KALP BOOK NEWS

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06/07/2026

नई जिम्मेदारी नहीं... बड़ा मिशन है!
ब्रज क्षेत्र अध्यक्ष बनते ही पूरन लाल लोधी ने बता दिया अपना लक्ष्य

भाजपा के नवनियुक्त ब्रज क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी ने कहा कि यह उनके लिए कोई नई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि दायित्व परिवर्तन है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी संगठन की जिम्मेदारी निभा रहे थे। लोधी ने कहा कि बरेली मंडल में पार्टी को मिली लगातार सफलता को देखते हुए उन्हें पूरे ब्रज क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब उनका लक्ष्य ब्रज क्षेत्र में भाजपा को प्रचंड बहुमत दिलाकर सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाना है।

05/07/2026

सनातन के नाम पर राजनीति... या धर्म?

पूर्व राज्यमंत्री का बड़ा हमला— ये सनातनियों के सगे नहीं हैं!
राम मंदिर और शंकराचार्य की मांग को लेकर छिड़ी बहस के बीच पीलीभीत में पूर्व राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने शंकराचार्य की मांग का समर्थन करते हुए इशारों-इशारों में भाजपा पर निशाना साधा।
हेमराज वर्मा ने कहा कि ये लोग धर्म को धंधा मानते हैं। जो वास्तव में सनातन धर्म, गौ माता और उनके संरक्षण की बात करते हैं, वही इन्हें दुश्मन दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात की जाती है।
अब इस बयान ने जिले की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।

05/07/2026

अब बिना अनुमति जुलूस, धरना या प्रदर्शन किया तो हो सकती है कार्रवाई!

अगर आप आने वाले दिनों में किसी सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक यात्रा या विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है।
पीलीभीत जिला प्रशासन ने पूरे जिले में धारा 163 लागू कर दी है। आगामी कांवड़ यात्रा, स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनज़र यह आदेश जारी किया गया है।
क्या-क्या रहेगा प्रतिबंधित?
बिना अनुमति 5 या उससे अधिक लोगों का एकत्र होना
जुलूस, धरना और प्रदर्शन
लाउडस्पीकर का उपयोग
ड्रोन उड़ाना
पटाखों का इस्तेमाल (बिना अनुमति)
यह आदेश 29 अगस्त तक प्रभावी रहेगा।

04/07/2026

भाजपा पर शंकराचार्य का बड़ा हमला! भाजपा में तीन फाड़ हैं...

पीलीभीत में मंच से बोलते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐसा बयान दिया जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी।
उन्होंने कहा— एक वे जो सच में हिंदुत्व के कारण भाजपा में हैं। दूसरे वे जो हिंदुत्व के नाम पर माहौल बनाते हैं। और तीसरे... जिनकी मूंछ नहीं है, फिर भी ताव देते हैं। बस इतना कहना था कि यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कोई इसे भाजपा पर करारा तंज बता रहा है, तो कोई इसे राजनीतिक टिप्पणी मान रहा है। आखिर शंकराचार्य का इशारा किस ओर था? क्या इस बयान से नई सियासी बहस शुरू होगी?

03/07/2026

क्षेत्रीय अध्यक्ष ने अलखेश्वर महादेव का लिया आशीर्वाद

भाजपा ब्रज क्षेत्र के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरनलाल लोधी के पहली बार पीलीभीत पहुंचने पर शहर में जोरदार स्वागत देखने को मिला। फूल-मालाओं, नारों और कार्यकर्ताओं की भारी मौजूदगी ने इस दौरे को खास बना दिया।
पीलीभीत में प्रवेश करते ही पूरनलाल लोधी सबसे पहले खमरिया पुल स्थित अलखेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर भगवान का आशीर्वाद लिया। मंदिर के पीठाधीश्वर विधायक स्वामी प्रवक्तानंद ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
दौरे के दौरान पूरनलाल लोधी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा संदेश देते हुए कहा, हमारा मिशन 2027 में एक बार फिर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाना है।

03/07/2026

कट्टा बनाम ब्रह्मोस... पीलीभीत से मुख्यमंत्री योगी का ऐसा बयान, जिसकी हर तरफ चर्चा!

सभा में सपा पर सीधा हमला, पाकिस्तान का भी किया जिक्र। पीलीभीत की जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग कट्टा बनाते थे... व्यापारियों और गरीबों को लूटने के लिए। हम ब्रह्मोस मिसाइल बना रहे हैं। जब ब्रह्मोस पाकिस्तान पर छोड़ी जाती है, तो पाकिस्तान भी 'बाप-बाप' चिल्ला उठता है।
मुख्यमंत्री का यह बयान अब राजनीतिक गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा का विषय बना हुआ है। समर्थक इसे सरकार की रक्षा नीति और विकास का संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्ष इसकी आलोचना कर रहा है।

02/07/2026

राम मंदिर ट्रस्ट में आखिर किसे बैठाया गया?
चढ़ावा विवाद के बीच शंकराचार्य का बड़ा हमला!

जिन लोगों ने वर्षों तक राम मंदिर का मुकदमा लड़ा, उन्हें ट्रस्ट से बाहर कर दिया गया... और उनकी जगह सरकार के विश्वासपात्र लोगों को बैठा दिया गया।

राम मंदिर में चढ़ावे को लेकर उठे विवाद के बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर तीखे सवाल उठाए हैं। शंकराचार्य का आरोप है कि ट्रस्ट के गठन के समय ही असली पक्षकारों को किनारे कर दिया गया और उनकी जगह सरकार के करीबी लोगों को जिम्मेदारी सौंप दी गई। उनका कहना है कि आज जो विवाद सामने आ रहे हैं, उनकी नींव उसी समय रख दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को जिस काम के लिए बैठाया गया था, अब वही सामने आ गया है। गलत काम एक न एक दिन उजागर होकर ही रहता है। अब शंकराचार्य के इस बयान ने राम मंदिर ट्रस्ट और चढ़ावा विवाद को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

02/07/2026

राम मंदिर मंदिर है...या BJP-RSS का कार्यालय?

पीलीभीत में शंकराचार्य के बयान ने छेड़ दी नई बहस!
अयोध्या किसी के पिता की बपौती नहीं है... वहां सबका स्वागत होना चाहिए।

पीलीभीत पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के राम मंदिर को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने नई राजनीतिक और धार्मिक चर्चा को जन्म दे दिया। जब उनसे पूछा गया कि वह अभी तक अयोध्या के राम मंदिर क्यों नहीं गए, तो उन्होंने कहा कि जब मंदिर पूरी तरह उपासना स्थल बन जाएगा, तब वह वहां जाकर आराधना करेंगे। उनका आरोप था कि फिलहाल राम मंदिर भाजपा और आरएसएस का कार्यालय बनकर रह गया है, इसलिए वह अभी वहां नहीं गए।
शंकराचार्य ने आगे कहा कि अयोध्या किसी के पिता की बपौती या पैतृक संपत्ति नहीं है। वहां किसी को रोका नहीं जाना चाहिए और अयोध्या में सबका स्वागत होना चाहिए। यहीं नहीं, उन्होंने मथुरा विवाद को भी सरकार का ध्यान भटकाने वाला मुद्दा बताया और कहा कि इस बार यह दांव सफल नहीं होगा। साथ ही सरकार को सनातन विरोधी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी तीखी राजनीतिक टिप्पणियां कीं।

01/07/2026

चुनौती स्वीकार है... सामने आइए!

पीलीभीत पहुंचते ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उन्हें शास्त्रार्थ की चुनौती देने वाले महंत योगी हनुमान नाथ को खुला निमंत्रण दे दिया। उन्होंने कहा, शंकराचार्य शास्त्र से नहीं डरते। शास्त्रार्थ करना हमारी परंपरा और स्वभाव है। वे जहां हैं, आएं और बताएं किस शास्त्र पर चर्चा करनी है। मैं उनका स्वागत करता हूं।
दरअसल, गौ रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा के पीलीभीत पहुंचने से पहले महंत योगी हनुमान नाथ ने प्रेस वार्ता कर शंकराचार्य को शास्त्रार्थ की चुनौती दी थी। साथ ही कहा था कि यदि शास्त्रार्थ नहीं करेंगे तो कार्यक्रम किए बिना वापस लौट जाएं।
अब शंकराचार्य ने सार्वजनिक रूप से चुनौती स्वीकार कर दी है। ऐसे में पीलीभीत की धार्मिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। फिलहाल दोनों संतों के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है और सबकी नजर इस बात पर है कि क्या सचमुच शास्त्रार्थ होगा या यह चुनौती केवल बयान तक ही सीमित रहेगी?

01/07/2026

पीलीभीत में धर्म यात्रा से पहले घमासान!
संत बोले—या शास्त्रार्थ करो, या वापस लौट जाओ!

1 जुलाई को प्रस्तावित गौ-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा से पहले पीलीभीत में धार्मिक और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। महंत योगी हनुमान नाथ ने प्रेस वार्ता कर शंकराचार्य परंपरा के संन्यासी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर गंभीर आरोप लगाए और उनकी यात्रा का खुला विरोध किया।
उन्होंने दावा किया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले डेढ़ वर्षों से गोरक्षपीठ, उसके पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ और नाथ संप्रदाय के प्रति लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, जिससे सनातन धर्म की परंपराओं और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। पीठाधीश्वर ने कहा कि नाथ संप्रदाय के प्रतिनिधि होने के नाते ऐसी गतिविधियों का विरोध करना उनकी नैतिक जिम्मेदारी है। उनका आरोप है कि 1 जुलाई को निकलने वाली गौ-रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा गौ संरक्षण के लिए नहीं, बल्कि समाज में विभाजन पैदा करने और राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।
उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को गौ संरक्षण के विषय पर सार्वजनिक शास्त्रार्थ की खुली चुनौती देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले नौ वर्षों में गौ संरक्षण के लिए जो कार्य किए हैं, वे तथ्यों के साथ उन पर चर्चा करने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनौती स्वीकार नहीं की जाती, तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पीलीभीत में प्रवेश किए बिना ही वापस लौट जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने यात्रा के आयोजकों से भी इस यात्रा का विरोध करने की अपील की। उनका कहना था कि यदि आयोजकों को यह यात्रा आवश्यक लगती है, तो वे भी सार्वजनिक रूप से आकर इसके औचित्य को सिद्ध करें।

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