Entertainment

Entertainment

Share

05/10/2025

Baap Baap hota hai...

09/07/2025

श्रीमद्भगवद्गीता – अध्याय 1 : अर्जुन का विषाद योग

🌿 श्लोक 1.1:

धृतराष्ट्र उवाच —
धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।
मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥

🔍 अर्थ:
धृतराष्ट्र ने संजय से पूछा – हे संजय! धर्मभूमि कुरुक्षेत्र में युद्ध की इच्छा से एकत्र हुए मेरे पुत्रों और पांडवों ने क्या किया?

🧠 सीख:

यह श्लोक सिर्फ युद्ध की शुरुआत नहीं, धर्म और अधर्म के बीच संघर्ष की भूमिका है।

धृतराष्ट्र का दृष्टिकोण स्पष्ट करता है कि वह पक्षपाती है – वह "मेरे" और "पांडव" कहता है।

जीवन में जब हम खुद को निष्पक्ष नहीं रखते, तब हम भी धृतराष्ट्र की तरह निर्णय में गलती करते हैं।

Want your establishment to be the top-listed Arts & Entertainment in Satna?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Website

Address


Satna
400001