Gpl Dynamite
अभी GPL मे मेरा पहला साल था, खुशी के मारे
मेरा बुरा हाल था...।
खुशियां कुछ यूं उमड़ रहीं थी, की संभाले नही संभल
रही थी...।
सुबह-सुबह बन ठन के वो कालेज आना, वो उस एक का कयामत ढाना ।
वो प्यार भरी निगाहे वो दिलकश अदाएँ, ज़ुल्फे थी ऐसी जैसे बादल सी घटाएँ।
पहली मुलाकात हुई कुछ इस तरह, नोट्स दे देना मुझे प्रैक्टिकल की ज़रा।
हम तो थे नादान परिंदे कुछ और न कह पाते थे,
प्यार मुहब्बत इश्क वफा ये हमको नही कुछ आते थे|
कुछ दिन बाद अचानक एकदम अलग हमारी क्लास हुई,
ब्रांच तो अलग थी ही मेरी ज़िन्दगी बकवास हुई|
एक दिन सोचा दिल ही दिल मे आओ उसको देख लेँ,
क्लास मे उसकी जाके अपनी नज़र को थोड़ा सेक लेँ|
देखा उसको ज्यो ही मैने सिर मेरा चकराया, ब्वायफ्रेन्ड को देख के उसके खूब मै पछताया|
दिल जो टूटा गुस्सा आया सोचा मै हूँ कायर,
दिल ने चाहा उसके सर पर मारु टी स्कवायर..
साभार- �
kya hua?
mujhe lag raha hai Gpl Dynamite ab katam ho raha hai invite your friends to connect with us....
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