Mohd Arshad
16/01/2025
अब या सुबह, जब भी ये photo आपके सामने आए तो इसे गौर से देखना और जब कभी #संघर्ष की परिभाषा लिखनी पड़े तो एक बार इस photo को याद करना
रात का सवा एक बजा है, धुंध की चादर में लिपटे यमुना एक्सप्रैसवे पर visibility कामचलाऊ और बाहर टैम्प्रेचर 9℃ है, गाड़ी एवरेज 60-70 की स्पीड पर चल रही है
चाय पीने के लिये एक point पर हम रुके तो नजर पड़ी कि गाड़ी के पिछले टायर में हवा कम है, बगल में वर्कशॉप थी, वहां काम कर रहे वर्कर्स को हमने बोला कि भाई हवा भरवा दो
उन्होंने किसी को हवा भरने के लिये बोला तो दो मिनट बाद #आसिफ नाम का ये लड़का निकल कर आया और आकर हवा भरने लगा
इसकी उम्र बस 11-12 ही है, पैरों में कोई जूत्ते वगैरा नहीं पहन रखे, इतनी भयंकर ठंड के बावजूद पैरों में चप्पल और वो भी रात के 1:15 बजे, ऊपर से सोना भी नसीब में नहीं
सुमित मकड़ौली सर की वॉल से
आठवें वेतन आयोग पर पिछले साल लोक सभा में सवाल उठा था और इस साल 25 जुलाई को राज्यसभा सांसद श्री जावेद अली खान से सवाल पूछा तो वित्त राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने दो टूक जवाब दे दिया की 8th पे कमीशन के गठन के लिए मौजूदा सरकार की कोई योजना नही है।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सदन में पहले भी कहा था कि हम परफॉर्मेंस बेस्ड पे मैट्रिक्स पर विचार कर रहे हैं। हम में से बहुत कम लोग जानते है कि आठवें वेतन आयोग की जगह लेने वाला परफॉर्मेंस बेस्ड पे मैट्रिक्स कैसे काम करता है और इससे कैसे हमारे वेतन आदि पर असर पड़ेगा। एक उदाहरण से समझिए...
पिछले वर्ष प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा 1 में नामांकन की उम्र घटा कर 5 वर्ष की गई थी। इस वर्ष आयु सीमा 6 वर्ष हो गई है। अधिकांश जनपदों के बीएसए पिछले वर्ष के नामांकन को आधार बना कर इस वर्ष हुए कम नामांकन को अध्यापकों को दोषी ठहरा रहे हैं। कुछ जनपदों में अध्यापकों का वेतन रोका है । वेतन की रोक का आधार अध्यापकों का " परफॉर्मेंस" है।
दूसरा उदाहरण आई फ्लू का है। हर शहर , गांव ,मोहल्ले में आई फ्लू बुरी तरह से फैला हुआ है। सरकार आई फ्लू से बचाव के लिए प्रयास भी कर रही है। इसी माहौल में कुछ अधिकारी गण द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में 70% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है जबकि प्राइवेट स्कूलों में आंख लाल होने ही बच्चे को घर भेज कर छुट्टी पर रहने को बोल दिया जा रहा है। अगर 70% से कम उपस्थिति है तो सरकारी स्कूल के अध्यापक का " परफॉर्मेंस" ठीक नही है।
अगर परफॉर्मेंस बेस्ड पे मैट्रिक्स आने वाले समय में लागू होता है तो कर्मचारियों को उस अपराध की भी सजा मिलेगी जिसमे उनकी कोई संलिप्तता है ही नही। चूंकि परफॉर्मेंस बेस्ड पे मैट्रिक्स कानून का रूप ले चुका होगा तो हमारी कही सुनवाई भी नही होगी।
1 अक्टूबर 2023 को पुरानी पेंशन की मांग वाले धरने में आठवें वेतन आयोग के गठन की मांग भी हम कर्मचारियों को ज़ोर शोर से उठानी चाहिए।
9 मार्च, 2022 को कैबिनेट ने सरकारी जमीनों को बेचने के लिए नेशनल लैंड मोनेटाईजेशन कार्पोरेशन बनाने की अनुमति दे दी है। इस लैंड मोनेटाइजेशन कॉरपोरेशन का काम देश की समस्त सरकारी संपत्तियों( रेलवे से लेकर रक्षा मंत्रालय की जमीनों) को बेचने और सेंट्रल पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज तथा सरकार से जुड़ी अन्य ऐजेंसियों के अतिरिक्त मकानों आदि का मूल्यांकन करना होगा।
सार्वजनिक उद्यमों को सक्षम बनाने, बेचने आदि की यह प्रक्रिया पहले से ही चल रही है। लेकिन, सरकार की नजर में यह काम धीमी गति से चल रहा था इसलिए कुछ और सक्षम व्यवस्था के तौर पर नेशनल लैंड मोनेटाइजेशन कार्पोरेशन का गठन किया गया है। यह वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करेगा लेकिन इसकी अपनी आर्थिक संरचना होगी। इस कॉर्पोरेशन में प्राइवेट सेक्टर के अनुभवी कार्मिकों को नियुक्त किया जाएगा।
सरकारी संपत्तियों को बेचने से जो राजस्व प्राप्त होगा उससे राजकोषीय घाटा कम करने में मदद मिलेगी।
हम राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण का पुरज़ोर विरोध करते हैं। सरकारी बैंक बचाने की मुहिम में हम बैंक कर्मियों के साथ हैं।
भाई रजत सिंह ! बस इसी शिद्दत के साथ लगे रहिए। सफलता जरूर मिलेगी ।
#भर्ती_97000
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