Legal Pandit

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04/11/2021

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06/03/2021

भारतीय दण्ड संहिता।

अध्याय 1-

उद्देशिका:

धारा 1 - संहिता का नाम और उसके प्रर्वतन का विस्तार
यह अधिनियम भारतीय दण्ड संहिता कहलाएगा, और

इसका विस्तार अब जम्मू-कश्मीर राज्य सहित सम्पूर्ण भारत पर होगा । (निरस्त किया जा चुका है।)
अनुच्छेद 370 के हटाए जाने पर भारतीये दंड संहिता संपूर्ण भारत पर लागू होगा जिसमे जम्मू और कश्मीर कि केंद्र शासित प्रदेश भी सामिल है | संविधान के अनुसूची 5 के तहत 109 क़ानून अब जम्मू और कश्मीर पर भी लागु होगा जिसमे भारतीये दंड संहिता के साथ साथ हिन्दू विवाह अधिनियम , व और भी क़ानून है|

धारा 2 - भारत के भीतर किए गये अपराधों का दण्ड
हर व्यक्ति इस संहिता के उपबन्धों के प्रतिकूल हर कार्य या लोप के लिए जिसका वह भारत के भीतर दोषी होगा, इसी संहिता के अधीन दण्डनीय होगा अन्यथा नहीं ।

धारा 3 - भारत से परे किए गये किन्तु उसके भीतर विधि के अनुसार विचारणीय अपराधों का दंड
भारत से परे किए गए अपराध के लिए जो कोई व्यक्ति किसी भारतीय विधि के अनुसार विचारण का पात्र हो, भारत से परे किए गए किसी कार्य के लिए उससे इस संहिता के उपबन्धों के अनुसार ऐसा बरता जाएगा, मानो वह कार्य भारत के भीतर किया गया था ।

धारा 4 - राज्य-क्षेत्रातीत अपराधों पर संहिता का विस्तार
इस संहिता के उपबंध -

(1) भारत के बाहर और परे किसी स्थान में भारत के किसी नागरिक द्वारा ;

(2) भारत में रजिस्ट्रीकृत किसी पोत या विमान पर, चाहे वह कहीं भी हो किसी व्यक्ति द्वारा, किए गए किसी अपराध को भी लागू है

स्पष्टीकरण - इस धारा में “अपराध” शब्द के अन्तर्गत भारत से बाहर किया गया ऐसा हर कार्य आता है, जो यदि भारत में किया जाता तो, इस संहिता के अधीन दंडनीय होता ।

दृष्टांत

क. जो भारत का नागरिक है उगांडा में हत्या करता है । वह भारत के किसी स्थान में, जहां वह पाया जाए, हत्या के लिए विचारित और दोषसिद्द किया जा सकता है ।

धारा 5 - कुछ विधियों पर इस अधिनियम द्वारा प्रभाव न डाला जाना
इस अधिनियम में की कोई बात भारत सरकार की सेवा के ऑफिसरों, सैनिकों, नौसैनिकों या वायु सैनिकों द्वारा विद्रोह और अभित्यजन को दण्डित करने वाले किसी अधिनियम के उपबन्धों, या किसी विशेष या स्थानीय विधि के उपबन्धों, पर प्रभाव नहीं डालेगी ।

05/03/2021

संविधान क्या होता है |

किसी भी देश का संविधान उस देश की राजनीतिक व्यवस्था, न्याय व्यवस्था तथा नागरिकों के हितों की रक्षा करने का एक मूल माध्यम होता है| जिसके माध्यम से उस देश के विकास की दिशा का निर्धारण होता है| संविधान, किसी भी देश का मौलिक कानून है, जो सरकार के विभिन्न अंगों की रूपरेखा और मुख्य कार्य का निर्धारण करता है।

संविधान शब्द सम और विधान दो शब्दों से मिलकर बना है| सम का अर्थ बराबर और विधान का अर्थ नियम कौर कानून होता है, अर्थात वह नियम जो सभी नागरिको पर एक सामान लागू होता है, संविधान कहलाता है| संविधान को इंग्लिश में Constitution कहते है| संविधान किसी देश की नीतियों और सिद्धांतो का वह संग्रह होता है, जिसके आधार पर उस देश की शासन व्यवस्था को संचालित किया जाता है|

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