Astro Help

Astro Help

Share

23/05/2019

⚛ सुख - दुःख का रहस्य ⚛
-------------------------------
एक बार माता पार्वती ने भगवान शिव से कहा की प्रभु मैंने पृथ्वी पर देखा है कि जो व्यक्ति पहले से ही दुःखी है आप उसे और ज्यादा दुःख प्रदान करते हैं और जो सुख में है आप उसे दुःख नहीं देते है। भगवान ने इस बात को समझाने के लिए माता पार्वती को धरती पर चलने के लिए कहा और दोनों ने इंसानी रूप में पति-पत्नी का रूप लिया और एक गांव के पास डेरा जमाया। शाम के समय भगवान ने माता पार्वती से कहा की हम मनुष्य रूप में यहां आए है इसलिए यहां के नियमों का पालन करते हुए हमें यहां भोजन करना होगा। इसलिए मैं भोजन कि सामग्री की व्यवस्था करता हूं, तब तक तुम भोजन बनाओ।

भगवान के जाते ही माता पार्वती रसोई में चूल्हे को बनाने के लिए बाहर से ईंटें लेने गईं और गांव में कुछ जर्जर हो चुके मकानों से ईंटें लाकर, चूल्हा तैयार कर दिया। चूल्हा तैयार होते ही भगवान वहां पर बिना कुछ लाए ही प्रकट हो गए। माता पार्वती ने उनसे कहा आप तो कुछ लेकर नहीं आए, भोजन कैसे बनेगा। भगवान बोले - पार्वती अब तुम्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। भगवान ने माता पार्वती से पूछा की तुम चूल्हा बनाने के लिए इन ईटों को कहां से लेकर आई तो माता पार्वती ने कहा - प्रभु इस गावं में बहुत से ऐसे घर भी हैं जिनका रख रखाव सही ढंग से नहीं हो रहा है। उनकी जर्जर हो चुकी दीवारों से मैं ईंटें निकाल कर ले आई। भगवान ने फिर कहा - जो घर पहले से ख़राब थे तुमने उन्हें और खराब कर दिया। तुम ईंटें उन सही घरों की दीवार से भी तो ला सकती थीं। माता पार्वती बोली - प्रभु उन घरों में रहने वाले लोगों ने उनका रख रखाव बहुत सही तरीके से किया है और वो घर सुंदर भी लग रहे हैं ।

ऐसे में उनकी सुंदरता को बिगाड़ना उचित नहीं होता। भगवान बोले - पार्वती यही तुम्हारे द्वारा पूछे गए प्रश्न का उत्तर है। जिन लोगो ने अपने घर का रख रखाव अच्छी तरह से किया है यानि सही कर्मों से अपने जीवन को सुंदर बना रखा है उन लोगों को दुःख कैसे हो सकता है। मनुष्य के जीवन में जो भी सुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा सुखी है, और जो दुखी है वो अपने कर्मों के द्वारा दुखी है। इसलिए हर एक मनुष्य को अपने जीवन में ऐसे ही कर्म करने चाहिए की, जिससे इतनी मजबूत व खूबसूरत इमारत खड़ी हो कि कभी भी कोई भी उसकी एक ईंट भी निकालने न पाए।

02/08/2018

नौकरी/ व्यवसाय में सफ़लता नही मिल रही? हम आप की मदद कर सकते हैं
क्या आप को अपने करियर में घुटन सी महसूस हो रही है? या व्यवसाय में तनाव के कारण आप हताश हैं? हमारे ज्योतिषी आप की परेशानियों के लिए समाधान उपलब्ध करा सकते हैं।
शनिवार को हनुमानजी का दिन माना जाता है और इस दिन की पूजा-अर्चना की जाती है ताकि भगवान सुख हो जाएं और भक्तों की मनोकामना पूरी करें। शनिवार को अक्सर ही देखा जाता है कि हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर (चोला) चढ़ाया जाता है। चोला चढ़ाते समय अगर आप एक खास मंत्र का जाप करेंगे जो आपके काम में आ रहीं रूकावटें दूर हो सकतीं हैं।
मंत्र-
सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये।
भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।।

विधि
- सुबह जल्दी उठकर हनुमान मंदिर पर जाकर अच्छे मन से चोला चढाना चाहिए और इसके बाद भगवान की आरती करनी चाहिए।
- श्री हनुमान की ऐसी उपासना नियमित रूप से भी करें तो शांत मन से पैदा ईश्वर व खुद के प्रति विश्वास व्यावहारिक रूप से मनचाही सफलता व यश दिलाने वाला साबित होगा।
किसी भी सम्सया का समाधान ज्योतिष द्वारा जानने के लिए संपर्क करे - 8476070707

Want your place of worship to be the top-listed Place Of Worship in Meerut City?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address


S2s Squire Shop No 5
Meerut City
250001

Opening Hours

Monday 9am - 5pm
Tuesday 9am - 5pm
Wednesday 9am - 5pm
Thursday 9am - 5pm
Friday 9am - 5pm
Saturday 9am - 5pm
Sunday 9am - 5pm