Sultan Ahmad Rizvi
मेकअप से कबले बुढ़ापा छुपेगा?
क्या कहें कुछ कहा नहीं जाए
बिन कहे भी रहा नहीं जाये
जिस धारे मे सब बहते हैं
उस धारे मे बहा नहीं जाए
सब से खराब फैशन बेल बॉटम ही था. अच्छा खासा स्वस्थ नौजवान भी विकलांग दिखता था.
मान व मर्यादा की बात नहीं
कम या ज़्यादा की बात नहीं
जो मयस्सर है सामने आए
शायद ऐसे ही दिल बहल जाए
गर्मी इस क़दर है की पूँछिये मत। क्या करें क्या न करें कि स्थिति सामने है,
प्रोज़ लिखो तो पोयट्री आ टपकती है पसीना टपक टपक जीना मुहाल कर रहा है।
क्या मैने कभी आपकी एकाग्रता भंग की फिर आप क्यों? आप मुझे जानते होंगे पर मैं आपको क़तई नहीं जानता! बैठिए चाय पियेंगे। अरे अपना परिचय तो देते जाईये श्रीमान......
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Address
Lucknow
226015