Arvind Das
23/02/2026
06/02/2026
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सतभक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है। सांसारिक सुख, जैसे धन-संपत्ति और सेहत तो सतभक्ति के उप-उत्पाद हैं।
सतभक्ति करने से यहां भी सुख मिलता है और परलोक में भी सुख मिलता है।
कबीर परमात्मा की सतभक्ति मर्यादा में रहकर करने से कैंसर, एड्स जैसी बीमारी भी ठीक होती हैं।
#सतभक्ति_से_मिटे_सारे_कष्ट #सतभक्ति_से_सुख
06/02/2026
सतभक्ति करने से नशे से भी छुटकारा मिलता है। शराब तथा तम्बाकू के प्रति नफरत हो जाती है। वर्तमान में सतभक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज जी के पास है।
#सतभक्ति_से_मिटे_सारे_कष्ट
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31/01/2026
जीवन बचाने की अनूठी पहल!
सतलोक आश्रम खमाणों (पंजाब) में आयोजित शिविर में अनुयायियों ने किया 127 यूनिट रक्तदान। लाखों जिंदगियाँ बचाने के संत रामपाल जी महाराज के मिशन को मिली नई शक्ति।
#जीवनदान_का_संकल्प
31/01/2026
जिंदगी बचाने का महाअभियान!
सतलोक आश्रम सोजत (राजस्थान) में समागम के दौरान 163 यूनिट रक्तदान। संत रामपाल जी के अनुयायी बने मानवता के सच्चे प्रहरी।
#जीवनदान_का_संकल्प
29/01/2026
महीना माघ शुक्ल पक्ष तिथि एकादशी वि. स. 1575, सन् 1518 को परमेश्वर कबीर साहेब जी मगहर से सशरीर अपने अविनाशी धाम सतलोक गए थे जिसका प्रमाण आज भी मगहर (वर्तमान जिला कबीर नगर) में विद्यमान है। यही प्रमाण ऋग्वेद मंडल 9 सूक्त 93 मंत्र 2 देता है कि परमात्मा सशरीर प्रकट होता है और सशरीर अपने निज लोक को चला जाता है।
गरीब, काया काशी मन मगहर, दौहूं के मध्य कबीर।
काशी तज मगहर गया, पाया नहीं शरीर।।
508th God Kabir NirvanDiwas
्मा_न_मरा
29/01/2026
508th God Kabir NirvanDiwas
पांच तत्व का धड़ नहीं मेरा, जानुं ज्ञान अपारा।
सत्य स्वरूपी नाम साहेब का, सोई नाम हमारा।।
हाड़, चाम, लहु नहीं मेरे, कोई जाने सत्य नाम उपासी।
तारन तरन अभय पद दाता, मैं हूं कबीर अविनाशी।।
कबीर परमेश्वर जी ने स्वयं कहा था कि मेरा पांच तत्व से बना शरीर नहीं है। मैं अविनाशी परमात्मा हूँ। न मेरा जन्म होता, न मृत्यु। सबका उद्धार करने आया हूँ।
्मा_न_मरा #कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
27/01/2026
मगहर से सतलोक गया कबीरा, जाका पाया नहीं शरीरा।
आदरणीय धर्मदास जी ने परमेश्वर कबीर साहेब जी की महिमा में कहा है :-
हिन्दू के तुम देव कहाये, मुसलमान के पीर।
दोनो दीन का झगड़ा छिड़ गया, टोहे न पाया शरीर।।
कबीर परमेश्वर जी अजरो अमर हैं और सशरीर अपने सतलोक गए थे। हिंदू और मुसलमानों ने जब उनके शरीर का अंतिम संस्कार करना चाहा। तब उनका शरीर नहीं मिला था। शरीर के स्थान पर सुगन्धित फूल मिले थे।
2Days Left For Nirvan Diwas
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27/01/2026
संत गरीबदास जी महाराज की वाणी (पारख के अंग से वाणी):-
तहां वहां चादर फूल बिछाये, सिज्या छाड़ी पदहि समाये।
दो चादर दहूँ दीन उठाई, ताके मध्य कबीर न पाई।।1131।।
तहां वहां अबिगत फूल सुवासी, मगहर घोर और चैरा काशी।
अबिगत रूप अलख निरवाणी, तहां वहां नीर क्षीर दिया छांनी।।1132।।
वर्तमान समय में मगहर में कबीर परमेश्वर जी की याद में मुस्लिम लोगों ने मज़ार और हिंदुओं ने समाधि बनाई हुई है जिसमें मात्र सौ फीट की दूरी का अंतर है। जहां बैठकर कबीर साहेब सत्संग किया करते थे वहां काशी-चौरा नाम से यादगार बनाई गई है।
कबीर परमात्मा सशरीर सतलोक गए थे।
2Days Left For Nirvan Diwas
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26/01/2026
उत्तर दक्षिण पूर्व पश्चिम, फिरता दाणे दाणे नूं।
सर्व कला सतगुरु साहेब की, हरि आये हरियाणे नूं।।
जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में कबीर परमेश्वर जी के निर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 27 से 29 जनवरी 2026 को सतलोक आश्रमों में विशाल सत्संग, संत गरीबदास की महाराज जी वाणियों का अखंड पाठ, शुद्ध देसी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम सम्पन्न हो रहे है। जिसमें आप सपरिवार सादर आमंत्रित है।
#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ🙏🙏🙏
26/01/2026
निर्वाण दिवस पर संपूर्ण विश्व को निमंत्रण
लगभग 508 वर्ष पूर्व कबीर परमेश्वर मगहर से सशरीर सतलोक गए जिसे निर्वाण दिवस के रूप में जाना जाता है।
इसी उपलक्ष्य में संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में दिनांक 27 से 29 जनवरी 2026 को देश-विदेश में सतलोक आश्रमों में संत गरीबदास जी महाराज की अमरवाणी का अखंड पाठ, शुद्ध देसी घी से निर्मित विशाल भंडारा, रक्तदान शिविर, नशामुक्त कार्यक्रम, दहेजमुक्त विवाह जैसे अद्भुत समाज सेवी कार्यक्रम होंगे।
इस महासमागम में आप सभी सहपरिवार सादर आमंत्रित हैं।
#कबीर_परमेश्वर_निर्वाण_दिवस
#निमंत्रण_संसारको_सम्मानकेसाथ
26/01/2026
आज से लगभग 507 वर्ष पूर्व (मास माघ, शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी वि. स. 1575 सन् 1518 को) परमेश्वर कबीर बंदी छोड़ जी ने उत्तरप्रदेश के मगहर कस्बे से लाखों लोगों के सामने सशरीर सतलोक (ऋतधाम) को प्रस्थान किया था। वर्तमान में संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में 27 से 29 जनवरी 2026 तक निर्वाण दिवस सतलोक आश्रमों में मनाया जा रहा है। इस उपलक्ष्य में तीन दिवसीय शुद्ध देसी घी से निर्मित निःशुल्क विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आप सभी सह परिवार सादर आमंत्रित हैं।
इन समागमों में भोजन प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं को गीता में वर्णित पांचो यज्ञों का फल प्राप्त होता है ।
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