Psychologist

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15/07/2025

डिप्रेसन कोई बीमारी है ही नहीं, यह सिर्फ एक स्थिति है आपके रियल वर्ड और मेन्टल वर्ड के बीच कि जंहा मेन्टल वर्ड आपको वो उन चीज़ो को दिखाता और महसूस करवाता है जो रियल वर्ड में कोई मायने नहीं रखता, यह सिर्फ एक मन कि स्थिति है जो हमारा दिमाग़ खुद बनाता है! मतलब ऐसे समझ सकते है कि जिस परिस्थिति कि वजह से आप परेशान है वो परिस्थिति हमारे दिमाग़ ने जो मपदंड तय कर दिए उन मापदंडो के विरीत ज़ब कोई स्थिति चली जाती है तो हम परेशान हो जाते है, लेकिन ज़ब वही स्थिति हमारे दिमागी मापदंडो के अनुसार हो तो हम खुश हो जाते है और उस पल को इंजॉय करतें है, ठीक उसी तरह जैसे आप प्रतिदिन सुबह जल्दी उठते है 4 बजे और प्रतिदिन पूजा पाठ करतें है, लेकिन किसी दिन यदि आप लेट हो जाते हो उठने में और पूजा पाठ नहीं कर पाते हो तो आप पूरे दिन परेशान रहेंगे, ठीक इसके विपरीत जो व्यक्ति लेट उठता है और कोई पूजा पाठ नहीं करता ऐसे में उसे जल्दी उठना पड़ जाये या कोई विशेष कार्य करना पड़ जाये तो वो जल्दी उठने से परेशान हो जायेगा.... मतलब एक ही स्थिति दो अलग अलग व्यक्तियों के लिए अलग अलग परिस्थिति बना देगी और एक समय में एक को और दूसरे में दूसरे को परेशान कर देगी, बस यही डिप्रेशन है, मतलब जिसको आप डिप्रेसन मानते हो वो सिर्फ आपकी मनोस्थिति है कोई समस्या नहीं ... इसको आप धीरे धीरे अभ्यास से समाप्त कर सकते हो..... आप चाहे तो हम आपकी सहायता कर सकतें है....

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