S.Kumar Kahani
राजनीति का आधार कहीं विश्वास भी हुआ है क्या ? सच्चा राजनीतिज्ञ अपने निकट के व्यक्ति को भी संदेह की दृष्टि से देखा करता है l यदपि ऐसा नहीं राजनीतिज्ञ का सदा अविश्वास ही करना चाहिए, किंतु यह मानता हूं उससे सावधान रहना चाहिए l
होलिका दहन होली के त्योहार के पहले दिन मनाया जाता है। यह पूजनीय रस्म है जो होली के पूर्व संध्या को मनाई जाती है। इस रस्म में, लोग एक छोटी जलती हुई मूर्ति को जलाते हैं जिसे होलिका कहते हैं। होलिका दहन के लिए लोग सभी उम्र के लोगों को एकत्रित करते हैं।
इस पूजा का इतिहास पुरातन है और इसमें प्रहलाद की कथा का जिक्र होता है। प्रहलाद एक भक्त था जो अपनी भक्ति से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करता था। प्रहलाद के बाप ने अपनी बहन होलिका के साथ साजिश रची थी जिससे प्रहलाद जलकर मर जाता है। लेकिन होलिका अपनी साजिश के फलस्वरूप खुद ही जल जाती है जबकि प्रहलाद को कुछ नहीं होता। इस पूजा के माध्यम से, होलिका दहन भक्तों को भगवान की कृपा और शुभकामनाएं देने के लिए किया जाता है।
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the school
Telephone
Website
Address
404-C, Ashutosh Nagar, Krishna Nagar
Lucknow
226023