RK ITCell & RK Computers

RK ITCell & RK Computers

Share

24/10/2022

Happy Dipawali

08/06/2022

इस खबर से दो निष्कर्ष बिना बहस के निकाले जा सकते हैं -


1- दुनिया की कोई भी भाषा यह नहीं सिखाती कि आप अपनी माँ को तो मान-सम्मान दें और दूसरों की माँ एवं मासी को गालियाँ दें या उन्हें कमतर बताएं या फिर उनके लिए ओछी बात करें। फिर पता नहीं किस संस्कार या अहंकार के कारण ऐसा वैचारिक विकार उत्पन्न हुआ है। यह चिंतन का नहीं, चिंता का विषय है क्योंकि यह उन तमाम हिंदी भाषी अधिकारियों, व्यवसायियों, उद्योगपतियों, मज़दूरों आदि की मेहनत और पसीने का भी अपमान है जो उन्होंने दक्षिण के राज्यों में काम करते हुए क्षेत्र विकास के लिए अर्पित किया है। 
भाषाई अपमान माँ के अपमान से रत्ती-भर भी कम नहीं है।


2- यह खबर इस बात को भी बताती है राजस्थानियों की मातृभाषा हिंदी बताई गई है। जबकि यह राजस्थानी है। ( राजस्थानी एक परिपूर्ण और समृद्ध भाषा है, इस पर बहुत कुछ लिखा जा चुका है। इसे ऐसे भी समझें कि जब इस राजपूताना में हिंदी नहीं बोली जाती थी तो कौनसी भाषा बोली जाती थी? किस एक ऐसी भाषा में राजपूताना की रियासतें आपस में पत्र-व्यवहार या काग़ज़ी काम करती थी कि सभी रियासतें एक-दूसरे की बात समझ जाया करती थी? इन दो सवालों के जवाब सोचेंगे तो एक तो इस कुतर्क का जवाब मिलेगा कि हमारी मातृभाषा हिंदी है। दूसरा इस बात का भी जवाब मिलेगा कि कुछ शाब्दिक उच्चारण और आंचलिकता को छोड़ दें तो ब्रज वाला मारवाड़ी भी समझेगा या हाड़ौती वाला ढूँढाड़ी भी। दरअसल हाड़ौती, ढूँढाड़ी, मारवाड़ी, मेवाड़ी आदि बोलियां तो समुच्चय रूप में राजस्थानी को समृद्ध करती हैं।)
मातृभाषा पर नाज़ होना चाहिए, हीनता बोध नहीं।

अंतिम बात कि जिन्हें लगता है कि कोई बात नहीं। किसी ने बोल दिया तो क्या फ़र्क़ पड़ता है। फ़र्क़ पड़ता है जनाब। सचमुच पड़ता है। पूरा-पूरा फ़र्क़। संस्कृति और भाषाएं एक दिन में नहीं मरती हैं। यूं ही धीरे-धीरे नैरेटिव सेट होते हैं। भाषाएं पहले हीन बनाई जाती हैं, फिर अनुपयोगी और अंत में मार दी जाती हैं। 



#मातृभाषा #राजस्थानी

08/12/2021

शत् शत् नमन 💐💐🙏

Want your business to be the top-listed Advertising & Marketing Company in Jaipur?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Telephone

Address


Jaipur
Jaipur