Jain Meditation
05/01/2026
"भीतर की आराधना-ध्यान से अद्भुत शक्ति जागृत होती है; घंटों ध्यान से दिव्य अनुभूति होती है।" आचार्य कलापूर्ण
04/01/2026
ध्यान काल के चरमसुख में दिगंबर,श्वेतांबर अर्थात सभी पथ, संत, मत, धर्म, जाति भेद आदी सब कुछ धूमिल हो जाता है, बचता है सिर्फ सिद्ध बुद्ध मुक्त चैतन्य स्वरूप आत्मा, जिसे जिन भी कहते हैं l
इसलिए क्रिया कांड के साथ ध्यान को सबसे अधिक मह्त्व दो l क्यूंकि ध्यान के जुड़ने से क्रियाकांड अधिक फलदायी होते हैं l
इस तनाव पूर्ण जीवन में ध्यान का अभ्यास नियमित रूप से करे, यह जैन ध्यान की पद्धतियां बहुत ही सरल और सम्यक है l
अगर ध्यान सीखना है तो Instagram पर डायरेक्ट मेसेज करिये,जितने अधिक लोग होंगे उस हिसाब से आपके क्षेत्र में शिविर लगाएंगे l
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