंदिर खड़ा है।इस मंदिर के बनने की कहानी भी बहुत चमत्कारी है। सत्रहवीं शताब्दी में, स्वामी सूरकिशोरदास नाम के एक महान संत को इसी पावन धरती पर माता सीता की एक सुनहरी मूर्ति मिली थी। उन्होंने यहीं रहकर माता की भक्ति शुरू की।सालों बाद, भारत के टीकमगढ़ की महारानी वृषभानु कुँवरी संतान प्राप्ति की कामना लेकर यहाँ आईं। माता सीता के आशीर्वाद से उनकी यह इच्छा पूरी हो गई। कृतज्ञता और अटूट श्रद्धा में आकर महारानी ने ठीक उसी स्थान पर एक भव्य मंदिर बनाने का संकल्प लिया, जहाँ माता सीता का बचपन बीता था।सन् 1894 में इस मंदिर का निर्माण शुरू हुआ और इसे बनने में पूरे 12 साल लगे। उस ज़माने में इस मंदिर को बनाने में9 लाख रुपये की भारी लागत आई थी, इसलिए स्थानीय लोग आज भी इसे 'नौलखा मंदिर' कहते हैं। सफ़ेद संगमरमर और राजपूत वास्तुकला से बना यह मंदिर आज भी दुनिया भर के भक्तों को त्रेतायुग की पावन यादों और अटूट शांति का अहसास कराता है।
MOUNTAIN CABIN - NIGHTA heavy downpour slams against a remote, rustic log cabin. Thunder rattles the frame.The wind howls, drowning out almost all other ambient sound.Suddenly, a blinding flash of lightning illuminates a deep set of muddy footprints leading directly to the front door. The door sits slightly ajar.INT. MOUNTAIN CABIN - CONTINUOUSDarkness. Only the rhythmic flash of storm
Didi
उम्र 55 💞 बचपन
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