pankaj pandit
17/01/2025
*🌹सकट चौथ पर कर लें इन 5 चीजों का दान, तरक्की में लग जाएंगे चार चांद🌹*
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*⭕सकट चौथ दान 2025: सकट चौथ का व्रत हर साल माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है. इस साल यह व्रत 17 जनवरी को रखा जाएगा. यह व्रत भगवान श्रीगणेश और माता सकट को समर्पित है. मान्यता है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. शास्त्रों के अनुसार, सकट चौथ का व्रत रखने से संतान को दीर्घायु, सुख और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है. पौराणिक मान्यता है कि भगवान श्रीगणेश और माता सकट की विधिवत पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और धन-वैभव का आगमन होता है. मान्यतानुसार, इस दिन कुछ खास चीजों का दान करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है. आइए जानते हैं सकट चौथ पर किन चीजों का दान करना लाभकारी रहेगा.*
*⚜️काले तिल का दान*
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सकट चौथ पर काले तिल का दान सबसे शुभ और लाभकारी माना गया है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, काले तिल में कई देवताओं का वास होता है. इसे दान करने से न केवल पुण्य मिलता है, बल्कि शरीर निरोगी रहता है और संतान की दीर्घायु जीवन का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
*⚜️गुड़ का दान*
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मान्यता है कि इस दिन गुड़ का दान करने से भगवान श्रीगणेश प्रसन्न होते हैं. यह दान जीवन से संकटों को दूर करता है और भाग्य को मजबूत करता है. इसलिए सकट चौथ के दिन गुड़ का दान किया जाता है.
*⚜️घी का दान*
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सकट चौथ पर घी का दान अत्यंत शुभ माना गया है. इस दिन घी का दान करने से सेहत और धन से जुड़ी समस्याओं का निवारण होता है. घी का दान शुभ फल देने वाला माना गया है.
*⚜️नमक का दान*
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इस दिन नमक का दान करना भी विशेष महत्व रखता है. पैराणिक मान्यता है कि नमक का दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है और नजरदोष से मुक्ति मिलती है.
*⚜️वस्त्रों का दान*
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सकट चौथ के दिन गर्म वस्त्रों का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है. यह व्रत आमतौर पर जनवरी के महीने में पड़ता है, जब सर्दी का मौसम होता है. इस दिन जरूरतमंदों को गर्म कपड़े या कंबल दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. यह दान आर्थिक उन्नति और जीवन में बरकत लाने वाला माना जाता है.
*🚩 #ऊँ_श्री_गणेशाय_नम:🚩*
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*तुलसी के विषय मे महत्त्वपूर्ण बातें*
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पुरानी परंपरा है कि घर में तुलसी जरूर होना चाहिए। शास्त्रों में तुलसी को पूजनीय, पवित्र और देवी का स्वरूप बताया गया है। यदि आपके घर में भी तुलसी हो तो यहां बताई जा रही 10 बातें हमेशा ध्यान रखनी चाहिए। यदि ये बातें ध्यान रखी जाती हैं तो सभी देवी-देवताओं की विशेष कृपा हमारे घर पर बनी रहती है। घर में सकारात्मक और सुखद वातावरण रहता है। पैसों की कमी नहीं आती है और परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है। यहां जानिए शास्त्रों के अनुसार बताई गई तुलसी की खास बातें...
1👉 तुलसी के पत्ते चबाना नहीं चाहिए, तुलसी का सेवन करते समय ध्यान रखें कि इन पत्तों को चबाए नहीं, बल्कि निगल लेना चाहिए। इस तरह तुलसी का सेवन करने से कई रोगों में लाभ मिलता है। तुलसी के पत्तों में पारा धातु के तत्व होते हैं। पत्तों को चबाते समय ये तत्व हमारे दांतों पर लग जाते हैं जो कि दांतों के लिए फायदेमंद नहीं है। इसीलिए तुलसी के पत्तों को बिना चबाए ही निगलना चाहिए।
2👉 शिवलिंग पर तुलसी नहीं चढ़ाना चाहिए
शिवपुराण के अनुसार, शिवलिंग पर तुलसी के पत्ते नहीं चढ़ाना चाहिए। इस संबंध में एक कथा बताई गई है। कथा के अनुसार, पुराने समय दैत्यों के राजा शंखचूड़ की पत्नी का नाम तुलसी था। तुलसी के पतिव्रत धर्म की शक्ति के कारण सभी देवता भी शंखचूड़ को हराने में असमर्थ थे। तब भगवान विष्णु ने छल से तुलसी का पतिव्रत भंग कर दिया। इसके बाद शिवजी ने शंखचूड़ का वध कर दिया। जब ये बात तुलसी को पता चली तो उसने भगवान विष्णु को पत्थर बन जाने का श्राप दिया। विष्णुजी ने तुलसी का श्राप स्वीकार कर लिया और कहा कि तुम धरती पर गंडकी नदी तथा तुलसी के पौधे के रूप में हमेशा रहोगी। इसके बाद से ही अधिकांश पूजन कर्म में तुलसी का उपयोग विशेष रूप से किया जाता है, लेकिन शंखचूड़ की पत्नी होने के कारण तुलसी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाई जाती है।
3👉 तुलसी के पत्ते कुछ खास दिनों में नहीं तोड़ना चाहिए। ये दिन हैं एकादशी, रविवार और सूर्य या चंद्र ग्रहण समय। इन दिनों में और रात के समय तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ना चाहिए। बिना वजह तुलसी के पत्ते कभी नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने पर दोष लगता है। अनावश्यक रूप से तुलसी के पत्ते तोड़ना, तुलसी को नष्ट करने के समान माना गया है।
4👉 रोज करें तुलसी का पूजन हर रोज तुलसी पूजन करना चाहिए। साथ ही, तुलसी के संबंध में यहां बताई गई सभी बातों का भी ध्यान रखना चाहिए। हर शाम तुलसी के पास दीपक जलाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि जो लोग
शाम के समय तुलसी के पास दीपक जलाते हैं, उनके घर में महालक्ष्मी की कृपा सदैव बनी रहती है।
5👉 तुलसी से दूर होते हैं वास्तु दोष घर-आंगन में तुलसी होने से कई प्रकार के वास्तु दोष भी समाप्त हो जाते हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी इसका शुभ असर होता है।
6👉 तुलसी घर में हो तो नहीं लगती है बुरी नजर मान्यता है कि तुलसी से घर पर किसी की बुरी नजर नहीं लगती है। साथ ही, घर के आसपास की किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा पनप नहीं पाती है। सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
7👉 तुलसी से वातावरण होता है पवित्र तुलसी से घर का वातावरण पूरी तरह पवित्र और हानिकारक सूक्ष्म कीटाणुओं से मुक्त रहता है। इसी पवित्रता के कारण घर में लक्ष्मी का वास होता है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
8👉 तुलसी का सूखा पौधा नहीं रखना चाहिए घर में यदि घर में लगा हुआ तुलसी का पौधा सूख जाता है तो उसे किसी पवित्र नदी में, तालाब में या कुएं में प्रवाहित कर देना चाहिए। तुलसी का सूखा पौधा घर में रखना अशुभ माना जाता है। एक पौधा सूख जाने के बाद तुरंत ही दूसरा पौधा लगा लेना चाहिए। घर में हमेशा स्वस्थ तुलसी का पौधा ही लगाना चाहिए।
9👉 तुलसी है औषधि भी आयुर्वेद में तुलसी को संजीवनी बूटी के समान माना जाता है। तुलसी में कई ऐसे गुण होते हैं जो बहुत-सी बीमारियों को दूर करने में और उनकी रोकथाम करने में सहायक होते हैं। तुलसी का पौधा घर में रहने से उसकी महक हवा में मौजूद बीमारी फैलाने वाले कई सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट करती है।
10👉 रोज तुलसी की एक पत्ती सेवन करने से मिलते हैं ये फायदे तुलसी की महक से सांस से संबंधित कई रोगों में लाभ मिलता है। साथ ही, तुलसी का एक पत्ता रोज सेवन करने से हम सामान्य बुखार से बचे रहते हैं। मौसम परिवर्तन के समय होने वाली बीमारियों से बचाव हो जाता है। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, लेकिन हमें नियमित रूप से तुलसी का सेवन करते रहना चाहिए।
एक और बात तुलसी कृष्ण को बेहद प्यारी हैं,इसलिये प्रतिदिन कान्हा के चरणों में तुलसीदल यानि तुलसी का पत्ता ज़रूर अर्पण करना चाहिये..
कृष्णसेवा के प्रत्येक भोग में तुलसी दल रखकर अर्पण करना चाहिये
“तुलसी कृष्ण प्रेयसी नमो: नमो:"
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16/11/2024
सुखी जीवन के सरल उपाय
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1-प्रतिदिन अगर तवे पर रोटी सेंकने से पहले दूध के छींटे मारें, तो घर में बीमारी का प्रकोप कम होगा।
2-प्रत्येक गुरुवार को तुलसी के पौधें को थोडा - सा दूध चढाने से घर में लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
3-प्रतिदिन संवेरे पानी में थोडा - सा नमक मिलाकर घर में पोंछा करें, मानसिक शांति मिलेगी।
4-प्रतिदिन सवेरे थोडा - सा दूध और पानी मिलाकर मुखय द्वार के दोनों ओर डाले, सुख - शांति मिलेगी।
5-मुखय द्वार के परदे के नीचे कुछ घुंघरु बांध दे, इसके संगीत से घर में प्रसन्नता का वातावरण बनेगा।
6-प्रतिदिन शाम को पीपल के पेड को थोडा - सा दूध - पानी मिलाकर चढाएं, दीपक जलाएं तथा मनोकामना के साथ पांच परिक्रमा करें। शीघ्र मनोकामना पूरी होगी।
7-प्रतिदिन सवेरे पहली रोटी गाय को, दूसरी रोटी कुत्ते को एवं तीसरी रोटी छत पर पक्षियों को डालें। इससे पितृदोष से मुक्ति मिलती है तथा पितृदोष के कारण प्राप्त कष्ट समाप्त होते हैं
8-किसी भी दिन शुभ - चौघडिये में पांच किलो साबूत नमक एक थैली में लाकर अपने घर में ऐसी जगह रखें जहां पानी नहीं लगे। यदि अपने आप पानी लग जाए तो इसे काम में नहीं ले, फेंक दे तथा नया नमक लाकर रख दें। यह घर के नकारात्मक प्रभाव को कम करता है एवं सकारात्मक प्रभाव को बढाता हैं
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*गोंद-कतीरा का सेवन स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक है....*
गोंद कतीरा तासीर में ठंडा है,
इसलिए गर्मी में इसका सेवन करें।
इसके सेवन से शरीर में ताक़त बनी रहती है।
पेशाब में जलन और पेशाब सम्बंधित बीमारी में यह रामबाण की तरह काम करता है।
गोंद कतीरा का प्रयोग विभिन्न प्रकार के रोगों को दूर करने के लिए किया जाता है।
*▪️गोंद कतीरा के गुण....*
गोंद कतीरा शरीर के खून को गाढ़ा करता है, हृदय की कठोरता को दूर करता है और आंतों की खराश को दूर करके बलवान बनाता है।
यह शरीर से निकलने वाले खून को रोकता है,
सांस रोग को दूर करता,
खांसी को नष्ट करता व
कफ दूर करता है।
यह छाती की खरखराहट और फेफड़ों के जख्मों को खत्म करता है। इसका प्रयोग जहर को उतारने के लिए भी किया जाता है विशेषकर गर्म मिजाज वालों व्यक्ति के जहर को।
पेशाब की जलन,
मासिकस्राव का कम आना,
हाथ-पैरों की जलन,
सिर की जलन,
खुश्की,
अधिक प्यास लगना आदि रोग ठीक होते हैं।
*▪️शरीर की गर्मी व जलन से छुट्टी.....*
अगर आपके हाथ-पैरों में जलन की समस्या हो तो 2 चम्मच कतीरा को रात को सोने से पहले 1 गिलास पानी में भिगों दें।
सुबह कतीरा के फूल जाने इसको शक्कर के साथ मिलाकर रोजाना खाने से हाथों और पैरों की जलन दूर हो जाती है।
अगर शरीर अधिक गर्म महसूस हो तो कतीरा को पानी में भिगोकर मिश्री मिले शर्बत के साथ घोटकर सुबह-शाम सेवन करें।
इससे शरीर की गर्मी दूर होती है। इसके सेवन करने से गर्मियों में लू से बचा जा सकता है।
*▪️स्त्री रोग मे फायदेमंद....*
कतीरा गोंद का सेवन महिलाओं की समस्याए जैसे बच्चा होने के बाद की कमजोरी,
माहवारी की गड़बड़ी या ल्यूकोरिया आदि की समस्या को ठीक करता है।
यह कमजोरी और उसके कारण होने वाली शारीरिक अनियमिताओं को ठीक करता है।
गोंद कतीरा तथा मिश्री को बराबर की मात्रा में मिलाकर पीस लें और 2 चम्मच की मात्रा में कच्चे दूध के साथ सेवन करें |
*■ स्वप्नदोष.....*
स्वप्नदोष के लिए, करीब 6 ग्राम गोंद कतीरा, रात को एक कप पानी में भिगा दी जाती है। रात भर में यह गोंद फूल जाता है जिसमे मिश्री 12 ग्राम मिलाकर खाया जाता है। 10-15 दिन तक इसके सेवन से स्वप्न दोष में लाभ होता है।
*▪️पैरों की जलन.....*
गोंद कतीरा रात को एक गिलास पानी में भिगोकर रख दें और सुबह इसमें चीनी मिलाकर सेवन करें। इससे हाथों-पैरों की जलन दूर होती है। इसका प्रयोग गर्मियों में बहुत ही लाभदायक है।
*▪️मूत्ररोग....*
10 ग्राम से 20 ग्राम गोंद कतीरा सुबह शाम फुलाकर मिश्री के साथ शर्बत घोटकर पीने से मूत्ररोग में लाभ मिलता है।
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