The Insider Point
16/10/2025
रोडवेज बस की चपेट में आकर महिला अध्यापिका की दर्दनाक मौत, परिजनों में मचा कोहराम
रिपोर्ट: आचार्य संजीव कुमार मिश्रा
#बरेली फरीदपुर क्षेत्र में बुधवार शाम एक हृदयविदारक सड़क हादसे में 48 वर्षीय महिला अध्यापिका की जान चली गई। हादसा उस समय हुआ जब वह सड़क पार कर रही थीं, तभी बरेली की ओर से तेज रफ्तार आ रही रोडवेज बस ने उन्हें टक्कर मार दी।
घटना करीब शाम 3:45 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस की रफ्तार काफी तेज थी और चालक नियंत्रण नहीं रख पाया, जिसके चलते महिला उसकी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही महिला की मौत हो गई।
मृतका की पहचान श्याम सुंदर कन्या इंटर कॉलेज,फरीदपुर में कार्यरत एक निजी कर्मचारी के रूप में हुई है। वह पिछले पाँच से सात वर्षों से संस्थान से जुड़ी हुई थीं। उनके परिवार में एक बेटा है, जो फिलहाल पुणे में निवास कर रहा है। मृतका तीन बहनों और दो भाइयों में तीसरे स्थान पर थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने रोडवेज बस के चालक और परिचालक को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है और मामले की गंभीरता से तफ्तीश की जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, इस दुर्घटना की खबर मिलते ही मृतका के परिवार में कोहराम मच गया। शोकग्रस्त परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव परिजनों को सौंप दिया।
फरीदपुर पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोग इस हादसे से स्तब्ध हैं और प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की मांग कर रहे हैं।
14/10/2025
कर्मनाशा नदी पर बना पुराना पुल खराब हो गया कहकर एकाएक पीडब्ल्यूडी द्वारा बंद करना ग़लत : अजय राय
शहाबगंज पुलिस प्रशासन ने सूझबूझ से लिया काम नहीं लिया होता तो स्थानीय आक्रोशित व्यापारियों व पीडब्ल्यूडी में हो सकता था टकराव
स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रवली सिंह जो व्यापारियों व विद्यार्थियों के हितों को ध्यान देने पर जोर रहता हैं उनके साथ बैठक कर ही निर्णय होगा
रिपोर्ट: रतनेश यादव ( #चन्दौली)
#शहाबगंज: कर्मनाशा नदी पर शहाबगंज में पुरानी पुल पर आवागमन को रोकने के लिए एकाएक बिना व्यापारियों को जानकारी दिए दोनों तरफ बोल्डर लगाकर पैदल या साइकिल से आने वाले व्यापारियों व विद्यार्थियों को रोक दिया गया यह काम पीडब्ल्यूडी ने किया जिससे स्थानीय व्यापारियों व विद्यार्थियों में आक्रोश हो गया और नतीजा कि स्थानीय व्यापारी सड़कों पर उतर आए! और पीडब्ल्यूडी से टकराव की नौबत आ गई लेकिन शहाबगंज प्रभारी निरीक्षक ने सूझबूझ से काम लेते हुए टकराव नहीं होने दिया।
एआईपीएफ राज्य कार्य समिति सदस्य अजय राय ने स्थानीय व्यापारियों व विद्यार्थियों को हितों को देखते हुए अपनी प्रतिक्रिया दिया कि अगर कर्मनाशा नदी पर बना पुराना पुल की गुणवत्ता खराब हो गई थी तो पीडब्ल्यूडी के अधिकारी स्थानीय व्यापारियों के साथ व व्यापारियों के अनुसार व्यापारियों के हितों को सोचने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष छत्रवली सिंह के साथ बैठक कर पुल की खराब गुणवत्ता पर बातचीत होती और संभव हैं तो उसकी मरम्मत करा दिया जाता क्योंकि पुरानी पुल व्यापारियों व विद्यार्थियों से लेकर राहगीरों जो पैदल या साइकिल से चलते हैं उनके लिए सुगम था इसलिए व्यापारियों, विद्यार्थियों व राहगीरों की मांग है कि पुरानी पुल की मरम्मत कराकर फिर से रास्ते को खोल दिया जाए जिससे आवागमन सुगमतापूर्वक हों सके।
व्यापारियों का कहना है कि यह पुल न सिर्फ क्षेत्र की सामाजिक-सांस्कृतिक धड़कन से जुड़ा है बल्कि उनकी आजीविका की रीढ़ भी है।पुल को अचानक बंद कर देने का निर्णय व्यापारिक गतिविधियों को ठप्प कर देगा,जिससे व्यापारियों के परिवारों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा हो जाएगा। स्थानीय व्यापारियों का कहना हैं कि बाढ़ में कर्मनाशा नदी पर बने इस पुराने पुल की रेलिंग क्षतिग्रस्त हो गई है।हालांकि पुल की मूल संरचना पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ा है।स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यदि केवल रेलिंग की मरम्मत कर दी जाए तो पुल पूर्ववत उपयोग में लाया जा सकता है।
व्यापारियों का स्पष्ट कहना है कि पुल मरम्मत हो जाए तो पूरी तरह से सुरक्षित है पीडब्ल्यूडी द्वारा बगैर पूर्व सूचना के अचानक पुल को बंद करने का प्रयास पीडब्ल्यूडी की जल्दबाजी को दर्शाता है। स्थिति तनावपूर्ण होती देख प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्रा मौके पर पहुंचे और अपनी सूझबूझ से माहौल को शांत किया।उन्होंने व्यापारियों से संवाद स्थापित कर उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया।तब जाकर व्यापारी माने और व्यापारियों ने स्वयं दोनों तरफ रास्ते को बॉस बल्ली और रस्सी से बंद कर दिया जिससे कि कोई अनहोनी न हो।
व्यापारियों का कहना है कि इस पुल के जरिये ही कस्बे और आस-पास के गांवों से ग्राहक उनकी दुकानों तक पहुंचते हैं।यदि पुल बंद कर दिया गया तो वे कस्बे से सीधे जुड़ाव खो बैठेंगे और इसका सीधा असर व्यापार पर पड़ेगा।स्थानीय व्यापारी का कहना हैं कि पीडब्ल्यूडी हमारे सुरक्षा के लिए कर रहें तो ठीक हैं लेकिन मरम्मत कराकर ठीक भी तो कराया जा सकता हैं क्योंकि हमारी रोज़ी-रोटी का प्रश्न भी महत्वपूर्ण है।पुल को बंद करना हज़ारों लोगों के पेट पर लात मारने जैसा है।इस पुल से होकर प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राएं शहाबगंज कस्बे में स्थित स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने आती हैं।
इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्र के बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी यह पुल अत्यंत उपयोगी है जो प्रतिदिन कस्बे में खरीदारी या इलाज के लिए आती हैं।स्थानीय व्यापारियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पुराने पुल को मरम्मत कराकर फिर से बहाल किया जाय।
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