SFI Rajasthan

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Photos from SFI Rajasthan's post 30/04/2026

एसएफआई फलौदी जोधपुर ने साथी गोपाल शेखासर के पिताजी की पांचवी पुण्यतिथि के अवसर पर भीषण गर्मी के दिनों को देखते हुए पक्षियों के पीने के पानी हेतु कॉलेज कैम्पस में परिदे लगाए..!

SFI - Students' Federation of India

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28 अप्रैल
शहीद अजीत बैनीवाल की 11 पुण्यतिथि पर अजीत बैनीवाल के पैतृक गांव खचवाना में sfi द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया..!

22/04/2026

्रैल_कानाराम_शहादत_दिवस

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) राजस्थान
22 अप्रैल 1987 पुलिस की गोली से शहीद हुए कानाराम को क्रांतिकारी सलाम पेश करती है।
राजस्थान के सीकर जिले का विद्यार्थी आंदोलन, किसान,मजदूर आंदोलन की भूमिका पूरे देशभर में एक मिसाल के रूप में मानी जाती हैं।
किसान छात्रावास वर्तमान में जाट बोर्डिंग हाउस के नाम से जाना जाता है,वहीं किसान छात्रावास किसान, मजदूर ,दलित, शोषित और विद्यार्थी वर्ग का आंदोलन का केंद्र रहा था वर्तमान में भी आंदोलन का केंद्र मौजूद है।
यह बात उस वक्त की कांग्रेस सरकार को और जिले के प्रशासन को बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती थी सरकार और प्रशासन दोनों ने मिलकर षडयंत्र रचकर किसान, मजदूर,आंदोलन और विद्यार्थी आंदोलन केंद्र को हटाना चाहते थे उस वक्त कांग्रेस के नेता रामदेव महरिया व बलराम जाखड़ जो पंजाब से आकर सीकर में चुनाव लड़ा था इस बात का भी एसएफआई ने खुल कर विरोध किया था यही बात उन लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं आई ।।
22 अप्रैल 1987 को उसी षड्यंत्र के तहत पुलिस के द्वारा किसान छात्रावास में धावा बोला गया और उस वक्त लगातार तीन घंटों तक छात्रावास में मौजूद विद्यार्थियों ने पुलिस का डटकर सामना किया गया।
इसी पुलिसिया दमन के दौरान त्रिलोक सिंह और उनके 10-11 साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और 11 महीनों तक जेल के अंदर रखा गया।
उसी पुलिसिया दमन के दौरान किसान छात्रावास के पास मौजूद जालान भवन के ऊपर चढ़कर पुलिस ने विद्यार्थियों को मारने की मंशा से गोलियां बरसाई।
जिसमें हमारे साथी कानाराम की गोली लगने से शहादत हो गई दूसरे साथी रामरतन बगड़िया के सर में गोली लगी लेकिन वह उस गोली से बच गए और जब कानाराम को गोली लगी उसके बाद पुलिस ने उपचार के लिए कानाराम को बाहर भी नहीं ले जाने दिया गया खून ज्यादा बहने से हमारे जांबाज साथी कानाराम शहीद हो गए।
और उसके बाद लगातार लगभग 1 वर्ष तक आंदोलन चला।
22 मई को सीकर के चारों तरफ दस 10 किलोमीटर तक धारा 344 लगा दी गई जब विरोध किया गया तब 300 से 400 हमारे साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया और उस आंदोलन में शाहिद हुए कानाराम की माता का भी सर फूट गया लेकिन वह हौसला जो उन लोगों ने और शाहिद कानाराम ने आंदोलन को दिया।
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) उस आंदोलन को मजबूती के साथ उनके जज्बे को मजबूती के साथ उनकी शहादत को मजबूती के साथ सलाम पेश करते हुए उनके द्वारा दिखाए गए मार्गदर्शन पर चलती चली आ रही है और आगे भी इस मिसाल को कायम करने में हम कामयाब होंगे!!!
*इंकलाब जिंदाबाद*
*शहीद कानाराम अमर रहे*

21/04/2026

Comrade Shyamaprasad (74), father of martyr Comrade Ajay Prasad and our Central Executive Committee member Com. Arya Prasad, passed away today.

We extend our heartfelt condolences to the family.

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Mazdoor Kisan Bhawan, Khowal Bhavan, Hatwara Road, 4 Number Dispensary, Shanti Nagar, Civil Lines
Jaipur
302006