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29/06/2024

चक दे इंडिया..🇮🇳 🏑 🏑

T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2024 का खिताब हासिल करने पर भारतीय क्रिकेट टीम के सभी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई व शुभकामनाएँ।

01/02/2023

प्रथम भारतीय महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला जी की जयंती पर उन्हें कोटि - कोटि नमन।

उन्होंने न सिर्फ़ अंतरिक्ष की दुनिया में उपलब्धियां हासिल कीं, बल्कि तमाम छात्र-छात्राओं को अपने सपनों को जीना सिखाया था। वो दुनिया के लिए सदैव एक मिसाल रहेंगी।

26/01/2023

गणतन्त्र दिवस ( भारत )
भारत के संविधान की प्रस्तावना का मूल पाठ । भारत का संविधान लागू हुआ गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो प्रति वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है । इसी दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम ( 1935 ) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था । यह भारत के तीन राष्ट्रीय अवकाशों में से एक है , अन्य दो स्वतन्त्रता दिवस और गांधी जयंती हैं । एक स्वतन्त्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए 2 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इसे अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था । इसे लागू करने के लिये 26 जनवरी की तिथि को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था इस दिन हर भारतीय अपने देश के लिए प्राण देने वाले अमर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं । गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति राष्ट्र के नाम संदेश देते हैं । स्कूलों , कॉलेजों आदि मे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । भारत के राष्ट्रपति दिल्ली के लाल किले पर भारतीय ध्वज फहराते हैं । राजधानी दिल्ली में बहुत सारे आकर्षक और मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । दिल्ली को अच्छी तरह सजाया जाता है । राजपथ पर बड़ी धूम - धाम से परेड निकलती है जिसमें विभिन्न प्रदेशों और सरकारी विभागों की झांकियाँ होती हैं । देश के कोने कोने से लोग दिल्ली में 26 जनवरी की परेड देखने आते हैं । भारतीय सेना अस्त्र - शस्त्रों का प्रदर्शन होता है । 26 जनवरी के दिन धूम - धाम से राष्ट्रपति की सवारी निकाली जाती है तथा बहुत से मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं । देश के हर कोने में जगह जगह ध्वजवन्दन होता है और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं । विश्व भर में फैले हुए भारतीय मूल के लोग तथा भारत के दूतावास भी गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनातें हैं । भारत के हर कोने कोने में मनाया जाता है , और देश के प्रति एक नई उमंग देखने को मिलती है । गणतंत्र दिवस मनाने का उद्देश्य गणतंत्र दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि 26 जनवरी 1950 को पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगा कर बनाया गया संविधान लागू किया गया था और हमारे देश भारत को पूर्ण गणतंत्र घोषित किया गया । वेसे तो हमारा देश 15 अगस्त 1947 को अंग्रेज़ों के चंगुल से आज़ाद हो गया था परंतु इस आज़ादी को रूप 26 जनवरी को दिया गया । तब से अब तक हम इस दिवस को आज़ादी के दिन के रूप में मनाते है आज हमे आज़ादी मिले हुए पूरे 74 साल हो चुके है हमारे देश की आज़ादी किसी भी एक व्यक्ति के कारण नहीं हुई हमारे देश की आज़ादी बहुत सारे भगत सिंह , महात्मा गांधी आदि जैसे महान पुरुषों के बलिदान का परिणाम है । देश भक्त अपने देश को गुलामी की जनज़ीरो से बंधा ना देख सके अपने देश को आज़ाद कराने के लिए उन्होने अपने प्राण तक त्याग दिये उनके बलिदानों के कारण अंग्रेज़ों को अपने घुटने टेकने पड़े और उन्होंने भारत को आज़ाद कर दिया । गणतंत्र दिवस के दिन हम इन महान पुरुषों के बलिदान को याद करत और प्रेरणा लेते है कि हम भी इन्ही महान पुरुषों की तरह अपने देश के लिए अपने प्राण त्याग देंगे उसकी आन मान और शान की रक्षा के लिए हर समय तय्यार रहेंगे और दोबारा कभी अपने देश को गुलामी की ज़नज़ीरो में बंधने नहीं देंगे हम सब को इन देश भक्तो से प्रेरणा लेनी चाहिए और देश की हिफाज़त के लिए तैयार रहना चाहिए । गणतंत्र दिवस को मनाने का एक उद्देश्य है कि हम महान पुरुषों के बलिदान को याद करके उनसे प्रेरणा लेते है । प्रत्येक भारत वासियों को भारत के शहीदों से प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने देश को ऊँचायो तक पहुंचाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए और हर भारतीय का कर्तव्य बनता है कि वह देश के विकास के लिए अपना पूरा योगदान दे और की रक्षा के लिए हर समय खड़ा रहे । इतिहास सन् 1929 के दिसंबर में लाहौर में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अधिवेशन पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ जिसमें प्रस्ताव पारित कर इस बात की घोषणा की गई कि यदि अंग्रेज सरकार 26 जनवरी 1930 तक भारत को स्वायत्तयोपनिवेश ( डोमीनियन ) का पद प्रदान नहीं करेगी , जिसके तहत भारत ब्रिटिश साम्राज्य में ही स्वशासित एकाई बन जाने उस दिन भारत की पूर्ण स्वतंत्रता के निश्चय की घोषणा की और अपना सक्रिय आंदोलन आरंभ किया । उस दिन से 1947 में स्वतंत्रता प्राप्त होने तक 26 जनवरी स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा । इसके पश्चात स्वतंत्रता प्राप्ति के वास्तविक दिन 15 अगस्त को भारत के स्वतंत्रता दिवस के रूप में स्वीकार किया गया । भारत के स्वतंत्र हो जाने के बाद संविधान सभा की घोषणा हुई और इसने अपना कार्य 9 दिसम्बर 1946 से आरंभ कर दिया । संविधान सभा के सदस्य भारत के राज्यों की सभाओं के निर्वाचित सदस्यों के द्वारा चुने गए थे । डॉ ० भीमराव अम्बेडकर , जवाहरलाल नेहरू , डॉ राजेन्द्र प्रसाद , सरदार वल्लभ भाई पटेल , मौलाना अबुल कलाम आजाद आदि इस सभा के प्रमुख सदस्य थे । संविधान निर्माण में कुल 22 समितीयाँ थी जिसमें प्रारूप समिति ( ड्राफ्टींग कमेटी ) सबसे प्रमुख एवं महत्त्वपूर्ण समिति थी और इस समिति का कार्य संपूर्ण ' संविधान लिखना ' या ' निर्माण करना था । प्रारूप समिति के अध्यक्ष विधिवेत्ता डॉ ० भीमराव आंबेडकर थे । प्रारूप समिति ने और उसमें विशेष रूप से डॉ . आंबेडकर जी ने 2 वर्ष , 11 माह , 18 दिन में भारतीय संविधान का निर्माण किया और संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ . राजेन्द्र प्रसाद को 26 नवम्बर 1949 को भारत का संविधान सुपूर्द किया , इसलिए 26 नवंबर दिवस को भारत में संविधान दिवस के रूप में प्रति वर्ष मनाया जाता है । संविधान सभा ने संविधान निर्माण के समय कुल 114 दिन बैठक की । इसकी बैठकों में प्रेस और जनता को भाग लेने की स्वतन्त्रता थी । अनेक सुधारों और ब सभा के 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को संविधान की दो हस्तलिखित कॉपियों पर हस्ताक्षर किये । इसके दो दिन बाद संविधान 26 जनवरी को यह देश भर में लागू हो गया । 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए इसी दिन संविधान निर्मात्री सभा ( कांस्टीट्यूएंट असेंबली ) द्वारा स्वीकृत संविधान में भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता प्रदान की गई । जैसा कि आप सभी जानते है कि 15 Aug 1947 को अपना देश हजारों देशभक्तों के बलिदान के बाद अंग्रेजों की दासता ( अंग्रेजों के शासन ) से मुक्त हुआ था । इसके बाद 26 जनवरी 1950 को अपने देश में भारतीय साशन और कानून व्यवस्था लागू हुई ।

15/08/2022

सभी देशवासियों को #स्वतंत्रतादिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।

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