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पढ़िए, पूजा सिंघल की बेटी आयुषी की सफलता कहानी उन्हीं की जुवानी
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खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकदीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है…अल्लामा इकबाल की इस पंक्ति को आज चरितार्थ किया है झारखंड की सस्सपेंडेड IAS पूजा सिंघल की बेटी आयुषी पुरवार ने।
आयुषी ने CBSE की ओर से जारी 12वीं (ARTS) के रिजल्ट में 97.6% अंक हासिल किया है। ये नंबर खाली प्रमाण पत्र के कागजों पर दर्ज एक अंक नहीं है। ये जज्बा है एक बेटी का। जिसकी राह में असंख्य कांटे और रोड़े आए, लेकिन वो अपने लक्ष्य से नहीं डिगी नहीं।
जब आयुषी अपने जीवन की सबसे बड़ी परीक्षा के लिए निकलने की तैयारी कर रही थी ठीक उसी वक्त उनकी मां पर सबसे बड़ी जांच ED की शुरू हुई। उस लड़की की हिम्मत देखिए उसी एग्जाम में वो शत-प्रतिशत नंबर प्राप्त की।
आगे की कहानी उसी साहसी लड़की आयुषी पुरवार की जुवानी पढ़िए ..
6 मई से मेरी परीक्षा शुरू होने वाली थी। 8 बजे परीक्षा के लिए निकलना था। इसलिए 6 बजे ही जग गई थी। अचानक घर में ED के अधिकारी आ धमके और रेड करने लगे। मैं घबरा गई। मां मुझे मेरे कमरे में ले आई। पीठ पर हाथ रखकर बोली इन सब चीजों से घबराना नहीं है। तुम्हें अपनी पढ़ाई और अपनी परीक्षा पर फोकस करना है। मैं भी बस परीक्षा पर ध्यान देने लगी।
पहले दिन समाजशास्त्र की परीक्षा थी। मेरे घर में रेड चल रही है किसी को पता नहीं था। किसी ने कुछ टोका भी नहीं। शांति से परीक्षा दी और घर आ गई। घर पर रेड जारी थी। ED वालों ने मुझे जरा सा परेशान नहीं किया। मुझे एक कमरा अलॉट किया गया था। मैं शांति से अपने कमरे में आ गई। अपने परीक्षा पर ध्यान देने लगी।
दूसरे पेपर तक शहर के अखबार, न्यूज चैनल मेरी मां की खबरों से रंगे हुए थे। सभी में लगभग निगेटिव खबरें ही थी। हर कोई अपने-अपने सवाल दागने लगे। मेरे पास और साथ वाले भी मुझसे सवाल पूछने लगे। मैं घबराने के बजाए मजबूत होने लगी। इसमें मेरी मां जो उस समय सबसे ज्यादा परेशान थी।
आज जब मैं सफल हुई हूं। तब सबसे ज्यादा अपनी मां को मिस कर रही हूं। 10 के रिजल्ट के दौरान मैं मां से चिपक गई थी। वो मेरे साथ थी। आज खुशियां साझा करने के लिए मेरी मां मेरे पास नहीं है। मैं उन्हें अपनी कामयाबी की सूचना भी नहीं दे सकती।
आगे अभी तय नहीं की हूं कि क्या बनना है फिलहाल तो पॉलिटिकल साइंस या साइकोलॉजी विषय से ऑनर्स करूंगी। दिल्ली, मुंबई और बेगलुरु के कॉलेजों में एडमिशन के लिए आवेदन दी हूं।
टीम- ग्राउंड जीरो
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