Mainbiharhoon
23/07/2020
मन्नीपुर मंदिर
आस्था ऐसी की सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करना भी कम लगता है। विश्वास ऐसा कि कण-कण में मां भगवती का दर्शन होता है। दूर दराज से आये श्रद्धालु अपनी मन्नतें व उसके पूरे होने का जिक्र एक-दूसरे से कर रहे थे।
स्थानीय लोगों के अलावा यहां दूसरे प्रदेशों से भी श्रद्घालु आकर अपनी मन्नत मांगते हैं। मन्नतें पूरा होने पर वे मां भगवती के दरबार में पुन: हाजिरी लगाते हैं। नवमी के दिन मां भगवती की खोईंछा भरने का अपना अलग ही महत्व है। इसलिए कतारबद्ध महिलाएं इसके लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे थे। यहां शुरू से ही बलि प्रथा नहीं है। सिर्फ फूल और अक्षत देकर छागर को छोड़ दिया जाता है।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Samastipur