DikshadhamGujarat
21/08/2024
*બુદ્ધ તેમજ બાબા સાહેબના ચિત્રોનાં પ્રદર્શનનો પ્રિવ્યું શો*
*-: જાહેર નિમંત્રણ :-*
બૌદ્ધ ઉપાસક અને ખ્યાતનામ ચિત્રકાર
*આયુ બુદ્ધસેન હર્ષ* *(બિપીનભાઈ ધામેલ* અમદાવાદ)ના ચિત્રોનું પ્રદર્શન *લલિત કલા અકાદમી અમદાવાદ ખાતે તારીખ 21 ઓગસ્ટ 2024ને શુક્રવાર થી 23 ઓગસ્ટ સવરે 11.00 વાગ્યા થી 7.00 સુધી* રાખેલ છે.
આ વિશેષ ચિત્રોમાં *ભગવાન બુદ્ધ, બાબા સાહેબ અને અન્ય મહાનુભવોની ટપાલ ટિકિટોના ચિત્રો તેમજ વિવિધ સર્જનાત્મક ચિત્રો નો સમાવેશ કરેલ છે..*
*આ પ્રદર્શનનો ઉદ્ઘાટન સમારોહ*
*તારીખ 21 ઓગસ્ટ 2024ને શુક્રવારના રોજ સાંજે 4.00 વાગે રાખેલ છે.*
નિમત્રક:
*આયુ. બુદ્ધસેન હર્ષ*
*(બિપીનભાઈ ધામેલ)*
+91 99097 05420
30/03/2024
*आणंद (शहर) में फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर बुद्ध वंदना एवं धम्म देश का आयोजन:*
*फाल्गुन पूर्णिमा के अवसर पर बौद्ध उपसिका अनीता बहन बौद्ध के परिवार द्वारा आणंद स्थित अपने आवास पर एक धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।*
*प्रारंभ में श्रद्धावान बौद्ध परिवार की ओर से सुंदर रूप से सजाए गए बुद्ध पर्यंक में तथागत बुद्ध और बोधिसत्व बाबा साहब आंबेडकर जी की प्रतिमा पर त्रिअर्पण (दीपक, फूल और धूप) अर्पण किया गया।*
*बाद आदरणीय धम्मचारी आनंदशाक्य जी (कच्छ) द्वारा त्रिशरण पंचशील और सकारात्मक पंचशील की परिकल्पना की गई।*
*इस अवसर पर धम्म देशना में धम्मचारी आनंदशाक्य जी ने बौद्ध परंपरा में फाल्गुन पूर्णिमा के महत्व को समझाया। फाल्गुन पूर्णिमा पर तथागत बुद्ध पैतृक निवास कपिलवस्तु में प्रवेश करते हैं। महाभिनिष्क्रमण तथा बुद्धत्व प्राप्त करने के बाद वे पहली बार कपिलवस्तु पहुँच रहे थे। सम्पूर्ण कपिलवस्तु एवं मध्यदेश में समस्त जनता में अत्यधिक हर्ष एवं उत्साह देखा गया। इसलिए यह त्योहार फूलों और रंगों के साथ मनाया गया। यह परंपरा बुद्ध से जुड़ा एक मौसमी त्योहार है। लेकिन, जो बुद्ध में अविश्वास रखता था, वो धूल और मिट्टी से खेलता था, जिससे इसे "धुलेटी" नाम दिया गया। ऐसा आचरण करने वाले को बुद्ध ने "ग्रामीण" (uncivilized) कहा है। जिसका आज समाज में विकृतिकरण करके नारी को जिंदा जलाने क्रूर परंपरा को बढ़ावा दिया जा रहा है और संपूर्ण नारी जाति का अपमान किया जा रहा है।*
*धम्मचारी जी ने बोधिसत्व बाबा साहब के सामूहिक धम्मक्रांति में धर्मांतरण का मुख्य कारण जातिवाद या जाति को मिटाना है बताय। अतः हमें बौद्ध बनना चाहिए और जातिविहीन "आदर्श बौद्ध समाज" के निर्माण की ओर आगे बढ़ना चाहिए। जब तक धर्मांतरण करने वाला समाज "बौद्ध समाज" के रूप में अपनी सामाजिक पहचान विकसित नहीं कर लेता, तब तक वह अछूत या पिछड़ा होने की अपनी छाप नहीं मिटा पाएगा। इसलिए सभी ने बौद्ध के रूप में अपनी सामाजिक पहचान बनाने का प्रयास करना होगा।*
*तत्पश्चात उपस्थित कुछ उपासकों ने इस अवसर पर अपनी शुभकामनाएँ दीं। मेजबान परिवार द्वारा बौद्ध परंपरा के अनुसार खिरदाना (पायस दान) किया गया।*
*सम्पूर्ण कार्यक्रम का सुचारू संचालन धम्ममित्र कुमारजय ने किया।*
*कार्यक्रम को सफल बनाने में*
*उपासिका अनिताबेन बौद्ध और परिवार*
*उपासिका मंजुलाबेन बौद्ध*
*उपासक बिपिनभाई बौद्ध*
*उपासक कल्पेशभाई*
*उपासक कांतिभाई वाघेला*
*उपासक दिनेश बौद्ध*
*उपासक दीपक बौद्ध तथा उपस्थित श्रद्धावान मित्रों का आभार व्यक्त किया।*
25/03/2024
*ફાલ્ગુન પૂર્ણિમા નિમિત્ત બુદ્ધ વંદના અને ધમ્મ દેશના:*
*-: નિમંત્રણ :-*
*આણંદ (સીટી)*
ત્રિરત્નાનુભાવથી જણાવતા આનંદ થાય છે કે આગામી *ફાલ્ગુન પૂર્ણિમા* નિમિત્ત બુદ્ધ વંદના અને ધમ્મ દેશનનું આયોજન કરવામાં આવેલ છે.
આ ધર્મિક પ્રસંગે આપ સર્વે પરિવાર સહ પધારવા મૈત્રીપૂર્ણ નિમંત્રણ છે.
*વિશેષ ઉપસ્થિતિ:*
*ધમ્મચારી આનંદશાકય*
Dhammachari Anand Shakya
*વિષય:*
*ફાલ્ગુન પૂર્ણિમાનું બૌદ્ધ ધમ્મમાં મહત્વ:*
*સમય:*
*તારીખ: 25.03.2024,* *સોમવાર*
*સાંજે: 8.00 વાગે*
*સ્થળ:*
આયુ. અનિતા બહેનનું નિવાસસ્થાન
13, આકાશ ટાઉનશીપ (1),
તુલસી ગરનાળાથી અંદર આવવું.
*આણંદ*
*સંપર્ક:*
આયુ. અનિતા બહેન બૌદ્ધ
મોબાઈલ:+91 90547 51268
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