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इस बड़े मंगल 10 जून को हनुमान जी की उपासना पूजा और हनुमान चालीसा का पाठ करने से जीवन की कई सारी समस्याओं से समाधान पाया जा सकता है इस बार मंगलवार को बड़ा ही प्रभावकारी योग बन रहा है अतः अपने जीवन में उन्नति और सुख शांति प्राप्त करने के लिए इस मंगलवार को हनुमान जी की कृपा प्राप्त करें इसके साथ ही कुछ और भी दुर्लभ योग बन रहे हैं जीन से आप सभी देखेंगे की एक-दो दिन पहले और एक-दो दिन बाद दुनिया में कुछ बड़े विनाशकारी परिणाम भी दिखाई देने के योग बना रहे हैं अतः इन समस्याओं से बचने के लिए हनुमान जी की उपासना ही एकमात्र उपाय है
जय भोले शंकर
यकीनन
कुछ ही घंटों में रोने की आवाज पूरी तरह से बंद हो जाएगी ..
रिश्तेदारों
के लिए खाना बनवाने या मंगवाने में जुटे जायेगा परिवार,
परिवार के लोग या रिश्तेदार सोने से पहले चाय की दुकान पर टहलने निकल जाएंगे !
कोई
रिश्तेदार आपके बेटे या बेटी से फोन पर बात करेगा कि आपात स्थिति के कारण वह व्यक्तिगत रूप से नहीं आ पा रहा है ..
और
तो और इधर आपका मृत शरीर चिता पर जल रहा होगा,
उधर
आपको अंतिम विदाई देने आए लोगों में से कोई फोन पर किसी से बतिया रहा होगा,
कोई
वाट्स एप, फेसबुक पर व्यस्त होगा तो दूर झुंड बनाकर बैठे कुछ लोग घर परिवार,
व्यवसाय, खेल आदि अन्य विषयों पर चर्चा कर रहे होंगे .
अगले
दिन रात के खाने के बाद,
कुछ रिश्तेदार कम हो जाएंगे,
और कुछ लोग सब्जी में पर्याप्त नमक नहीं होने की शिकायत करते होंगे।
भीड़
धीरे धीरे छंटने लगेगी ,
आपका कार्यालय या आपकी व्यवसाय में आपकी जगह कोई और ले लेगा !!
महीने
के अंत तक आपका जीवनसाथी कोई कॉमेडी शो देख कर हंसने लगेगा !!
सबका
जीवन सामान्य हो जाएगा ..
आपको
इस दुनिया में आश्चर्यजनक गति से भुला दिया जाएगा।
इस
बीच आपकी प्रथम वर्ष पुण्यतिथि भव्य तरीके से मनाई जाएगी।
पलक
झपकते ही साल बीत गए और आपके बारे में बात करने वाला कोई नहीं है .
एक
दिन बस पुरानी तस्वीरों को देखकर आपका कोई बेहद करीबी आपको याद कर सकता है !
लोग
आपको आसानी से भूलने का इंतजार कर रहे हैं,
फिर
आप किसके लिए दौड़ रहे हो ❓
और आप किसके लिए चिंतित हैं?
क्या
आप अपने घर, परिवार, रिश्तेदार को संतुष्ट करने के लिए जीवन जी रहे हैं ?
जिंदगी
एक बार ही होती है, बस इसे जी भर के जी लो…
और
जितना हो सके इसके परम उद्देश्य के जितना निकट पहुंच सको,
पहुंचने
का प्रयास करें.!
किसी
और से जलन ईर्ष्या बदले की भावना अपने दिल में न आने दें !!
तभी
हमें महसूस होगा जीवन कितना अच्छा और सार्थक है ..
वर्ना तो
अपनी अपनी अपनी सोंच और फिलॉसफी तो हईयै है ‼️
पूजा करने का तात्पर्य-
पूजा वो विधि है जिसके द्वारा हम अपने ऊर्जा को एकत्रित करके ब्रह्मांड की महा ऊर्जा से जोड़ते हैं ब्रह्मांड की महा ऊर्जा से जुड़ने के पश्चात ही एकाग्रता आती है एकाग्रता हमारे लिए ज्ञान के द्वार खोलती है और ज्ञान हमें शरीर और भौतिक संसार की निरर्थकता को समझता है हमें व्यष्टि से समष्टि की ओर ले जाता है हमारा मन स्वार्थ क्रोध काम और अन्य कामनाओं से उठकर हमें वास्तविकता के समीप ले जाता है जहां इस समस्त संसार का सत्य निहित है अपने अंतह से निहित होकर जितना बाहर देखेंगे उतना ही भटकेंगे और भटकने का अर्थ है पाप की ओर अग्रसर होना क्योंकि तुम्हारे बाहर खड़ा भौतिक संसार तुम्हारी आवश्यकताओं हेतु सदैव तत्पर रहता है वह तुम्हारे सामने आवश्यकताए पैदा करता चला जाएगा और तुम उन आवश्यकताओं की पूर्ति करने हेतु उचित और अनुचित को भूलकर कब प्राप्त कर्मों में लिप्त हो जाओगे है तुम्हें पता ही नहीं चलेगा इसलिए केवल ज्ञान ही व्यक्ति का और समाज का हित कर सकता है किंतु ये तभी संभव है जब इसे निष्काम भावना से प्राप्त किया जा सके (धर्माचार्य - प्रियंकर उपाध्याय 9450653600)
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