AIIMS Raebareli
01/06/2026
To mark World No To***co Day (May 31), the Department of Community Medicine and Public Health at the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Raebareli, organized a public awareness walkathon on May 30, 2026, at 8:00 AM at the Degree College Crossing in the Raebareli area. During the event, people were sensitized to the adverse effects of to***co and ni****ne addiction, and a message advocating for a to***co-free society was conveyed.
The walkathon was flagged off by the Executive Director of AIIMS Raebareli, Prof. Dr. Amita Jain. On this occasion, she urged the youth and the general public to stay away from to***co and ni****ne addiction, placing special emphasis on the need for firm resolve, sustained effort, and the adoption of a healthy lifestyle to quit to***co.
Representing the District Administration, the City Magistrate attended the event as the Chief Guest. Faculty members, resident doctors, nursing officers, departmental staff, employees, students, and members of the general public from AIIMS Raebareli participated enthusiastically in the walkathon.
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एम्स रायबरेली द्वारा जनजागरूकता वॉकाथॉन आयोजित
विश्व तंबाकू निषेध दिवस (31 मई) के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) रायबरेली के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा दिनांक 30 मई 2026 को प्रातः 8 बजे डिग्री कॉलेज चौराहा, रायबरेली क्षेत्र में जनजागरूकता वॉकाथॉन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तंबाकू एवं निकोटीन की लत के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया तथा तंबाकू मुक्त समाज का संदेश दिया गया।
वॉकाथॉन का शुभारंभ एम्स रायबरेली की कार्यपालक निदेशक प्रो. डॉ. अमिता जैन द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं एवं आमजन को तंबाकू एवं निकोटीन की लत से दूर रहने का संदेश दिया तथा तंबाकू त्याग हेतु दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम में जिला प्रशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट महोदय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वॉकाथॉन में एम्स रायबरेली के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, विभागीय स्टाफ, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं एवं आमजन ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India
15/05/2026
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान रायबरेली के नेत्र विज्ञान विभाग द्वारा 12 मई 2026 को “स्ट्रैबिस्मस (भेंगापन): आधुनिक प्रबंधन एवं शल्य चिकित्सा” विषय पर एक सफल एवं प्रभावशाली सतत चिकित्सा शिक्षा (CME) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भेंगापन के नवीनतम निदान एवं उपचार विधियों पर विशेषज्ञों के बीच ज्ञान-विनिमय को बढ़ावा देना था।
एम्स रायबरेली का नेत्र विज्ञान विभाग लंबे समय से नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है, विशेष रूप से ग्रामीण एवं वंचित वर्गों में आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। संस्थान निरंतर उन्नत चिकित्सा सेवाओं के साथ-साथ मानवीय दृष्टिकोण को भी प्राथमिकता देता रहा है।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम का नेतृत्व विभागाध्यक्ष डॉ. प्रगति गर्ग ने किया, जिनकी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता, समर्पण एवं संवेदनशील दृष्टिकोण ने विभाग को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है। डॉ. गर्ग न केवल एक कुशल चिकित्सक हैं, बल्कि एक प्रेरणादायक मार्गदर्शक भी हैं, जिन्होंने विशेष रूप से भेंगापन से ग्रस्त बच्चों में आत्मविश्वास जगाने और उनके जीवन की गुणवत्ता को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रयासों से अनेक बच्चों ने न केवल दृष्टि सुधार पाई है, बल्कि सामाजिक आत्मविश्वास भी प्राप्त किया है। वे अपने जीवन में नई आशा और सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ पा रहे हैं।
उनके नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि कोई भी बच्चा केवल दृष्टि दोष के कारण आत्मग्लानि या सामाजिक संकोच का शिकार न हो। डॉ. गर्ग का यह मानना है कि सही समय पर उपचार और सहानुभूतिपूर्ण देखभाल से न केवल दृष्टि, बल्कि आत्मसम्मान और व्यक्तित्व का भी पुनर्निर्माण संभव है।
कार्यक्रम की संचालक कार्यकारी निदेशिका डॉ. अमिता जैन ने अपने उद्बोधन में भेंगापन के शीघ्र निदान और उपचार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रारंभिक हस्तक्षेप से बच्चों के दृष्टि विकास और मानसिक स्वास्थ्य पर अत्यंत सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अतिथि वक्ता डॉ. विनिता सिंह, प्रोफेसर, नेत्र विज्ञान विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने भेंगापन प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत व्याख्यान दिया तथा लाइव स्क्विंट सर्जरी का प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को आधुनिक तकनीकों से अवगत कराया।
सीएमई कार्यक्रम में संस्थान के अनेक प्रतिष्ठित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें डॉ. नीरज कुमारी, डीन अकादमिक; डॉ. अर्चना वर्मा, डीन रिसर्च; डॉ. नीरज श्रीवास्तव , अपर चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. मृतुन्जय कुमार विभागाध्यक्ष (बाल रोग विभाग) तथा डॉ. सुनीता सिंह, विभागाध्यक्ष (बाल शल्य चिकित्सा विभाग) की विशेष उपस्थिति उल्लेखनीय रही। सभी अतिथियों ने अपने विचारों एवं मार्गदर्शन से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई तथा प्रतिभागियों को अकादमिक एवं शोध गतिविधियों में उत्कृष्टता हेतु प्रेरित किया। यह सीएमई ज्ञानवर्धक चर्चाओं, आपसी सहयोग तथा बाल स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुई।
इस CME में विभिन्न सत्रों के माध्यम से भेंगापन के क्लिनिकल मूल्यांकन, नॉन-सर्जिकल एवं सर्जिकल उपचार विकल्पों पर विस्तार से चर्चा की गई। देशभर से आए नेत्र रोग विशेषज्ञों, रेजिडेंट डॉक्टरों एवं मेडिकल विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।
समापन सत्र में आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों एवं अतिथि वक्ताओं का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। यह सम्मेलन क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India
12/05/2026
एम्स रायबरेली में अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायबरेली में कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के नेतृत्व में दिनांक 04 मई से 10 मई 2026 तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित किया गया। सप्ताह भर चले कार्यक्रमों का उद्देश्य संस्थान में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करना तथा मरीजों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ 04 मई को डीन (अकादमिक) डॉ. नीरज कुमारी, डीन (अनुसंधान) डॉ. अर्चना वर्मा, डीन (परीक्षा) डॉ. प्रगति गर्ग, उप-निदेशक (प्रशासन) कर्नल अखिलेश सिंह, वित्तीय सलाहकार कर्नल यू एन राय, अपर चिकित्सा अधीक्षक, डॉ. नीरज कुमार श्रीवास्तव सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अग्नि सुरक्षा शपथ ग्रहण के साथ किया गया। 05 मई को ICU, NICU, PICU एवं ऑपरेशन थिएटर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा उपायों पर तकनीकी वेबिनार आयोजित किया गया।
06 एवं 07 मई को अस्पताल के विभिन्न महत्वपूर्ण क्षेत्रों, जैसे ICU, OPD, CSSD, ब्लड बैंक, लैब, HVAC प्लांट एवं LT पैनल रूम आदि का आंतरिक अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया गया। इस दौरान विद्युत अग्नि सुरक्षा एवं अस्पताल अग्नि सुरक्षा योजना विषयक तकनीकी सत्र भी आयोजित किए गए। आवासीय परिसर में अग्निशामक यंत्रों के उपयोग का प्रत्यक्ष प्रदर्शन भी कराया गया।
08 मई को मेडिकल एवं नर्सिंग विद्यार्थियों के लिए फायर सेफ्टी विषय पर क्विज प्रतियोगिता एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही मेडिकल कॉलेज भवन एवं छात्रावास क्षेत्र में अग्नि सुरक्षा संबंधी अभ्यास एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए।
09 मई को जिला अग्निशमन विभाग के सहयोग से अस्पताल भवन के वार्ड 4C में फायर मॉक ड्रिल एवं रेस्क्यू ऑपरेशन का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकार की आग पर नियंत्रण एवं आपातकालीन निकासी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर संस्थान प्रशासन ने कहा कि अग्नि सुरक्षा सप्ताह के माध्यम से कर्मचारियों, विद्यार्थियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता एवं आपदा से निपटने की क्षमता में वृद्धि हुई है।
Ministry of Health and Family Welfare, Government of India
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