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29/06/2026

Aameen

29/06/2026

हज़रत अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने 10 साल तक नबी ﷺ की ख़िदमत की।

जब उनकी वालिदा उन्हें रसूलुल्लाह ﷺ के पास लेकर आईं, तब वह एक छोटे बच्चे थे।

पूरे दस साल तक वह नबी ﷺ की सेवा में रहे।

हज़रत अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) फरमाते हैं:

"नबी ﷺ ने कभी मुझे 'उफ़' तक नहीं कहा। न किसी काम के बारे में यह कहा कि 'तुमने ऐसा क्यों किया?' और न किसी छोड़े हुए काम के बारे में कहा कि 'तुमने यह क्यों नहीं किया?'"

📖 सहीह अल-बुख़ारी: 6038

ज़रा सोचिए...

पूरे दस साल।

न एक कठोर शब्द।
न एक अपमान।
न एक डाँट।

सिर्फ़ रहमत।
सिर्फ़ सब्र।
सिर्फ़ बेहतरीन अख़लाक़।

इन दस सालों के बाद, नबी ﷺ ने हज़रत अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) के लिए दुआ की:

"ऐ अल्लाह! इनके माल और औलाद में बढ़ोतरी फ़रमा और जो कुछ तूने इन्हें दिया है उसमें बरकत अता फ़रमा।"

📖 सहीह अल-बुख़ारी: 1982
📖 सहीह मुस्लिम: 2480

और अल्लाह ने इस दुआ को क़बूल फ़रमा लिया।

हज़रत अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) को बहुत माल मिला।

उन्हें बहुत-सी औलाद मिली।

और वह सौ साल से अधिक उम्र तक ज़िन्दा रहे।

नबी ﷺ की दुआ की बरकत पूरी ज़िन्दगी उनके साथ रही।

लेकिन एक पल रुककर सोचिए...

हज़रत अनस (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने नबी ﷺ की सेवा दौलत पाने के लिए नहीं की थी।

उन्होंने यह ख़िदमत सिर्फ़ सच्ची नीयत और मोहब्बत से की थी।

उन्होंने अपना वक़्त दिया।
उन्होंने अपनी मेहनत दी।
उन्होंने अपनी वफ़ादारी दी।

और अल्लाह ने उन्हें ऐसे इनाम दिए, जिनकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी।

इस घटना से हमें यह सबक मिलता है कि दुनिया के पीछे भागना मक़सद नहीं है।

बल्कि सच्ची नीयत, अच्छा अख़लाक़ और अल्लाह की ख़ातिर की गई सेवा कभी बेकार नहीं जाती।

अल्लाह हर क़ुर्बानी को देखता है।

अल्लाह हर सच्चे अमल को याद रखता है।

और अल्लाह ऐसे तरीक़ों से इनाम देता है, जिनकी इंसान उम्मीद भी नहीं कर सकता।

जिस अल्लाह ने मदीना में इस दुआ को क़बूल किया था, वही अल्लाह आज भी है।

इसलिए उससे दुआ कीजिए।

उस पर भरोसा रखिए।

और कभी यह मत सोचिए कि आपकी सच्ची कोशिशें आपके रब से छिपी हुई हैं।

اللَّهُمَّ أَكْثِرْ مَالَهُ وَوَلَدَهُ وَبَارِكْ لَهُ فِيمَا أَعْطَيْتَهُ

अल्लाहुम्मा अक्थिर मालहू व वलदहू व बारिक लहू फीमा अ'तैतह।

"ऐ अल्लाह! इनके माल और औलाद में बढ़ोतरी फ़रमा और जो कुछ तूने इन्हें दिया है उसमें बरकत अता फ़रमा।"

28/06/2026

ब्रिटिश गायक और संगीत निर्माता हैरी टैप ने आधिकारिक तौर पर इस्लाम कबूल करने की घोषणा की है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में अपनी खुशी और भावनाएं साझा करते हुए कहा:

"हाँ, मैं मुसलमान हूँ, अल्हम्दुलिल्लाह। शायद एक दिन मैं इस्लाम अपनाने की अपनी पूरी कहानी भी साझा करूँगा। लेकिन फिलहाल, मुझे सभी लोगों से मिले प्यार, दुआओं और समर्थन के लिए दिल से शुक्रगुज़ार हूँ। यह सफर मेरे लिए बेहद खूबसूरत रहा है और मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरी ज़िन्दगी में ऐसा दिन भी आएगा।"

हैरी टैप के इस फैसले के बाद दुनिया भर के मुसलमानों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके लिए हिदायत, इस्तिकामत और कामयाबी की दुआ की। 🤍☪️

28/06/2026

Beshak ❤️

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