Sandeep Rewari INSO
19/09/2025
मस्त फकीर थे चौ० देवीलाल
चौ० देवीलाल के असाधारण व्यक्तित्व व जननायक के अनुरूप करता उतना ही लाजवाब उनका पहनावा और रहन-सहन था। उनके व्यक्तित्व की गहरी पैठ थी। उन्होंने अपने जीवनकाल में लोगों के बीच में बैठकर हुक्का पीना, उनकी दुख-गामी में शामिल होना, उन्हें एक विशेष खूबी बनाती थी। उनके मन में अभी तक स्वर आज भी इंटरनेट व टीवी स्क्रीन पर उनके एक खुशनुमा जीवन और लोगों से उनके जुड़ाव और बेफिक्र अंदाज का ताजा चित्र जीवित है।
किसानों ने चौ० देवीलाल को जीवित ही देवता मानकर पूजा। चौ० देवीलाल आज भी किसानों के क्रांतिकारी व अग्रणी आंदोलन के लिए विशेष तौर पर याद किए जाते हैं। उनके संघर्षों ने किसानों को न सिर्फ हक दिलवाया बल्कि विशेषकर हरियाणा के किसानों को एक नई प्रेरणा दी। वे अपने जीवन भर किसानों व मजदूरों के हक के लिए लड़ते रहे।
संयुक्त पंजाब की राजनीति का नेतृत्व संभालते हुए चौ० देवीलाल देश के उपप्रधानमंत्री रहे। उनकी प्रशासनिक दृष्टि से लेकर बच्चों तक के सभी वर्ग शामिल थे। जब चौ० देवीलाल देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने किसानों व मजदूरों के हितों पर ध्यान दिया।
चौ० देवीलाल द्वारा बाग की हुई जमीन पर ही वह घर उनकी सादगी व सरलता का प्रतीक है। उन्होंने गरीबों व मजदूरों को अपनी नीति का केंद्र बनाया।
गांव बड़ौली और उनके पैतृक गांव टेहरा, जिला सिरसा की जमीन से जुड़े रहकर चौ० देवीलाल ने हर वर्ग से गहरा संबंध बनाए रखा।
उन्होंने अंतिम समय तक बड़े पूंजीपतियों व शोषण करने वालों के विरुद्ध संघर्ष किया।
दुष्यंत चौटाला का दौर सुनहरा होगा,
हर गली, हर चौपाल पर उनका नारा गूंजेगा.
HAU के VC ने हर हद पार कर दी है और छात्रों के लोकतांत्रिक व मौलिक अधिकारों को बर्बरता से कुचला है। ऐसी तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। VC को तुरंत हटाया जाना चाहिए।
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