Topic Health Ki

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08/02/2021

एक नई स्टडी के दौरान एक बात सामने आयी है कि रात के समय में अचानक कार्डियक अरेस्ट आने वाली है और इसके कारण मौत का खतरा मर्दों की तुलना में महिलाओं को ज्यादा होता है। स्टडी के नतीजों को हार्ट रिदम नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। यह स्टडी को अमेरिका के लॉस एंजेलिस में स्मिड हार्ट इंस्टिट्यूट के सेंटर फॉर कार्डियक अरेस्ट प्रिवेंशन के तरफ से किया गया था जिसमें सबसे पहले यह बात सामने आयी कि रात के समय मर्दों की तुलना में महिलाओं को कार्डियक अरेस्ट होने का खतरा ज्यादा रहता है।

कार्डियक अरेस्ट में हार्ट धड़कना बंद कर देता है

मेडिकल के एक्सपर्ट्स यह बात को लेकर और भी हैरान परेशान हैं देर रात में जब अधिकतर मरीज आराम कर रहे होते हैं उसी दौरान उनका मेटाबॉलिज्म (मेटाबॉलिज्म), हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर सबकुछ होता है। सडन कार्डियक अरेस्ट, हार्ट के रिदम में अचानक होने वाला एक तरह की लीटर गड़बड़ी है जिसकी वजह से हार्ट ब्लना बंद कर देती है। ज्यादातर लोग कार्डियक अरेस्ट को हार्ट अटैक (हार्ट अटैक) समझकर कन्फ्यूज हो जाते हैं।

हार्ट अटैक से अलग है कार्डियक अरेस्ट

लेकिन हार्ट अटैक कोरोनरी धमनियों में कोलेस्ट्रॉल प्लाक के जमने के वजह से होने वाले ब्लकेज के कारण होता है और हार्ट अटैक के दौरान मरीज में कई लक्षण नजर आते हैं। लेकिन सडन कार्डियक अरेस्ट अचानक से होता है और इसमें चेतावनी वाले कोई संकेत मिल ही नहीं पाते हैं। यही वजह है कि जहां हार्ट अटैक के ज्यादातर मरीज जान बच जाते हैं और वहीं कार्डियक अरेस्ट के 10 से 15 प्रतिशत मरीजों की भी जान नहीं बच पाती है। आपको जानकर हैरानी होगा कि कार्डियक अरेस्ट के 17 से 41 प्रतिशत मामले रात के 10 बजे से सुबह 5 बजे के बीच होते हैं।

ऐसे रखें हार्ट को हेल्दी

- दोस्तों न। हृदय से संबंधित बीमारियां होने का सबसे बड़ा कारण (धूम्रपान) है। अल्कोहल (शराब) का सेवन भी कम से कम करें।
- activ लाइफस्टाइल अपनाएं। हर सप्ताह कम से कम 200 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।
- अपना वेट चेक करते रहे। आपका वजन अधिक है तो हृदय रोग का खतरा और भी अधिक होगा इसलिए अपने वेट ध्यान रखें।
- रोज अपने डाइट में ताजे और मौसमी फल और सब्जियां जरूर शामिल करें।
- नमक का सेवन जितना हो सके कम से कम करें।

05/02/2021

हमें सामान्य दिनों में भी स्वस्थ और संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए प्रेगनेंसी के समय इस बात का ख्याल रखना और अधिक जरुरी हो जाता है। जब कोई महिला गर्भवती होती है तो सेहत के -साथ उसे अपनी डाइट का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए ताकि गर्भ में पल रहे (भ्रूण) को विकसित होने के सभी आवश्यक पोषक तत्व मिल सकें। यदि भ्रूण का विकास सही तरीके से न हो तो प्रेगनेंसी में कई तरह की जटिल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं।

प्रेगनेंसी के दौरान विटामिन-मिनरल का सेवन करें

गर्भ में बढ़ते बच्चे के लिए प्रेगनेंट महिला को अपने विटामिन और मिनरल्स (विटामिन और खनिज का सेवन) के इनटेक में भी बदलाव करना चाहिए और ताजे फल से शरीर में जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। आवश्यक विटामिनों के साथ जो प्रेगनेंसी के दौरान शरीर के लिए जरूरी होते हैं। लेकिन कुछ फल ऐसे भी हैं जिनका सेवन गर्भवती महिला को नहीं करना चाहिए वरना ब्लीडिंग (ब्लीडिंग) शुरू हो सकती है और गंभीर मामलों में मिसकैरेज का भी खतरा हो सकता है।

प्रेगनेंसी में कौन से फल का सेवन नहीं करना चाहिए

1. पपीता- गर्भवती महिला को पपीता (पपीता) खाने से मना किया जाता है विशेष रूप से पका हुआ पपीता। इसका कारण ये है कि पपीते में लेटेक्स (लेटेक्स) होता है जो गर्भाशय में संकुचन को बढ़ाता है जो गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। हालाँकि अगर पपीता पूरी तरह से पका हुआ है तो उसे खाने में कोई कठिनाई नहीं है। लेकिन उसे किस तरह से क्लिप्स गया है इसकी जानकारी अगर न हो तो बेहतर यही होगा कि आप पपीता का सेवन न करें।

2. अनानास- गर्भवती महिलाओं को अनानास भी न खाने का सुझाव दिया जाता है क्योंकि इस फल में कुछ ऐसे एन्जाइम्स पाए जाते हैं जो सर्विक्स (गर्भाशय ग्रीवा) के टेक्सचर में परिवर्तन कर देते हैं जिससे समय से पहले ही संकुचन (समयपूर्व संकुचन) हो जाता है। ) शुरू हो जाता है। इस कारण से मिसकैरेज का खतरा रहता है। इसके अलावा गर्भावस्था में अनानास खाने से डायरिया (दस्त) भी हो सकता है।

3. अंगूर- वैसे तो अंगूर (अंगूर) में ऐसा कोई कंपाउंड नहीं पाया जाता है जो मां या बच्चे को नुकसान पहुंचाता हो लेकिन प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही यानी 6 से 9 महीने के समय में अंगूर का सेवन नहीं करना चाहिए। इसका कारण ये है कि अंगूर बॉडी में गर्मी पैदा करता है जो गर्भवती महिला और उसके बच्चे के लिए सही नहीं है। कोशिश करे की अंगूर का सेवन ना ही करें।

04/02/2021

आप भी ब्रेडेड , पिज्जा, बर्गर, अन्यजंक आलू सहित दूसरे जंक फ्रूट के शौकीन है और लगातार इनका सेवन करते हैं तो यह जानकारी आपको जानना बेहद जरूरी है, क्योंकि लगातार जंक फ्रूट का सेवन करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार हमारे हर दिन की डायट में कई खाद्य पदार्थों में कार्सिनोजेनिक और म्यूटेजन जैसे हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, जो कैंसर जैसी बीमारियों को निमंत्रण दे सकते हैं।

दरअसल, पिज्जा, बर्गर के सेवन से लगातार खून में ग्लूकोज का लेवल बढ़ोतरी होने लगता है, जिससे शरीर में इंसुलिन की मात्रा बढ़ जाता है। इससे शरीर में असामान्य कैंसर सेल्स विकसित होने लगते हैं जो शरीर के लिए हानिकारक माने जाते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ ऐसे खाद्य पदार्थों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन आपको कम कर देना चाहिए।

किडनी, थायरॉइड की बीमारी के हो सकते शिकार हैं
आप अगर लगातार पिज्जा बर्गर खाते हैं तो यह आपके लिए नुकसानदायक होगा। क्योंकि बर्गर, पिज्जा ब्रेड जैसे खाद्य पदार्थों में हानिकारक रसायनल पोटैशियम पाए जाते हैं। इन खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन करने से किडनी, थायरिलोन और कोलोन कैंसर जैसी बीमारियों के बढ़ने का समस्या बना रहता है।

पैक्ड वाले चिप्स
पैक्ड चिप्स भी सेहत के लिए अच्छे नहींं हैं। पैक्ड चिप्स में वसा और सोडियम बहुत मात्रा में पाया जाता है। साथ ही आर्टिफिशियल कलर, टेस्ट और प्रीजर्वेंटिव भी मिलाए जाते हैं। जिनके लगातार सेवन करने वाले शरीर में कई बीमारियों को बुलावा देता है।

रिफाइंड ऑयल भी
रिफाइंड ऑयल का लगातार इस्तेमाल भी शरीर के लिए नुकसानदायक है। रिफाइंड ऑयल में ट्राइग्लाइसेराइड, पॉलीसैचुरेटिड, कंपाउंड पाए जाते हैं। इसलिए डॉक्टर्स रिफाइंड ऑयल का कम से कम इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

सॉफ्ट ड्रिंक्स हानिकारक
सॉफ्ट ड्रिंक्स को खुलते ही निकलने वाला झाग सेहत के लिए नुकसानदायक होता हैं क्योंकि इस झाग में मीठाइग्लाइओ एक्सेल जैसे फ़ूड केमिकल पाए जाते हैं। जबकि सॉफ्ट ड्रिंक्स तैयार करने के दौरान इसमें खाद्य कलर भी मिलाया जाता है। जो शरीर में कैंसर जैसी बीमारियों को हो सकते हैं। इसलिए सॉफ्ट ड्रिंक्स का इस्तेमाल बहुत कम से कम करना चाहिए।

अल्कोहल का सेवन
अल्कोहल तो शरीर के लिए अच्छा माना नहीं है। लेकिन आपको यह बताना बेहद जरुरी है कि तंबाकू के बाद अल्कोहल ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कैंसरकारक खाद्य पदार्थ है। अगर आप शराब का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो यह आपके लिए ठीक नहीं है। क्योंकि शराब के लगातार सेवन से मुंह में ग्रासनली या इसोफेगस, लिवर के साथ-साथ कैंसर जैसी बीमारियों को खतरा बढ़ जाता है। इसलिए अल्कोहल का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए।

पैक्ड वाला आचार
मसालेदार अचार खाना सभी के लिए बहुत पसंद रहता है। बाजार में भी कई प्रकार के अचार मिलने लगे हैं। मसालेदार अचार आमतौर पर नाइट्रेट, नमक और विनेगर से बनाए जाते हैं। जबकि आचार में खाद्य कलर भी मिलाए जाते हैं। ऐसे में अगर आप लगातार पैक्ड आचार का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी परेशानी बढ़ सकता है।

नोट: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी पर आधारित है, ज्यादा जानकारी के लिए डॉ से संपर्क करें।

29/01/2021

बहुत बार हम गलती से ज्यादा खाना बनाते हैं तो कई बार सटकर ऐरते हैं ताकि अगले दिन सुबह ब्रेकफास्ट (नाश्ता) या दोपहर का भोजन (दोपहर का खाना) के गर्म पर उस भोजन का दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। बहुत से ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो बासी होने के बाद ज्यादा टेस्टी लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक दिन पहले इन बासी खाद्य पदार्थों को माइक्रोवेव में या फिर गैस पर दोबारा गर्म करके खाना (पुन: खाना) आपकी सेहत के लिए कितना हानिकारक हो सकता है?

किसी भी खाद्य पदार्थ को दोबारा गर्म करने पर उसके पोषक तत्व (पोषण) पूरी तरह से समाप्त हो जाते हैं, विशेषकर खाद्य पदार्थ जिसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसका एक और कारण ये है कि बासी होने के बाद इन खाद्य पदार्थों में बैक्टीरिया (बैक्टीरिया) पनपने लगता है और जब आप उसे गर्म गर्म करते हैं तो वह खाद्य पॉयजनिंग (खाद्य जहर) का कारण बन सकता है। लिहाजा हम आपको उन 5 शिशुओं के बारे में बता रहे हैं जिन्हें बासी होने के बाद दोबारा गर्म करके बिलकुल नहीं खाना चाहिए।

बासी चीजों को पुनः गर्म न करें

1. चावल- मानक एजेंसी (एफएसए) के मुताबिक, पका हुआ चावल जब बासी हो जाता है तो बैसिलस सेरेियस नाम का बैक्टीरिया चावल को दूषित बना देता है और जब आप उसे दोबारा गर्म करते हैं तो चावल जहरीला (टॉनिक) हो जाता है। और इसका सेवन करने से आप खाद्य पॉयजनिंग का शिकार हो सकते हैं।

2. आलू- चावल के बाद नंबर आता है सबसे कॉमन सब्जी आलू का। बचे हुए बासी आलू को दोबारा गर्म करके खाना आपको बीमार कर है। इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट की मानें तो पके हुए आलू में एक ऐसा बैक्टीरिया पनपने लगता है जो बॉटुलिज्म बीमारी का कारण बन जाता है। इस बीमारी में कमजोरी महसूस होती है, धुंधला दिखने लगता है और बोलने में भी कठिनाई होती है।

3. अंडा- अमेरिका के खाद्य और ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की मानें तो पका हुआ बासी अंडा या अंडे से बने किसी भी डिश को दोबारा गर्म करना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। बासी अंडे में सैल्मोनेला नाम का बैक्टीरिया पनपने लगता है, जिसकी वजह से गंभीर खाद्य पॉयजनिंग की समस्या हो सकती है।

4. चिकन- नॉन-वेज खाने वाले सावधान हो जाएं! अगर आप भी रात के बचे हुए बासी चिकन को अगले दिन लंच में दोबारा गर्म करके खाते हैं तो अपनी इस आदत को बदल दें। चिकन को दोबारा गर्म करके खाने से भी फूड पॉयजनिंग का खतरा हो सकता है। इसके अलावा सीफूड को भी फ्रेश ही खाना चाहिए। बासी सीफूड को दोबारा गर्म करने पर उसमें बैक्टीरिया आ जाते हैं

5. पलक- बचे हुए पालक या पालक की बासी सब्जी को भूल से भी दोबारा गर्म करके न खाएं। इसका कारण यह है कि पालक में मौजूद नाइट्रेट पुनः गर्म करने पर कैंसरकारी हो सकता है और शरीर के ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है।

28/01/2021

बदलते समय के साथ ही लोगों का खान-पान (खाने की आदतें) भी बदल गया है। व्यस्त (लाइफस्टाइल) के कारण जल्दबाजी में लोग तला-भुना (फ्राइड फूड) और फास्ट फूड (फास्ट फूड) खाना पसंद करते हैं। इसकी वजह से उनका वजन (वजन) तेजी से बढ़ने लगता है और शरीर को कई बीमारियां घेर लेती हैं हैं। इसके बाद वजन कम करने के लिए कई लोगों को डाइटिंग (वेट लॉस डाइट) का सहारा लेना पड़ता है, जिनके अपने नुकसान (डाइटिंग साइड इफेक्ट्स) होते हैं।

डाइटिंग से बॉडी को होते हैं बहुत नुकसान

कई लोग वजन कम करने के लिए तरह-तरह के डाइट प्लान (डाइट प्लान) करते हैं। इसमें कुछ घंटों तक बिना कुछ खाए-पीए रहना पड़ता है लेकिन वजन कम करना (वजन कम करना) इसका सबसे बुरा तरीका होता है। ऐसा करने से शरीर को कई तरह के साइड इफेक्ट्स (डाइटिंग साइड इफेक्ट्स) हो सकते हैं। जानिए डाइटिंग (डाइटिंग) करने से आपके शरीर को कौन-कौन से नुकसान होने लगते है।

(राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान) के वैज्ञानिकों के अनुसार, डाइटिंग (डाइटिंग) करने वाले लोगों का मेटबॉलिज्म सिस्टम (मेटाबॉलिज्म सिस्टम) बुरी तरह से बिगड़ जाता है। ऐसे लोगों का मेटाबॉलिज्म सिस्टम जल्दी ठीक नहीं हो पाता है। यह सब लेप्टिन हॉर्मोन (लेप्टिन हार्मोन) की वजह से होता है। लेप्टिन हॉर्मोन का संबंध इंसान की भूख से होता है, जिसकी वजह से इंसान की भूख ही मर जाती है।

डाइटिंग से सिद्धियां हो जाती हैं कमजोर

द अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रिशन में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, डाइटिंग (डाइटिंग) से सिद्धांतों (मांसपेशियां) कमजोर हो जाती हैं। एक्सपर्ट्स ने 32 स्वस्थ लोगों की डाइट (आहार) से तीन सप्ताह के लिए 1300 कैलोरी (कैलोरी) कम कर दी थी। इसके नतीजे बेहद चौंकाने वाले थे। इन लोगों का वजन घटने के बजाय बढ़ने (वेट गेन) लगा था।

डाइटिंग करने से हो सकती है पथरी की समस्या

जब आप डाइटिंग (डाइटिंग) करते हैं तो शरीर में न्यूट्रिशन (पोषण) की कमी हो जाती है, जिसका बुरा प्रभाव पूरे शरीर पर पड़ने लगता है। हेल्थ एंड वेलनेस (स्वास्थ्य और कल्याण) कोच एशली वैन बसकिर्क के बारे में कहते हैं, डाइटिंग के दौरान लोग खाने-पीने की बहुत सी चाजों का सेवन करना बंद कर देते हैं। इसकी वजह से शरीर में पानी की मात्रा हम हो जाती है और डीहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की समस्या बढ़ जाती है।

डीहाइड्रेशन की वजह से शर्करा में पथरी (किडनी स्टोन) होने की आशंका बढ़ जाती है।

जातियाँ कमजोर हो जाती हैं

बिस्तेम में डिपार्टमेंट ऑफ न्यूट्रिशन की रीजनल डायरेक्टर टोली मैक्सस के मुताबिक, ज्यादा उम्र के लोगों को ज्यादा दिनों के लिए फास्ट (फास्ट) या डाइटिंग (डाइटिंग) नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से डाकियाँ कमजोर होने लगती हैं।

डाइटिंग से बालों पर पड़ने का बुरा असर पड़ता है

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डाइटिंग (डाइटिंग) करने से हमारे शरीर में कम कैलोरी (कैलोरी) जाती है। इसकी वजह से तेजी से बाल झड़ने (हेयर फॉल) लगते हैं। ऐसा न्यूट्रिशन (न्यूट्रिशन) की कमी की वजह से होता है। शरीर में न्यूट्रिशन की कमी से बालों पर बुरा असर पड़ता है।

थकावट महसूस होता हैं।

डाइटिंग (डाइटिंग) करने से शरीर के पास बर्न करने के लिए कम कैलोरी (कैलोरी) होती है। ऐसे में आप जल्दी थक जाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, लोबिया डाइट (लो कार्बोहाइड्रेट डाइट) लेने से शरीर में एनर्जी (ऊर्जा) कम हो जाती है और इंसान को थकावट महसूस होने लगती है।

28/01/2021

आपने भी यह ज़रूर महसूस किया होगा कि ठंड-जुकाम (कॉमन कोल्ड) ऐसा नहीं हुआ कि सबसे पहले आपकी नाक बंद हो जाए। इसकी कारण सांस लेने पर नाक से चिप जैसी आवाज आने लगती है और कई बार तो सांस लेने में भी बहुत दिक्कत जाती है जिसके कारण मुंह से सांस लेने की जरूरत पड़ती है। बंद नाक (अवरुद्ध नाक) को खोलने के प्रयास में जब आप नाक साफ करते हैं तो कुछ भी बाहर नहीं आता है। ज्यादातर लोगों को यही लगता है कि नाक में म्यूकस (म्यूकस) जम जाने की वजह से नाक बंद हो जाती है। लेकिन अक्सर फ्लू (फ्लू), वायरल इंफेक्शन (वायरल संक्रमण) या ऐलर्जिक राइनाइटिस (एलर्जी Rhinitis) वजह से की साइनस (साइनस) में मौजूद रक्त वाहिकाओं में इन्फ्लेमेशन हो जाता है और इस कारण भी नाक बंद या चोक हो जाती है ।

बंद नाक की वजह से मरीज को चिड़चिड़ापन महसूस होने लगता है। ऐसे में किसी तरह की ओट दवा का सेवन करने की बजाए अगर आप कुछ नैचरल और घरेलू नुस्खों (घरेलू उपचार) को अपनाएं तो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपको बंद नाक की समस्या से निजात मिल जाता हैं

जुखाम के कारण बंद नाक खोलने के उपाय

1. स्टीम लें- अपने आस-पास मौजूद हवा में ह्यूमिडिटी या नमी (आर्द्रता) को बढ़ाने का नैचरल तरीका है स्टीम या भाप लेना। स्टीम लेने से नाक में जमा म्यूकस को भी आसानी से बाहर निकालने में मदद मिलती है। आप चाहते हैं तो स्टीमर की मदद से भी स्टीम ले सकते हैं या फिर एक बड़े बर्तन में पानी गर्म करें और अपने चेहरे को बर्तन की तरफ झुकाएं और सिर को तौलिए से ढंक लें। ऐसी करने पर जब गर्म भाप नाक के रास्ते शरीर के अंदर जाती है तो बंद नाक खोलने में मदद मिलती है।

2. गर्म पानी से स्नान - अगर आपको स्टीम (स्टीमिंग) लेने में असुविधा महसूस हो रही हो तो आप गर्म पानी से नहा भी रहे हैं। ऐसी करने से भी बंद नाक को खोलने में मदद मिलेगी। गर्म पानी से स्नान के दौरान निकलने वाली भाप नाक में इन्फ्लेमेशन की समस्या को कम करती है और नाक से सांस लेने में दिक्कत नहीं होती

3. गर्म चाय या सूप पिएं- जब आपकी नाक बंद हो जाए तो तरल पदार्थों के सेवन को बढ़ाना भी आपके लिए हेदमंद हो सकता है। लिहाजा गर्म चाय या सूप का सेवन करें। इन गर्म ड्रिंक्स को पीने से नाक में भाप जाती है जिससे म्यूकस पतला से आसानी से बाहर निकल जाता है और नाक खुल जाता है।

4. गर्म पट्टी करें- बंद नाक को खोलने के लिए आप चाहें तो माथे और नाक पर गर्म पट्टी का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से नोड खुलने में मदद मिलेगी। इसके लिए गर्म पानी में पट्टी या तौलिया डालें, निचोड़ें और फिर नाक और माथे पर रखें। इसकी गर्माहट नाक में इन्फ्लेमेशन की समस्या से राहत दिलाती है।

5. सलाइन स्प्रे यूज करें- नमक के पानी का सलूशन जिसे सलाइन कहते हैं उसके स्प्रे का नाक में इस्तेमाल करने से भी बंद नाक खुलने में मदद मिलती है। स्प्रे म्यूकस को पतला कर नाक साफ करने का काम करता है।

6. तीखी और मसालेदार चीजें खाएँ- नाक खोलने का एक और कॉमन तरीका है तीखा और मसालेदार भोजन करना। अदरक, लहसुन, काली मिर्च और हल्दी जैसे मसालों में एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होते हैं जो बंद नाक को खोलने में मदद करते हैं।

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