BABA YASH

BABA YASH

Share

07/01/2026

स्टेशन की सीढ़ियाँ और बाबा यश की अधूरी दास्तां

आज फिर मैं उसी स्टेशन की, उसी पुरानी बेंच पर बैठा हूँ। वक्त की सुइयां आगे बढ़ गई हैं, लेकिन मेरे दिल की घड़ी उसी पल पर रुकी है।
मुझे याद है वो मंजर, जब मैं पहली बार स्टेशन की सीढ़ियों से नीचे उतर रहा था। भीड़ का शोर था, हर कोई अपनी धुन में था, लेकिन अचानक मेरी दुनिया थम गई। लोग कहते हैं इश्क 'फुल फेस' (पूरे चेहरे) से होता है, लेकिन मुझे तो उनके 'हाफ साइड' से ही मोहब्बत हो गई थी।
वो सीढ़ियों पर खड़ी थीं। मुझे उनकी सिर्फ एक आँख दिखाई दे रही थी, मगर वो एक आँख इतनी लाजवाब और नशीली थी कि मेरा मन किया कि सब कुछ छोड़कर बस उसी गहराई में डूब जाऊं। ऐसा लग रहा था मानो ऊपर वाले ने बड़ी फुर्सत से, बड़ी मेहनत से उन्हें गढ़ा हो।
वो दृश्य आज भी मेरी आँखों में कैद है—उनके भीगे बदन से गिरती वो पानी की बूँदें, जो धीरे-धीरे नीचे आ रही थीं... उनकी वो नशीली आँखें, उनका वो चलने का सलीका, और खामोशी में भी कुछ बोलने की वो अदा। सब कुछ मेरे मन को मोह गया।
हैरानी की बात है न? मुझे उनका नाम तक नहीं पता था। वो मेरे लिए अजनबी थीं। लेकिन कहते हैं न, प्यार होने के लिए सालों की पहचान जरूरी नहीं, बस एक नजर काफी होती है जो दिल को छू जाए। मुझे भी चंद सेकंड में उनसे बेइंतहा प्यार हो गया था।
पर मैं... मैं ठहरा एक बुद्धू, एक झिझकने वाला इंसान। मेरे अंदर जज्बातों का सैलाब था, पर जुबां खामोश । मैं सोचता ही रह गया कि एक अजनबी को अपने दिल का दर्द कैसे बयां करूँ? यही सोच, यही झिझक मेरे आड़े आ गई और वो मेरी नजरों के सामने से ओझल हो गईं।
आज जमाना मुझे 'बाबा यश' के नाम से जानता है। लोग मेरी शायरी, मेरे अल्फाजों की तारीफ करते हैं। लेकिन कोई नहीं जानता कि 'बाबा यश' की हर शायरी, हर गजल उसी एक अधूरे इश्क की याद है। मैं आज भी उसी स्टेशन पर बैठा, उन सीढ़ियों को देखता हूँ और सोचता हूँ—काश! उस दिन मैंने अपनी खामोशी तोड़ दी होती।

बाबा यश की कलम से:

"वो अजनबी थी मगर दिल की धड़कन बन गई,
उसकी एक झलक मेरे जीने की उलझन बन गई।
जमाना पढ़ता है 'बाबा यश' के लफ्जों को,
उन्हें क्या खबर, वो एक नजर ही मेरा जीवन बन गई।"

बाबा यश
नई दिल्ली भारत

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Mumbai?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Address


Mumbai
Mumbai
410001