Lord Buddha
03/01/2026
आज, 3 जनवरी, एक ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनेगा.
सुबह 11 बजे, Grand International Exposition of Sacred Piprahwa Relics का उद्घाटन नई दिल्ली में होगा. दिल्ली के राय पिथोरा सांस्कृतिक परिसर के इस अद्वितीय प्रदर्शनी में आप पिपरहवा के पवित्र अवशेष देख सकते हैं, जो 127 वर्ष बाद पुनः भारत लाए गए.
उत्तर प्रदेश में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां 1898 में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र अवशेष खोजे गए थे. ब्रिटिश अधिकारी विलियम क्लैक्सटन पेप्पे ने यहां खुदाई की, जिसमें हड्डियों के टुकड़े, क्रिस्टल के ताबूत, सोने के आभूषण और अन्य धार्मिक चढ़ावे मिले.
एक ब्राह्मी लिपि का शिलालेख मिला, जिसमें इन अवशेषों के सीधे भगवान बुद्ध से संबंधित होने की बात कही गई है और यह उल्लेख है कि इन्हें शाक्य वंश ने स्थापित किया था.
को भारत सरकार ने ‘AA’ पुरावशेष के रूप में वर्गीकृत किया है, जिससे इसे राष्ट्रीय कानून के तहत उच्चतम स्तर की सुरक्षा प्राप्त है और बेचने या हटाने पर रोक है.
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