Vishal R pandey
हर एक बात को चुप-चाप क्यूँ सुना जाए ,
कभी तो हौसला कर के “नहीं “ कहा जाए |
जुदा है हीर से राँझा कई ज़मानों से ,
नए सिरे से कहानी को फिर लिखा जाए |
किताबें यूँ तो बहुत सी हैं मेरे बारे में ,
कभी अकेले में ख़ुद को भी पढ़ लिया जाए ||
— Vishal R pandey
#विकल्प बहुत मिलेंगे, मार्ग भटकाने के लिए....
लेकिन....
#संकल्प एक ही काफ़ी है, #मंज़िल तक जाने के लिए ....vishal Vishal R pandey
बहुत पहले से उन क़दमों की आहट जान लेते हैं ,
तुझे ऐ ज़िंदगी हम दूर से पहचान लेते हैं |l🙏🙏❣️❣️
Vishal R pandey
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Patna