Priya
अनजान आदमी ने मेरी रगड रगड कर चीखे निकाल दी || Hindi Stories || Romantic Kahaniya || Suvichar Kahaniya || Emotional Audio story || Full hindi Audio Story Priya bhabhi //
05/01/2026
𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 उसकी तरफ देखते हुए ही मोहित और राहुल भी नंगे होने लगे.
उन्होंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और नंगे होकर अपने सामान हाथ से हिलाते हुए मेरी बहन को दिखाने लगे.
मैं तो मोहित और राहुल के सामान देख कर ही हैरान हो गया था कि इतने बड़े बड़े हैं … ये दोनों तो आज मेरी बहन की गुफा बना ही देंगे.
राहुल का करीब 7 इंच का था और मोहित का 6.5 इंच का था.
उन दोनों के काफी मोटे भी थे.
राहुल ने आगे बढ़ कर मेरी बहन को बेड पर धक्का देकर लिटा दिया और अपना मेरी बहन के मुँह में दे दिया.
उसने रूही को गालियां देना शुरू कर दीं ‘
मोहित भी पीछे नहीं रहा, वह रूही की चाटने लगा.
रूही को इस हालत में देख कर मुझे उस पर दया आ रही थी.
पर रूही इसका पूरा मजा ले रही थी.
रूही ने राहुल के सामान को अपने मुँह में पूरा गले तक ले लिया था.
उधर मोहित भी अपनी जीभ रूही की गुफा के अन्दर तक डाल कर चाट रहा था.
कुछ ही समय बाद राहुल झड़ गया और उसने अपने सामान का माल रूही के मुँह में ही डाल दिया.
रूही भी कुछ समय बाद झड़ गई और उसकी गुफा से सफेद पानी टपकने लगा था.
आधा घंटा तक चूसने चुसाने का काम चलता रहा था.
वे तीनों झड़ कर मस्ती करने लगे थे और सिगरेट सुलगा कर हंसी मजाक कर रहे थे.
मेरी बहन भी सिगरेट पीने लगी थी और वह मोहित के सामान को चूस रही थी.
फिर मोहित ने मेरी बहन को लिटा दिया और उसकी हिप के नीचे एक तकिया सैट कर दिया.
वह रूही की टांगों को खोल कर गुफा में उंगली चलाने लगा जिससे रूही ने अपनी दोनों टांगें हवा में उठा कर फैला दीं.
उसकी पूरी तरह से खुल कर मोहित के सामने आ गई.
मोहित ने अपना मेरी बहन की कोमल सी गुफा पर सैट कर दिया और एक जबरदस्त झटका दे दिया.
इस झटके से उसका पूरा मेरी बहन की गुफा को चीरता हुआ उसकी नाभि से जा टकराया.
इस प्रहार से मेरी बहन की हल्की सी ‘आह …’ निकल गई.
मैं समझ गया कि मेरी बहन पहले से ही ठुकाई करवा चुकी है इसीलिए रूही को इतने बड़े लेते समय बिल्कुल भी दर्द महसूस नहीं हुआ.
मोहित के बड़े सामान ने मेरी बहन की ठुकाई करना शुरू कर दी थी.
वह मेरी बहन को बड़ी तेज़ी के साथ और बेरहमी से झटके देने लगा था.
उसके तेज तेज झटकों के कारण मेरी बहन के संतरे ऊपर नीचे होने लगे थे.
मेरी बहन रूही के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं
मोहित इसी पोजीशन में मेरी बहन करीब 20 मिनट तक करता रहा और उसने अपना सारा माल मेरी बहन की गुफा में ही छोड़ दिया.
मेरी बहन पेलने के बाद वह अपने कपड़े पहन कर बाहर चला गया.
उसका फोन ठुकाई के बीच दो बार बज चुका था.
अब राहुल अपने को हिलाते हुए आया और मेरी बहन की पोजीशन को चेंज करने लगा.
उसने मेरी बहन की दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लीं और गुफा पर सैट कर दिया.
फिर एक ही झटके में राहुल ने अपना मेरी बहन रूही की गुफा में उतार दिया.
मेरी बहन के मुँह से इस बार कोई भी आवाज नहीं निकली, बस उसके चेहरे पर छोटी सी स्माइल थी, जिससे साफ पता चल रहा था कि रूही को राहुल के सामान से कुछ खास फर्क नहीं पड़ा था.
राहुल भी मेरी बहन को इस पोजीशन में करीब दस मिनट तक करता रहा और झड़ गया.
तभी मोहित दरवाजा खोल कर अन्दर आ गया.
वह अपने साथ सुमित को ले आया.
सुमित मेरा ही पड़ोसी था.
उसे आया देख कर मेरी बहन और भी खुश हो गई.
वह बोली- अरे वाह सुमित भैया, मैं आपका ही इंतजार कर रही थी.
यह सुनकर मैं और ज्यादा चौंका कि मेरी बहन तो एकदम मस्त हो चुकी है.
कुछ ही पलों में सुमित भी नंगा हो गया और वह अपने सामान को रूही के मुँह में डाल कर चुसवाने लगा.
थोड़ी देर चूसने के बाद मेरी बहन रूही बेड पर अपनी टांगें फैला कर लेट गई जिससे उसकी खुल गई और उसे ठुकने के लिए तैयार देख कर मोहित भी दुबारा से नंगा हो गया.
उसने अपना मेरी प्यारी बहन की गुफा में डाल दिया.
पर मेरी बहन तो न जाने कितने ले चुकी थी.
उसको तो अब मोहित के बड़े से भी कोई फर्क नहीं पड़ रहा था.
रूही ने मोहित का गुफा में लिया और वापस से सुमित का चूसने लगी.
कुछ ही देर में मेरी बहन ने सुमित का भी खड़ा कर दिया था.
उसका किसी अफ्रीकन से कम नहीं दिख रहा था.
यदि नापने की बात कहूँ तो सुमित का करीब आठ इंच का रहा होगा और मोटा भी काफ़ी था.
ऐसा लगता था कि सुमित की मम्मी ने किसी अफ्रीकन से ठुकवा कर सुमित को पैदा किया होगा.
कुछ देर बाद मोहित ने अपना रूही की गुफा से निकाला और वह अलग हो गया.
राहुल और मोहित दोनों साइड में बैठ कर सिगरेट फूंकने लगे.
सुमित ने रूही को कुतिया बना दिया और उसने अपना मेरी बहन की गुफा की फांक में सैट कर दिया.
फिर उसने एक झटका दिया जिससे मेरी बहन के मुँह से कराहने की आवाज निकल आई.
मैंने रूही की गुफा की तरफ देखा तो उसमें सुमित का आधा से ज्यादा अन्दर घुस चुका था.
इतने में सुमित ने मेरी बहन की कमर पकड़ कर एक और झटका दे दिया.
इस बार उसका पूरा मूसल ब्रांड रूही की गुफा में समा गया.
अब रूही को हल्का दर्द होने लगा था.
सुमित ने मेरी बहन की गुफा को करना चालू कर दिया.
वह बहुत गंदी गंदी गालियां देते हुए मेरी बहन को कर रहा था- आह मोहल्ले के सभी लड़कों से ठुकवा चुकी है तू … आह आज मेरे सामान के भी मजे ले ले … आह ढीली हो गई तेरी लेकिन मेरी लौकी को तो तेरी गुफा में पेलने में बड़ा मजा आ रहा है!
मेरी बहन भी हंस हंस कर अपने पड़ोसी का अपनी गुफा में चबाए जा रही थी.
सुमित ने करीब आधा घंटा तक मेरी बहन की गुफा को अलग अलग पोजीशन में किया और उसने अपना सारा रस रूही की गुफा में ही छोड़ दिया.
उन तीनों लड़कों ने रात को करीब दस बजे तक किया और चले गए.
करीब आधा घंटा के बाद मैं अपने घर में आ गया.
रूही ने मुझे देख कर पूछा- अरे भैया, आप वापिस कैसे आ गए?
मैंने उसको पूरी बात बताई.
पर मुझे सब पता था कि आज रूही की जबरदस्त ठुकाई हुई है.
मैं खाना खाकर सो गया.
बाद में मुझे रूही के बारे में पता चला कि रूही काफी समय से ठुक रही है.
गली के हर एक लड़के ने मेरी बहन को ठोका है इसलिए उसकी अब गुफा बन चुकी है.
धन्यवाद
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04/01/2026
𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟭 हाय दोस्तो,
मेरा नाम राहुल राज है और मैं ग्रेटर नोएडा का रहने वाला हूँ. यह स्टोरी दिसंबर महीने की है.
मेरी पिछली कहानी को पढ़ कर मेरे पास एक मेल आया कि हम आपसे मिलना चाहते हैं.
दरअसल वे दोनों एक कपल थे और मेरे साथ करना चाहते थे.
मैं राजी हो गया.
उस कपल ने मुझको नोएडा से कोटा राजस्थान बुलाया था.
जब मैं वहां पहुंचा तो वे दोनों मुझको लेने के लिए स्टेशन आए थे.
इधर मैं आपको उनके बारे में बता देता हूँ.
लड़के का नाम नितिन और उसकी पत्नी का नाम दिव्या था.
वे देखने में दोनों बहुत स्मार्ट और पैसे वाले लग रहे थे.
जब वे मुझको स्टेशन पर लेने के लिए आए, तब मेरी नज़र दिव्या पर पड़ी.
मैं उसको देखता ही रह गया यार … क्या मस्त माल थी … एकदम बोल्ड लग रही थी.
उसके उठे हुए संतरे और निकली हुई हिप गजब ढा रही थी.
सब कुछ बड़ा गदराया हुआ था.
उसको देख कर ऐसा मन कर रहा था कि इसको यहीं पटक कर कर दूँ.
खैर हम तीनों गाड़ी में बैठ कर उनके घर पहुंच गए.
घर पर वह दोनों ही रहते थे और बहुत ही अच्छा घर था.
नितिन बोलने लगा- तो कैसा लगा आपको हमारा घर!
मैंने कहा- घर तो बहुत अच्छा है.
इस पर दिव्या बोली- और घर में रहने वाले भी बहुत अच्छे हैं.
उसकी बात पर हम तीनों हंसने लगे.
दिव्या- राहुल तुम फ्रेश हो जाओ, तब तक मैं तुम्हारे लिए कुछ नाश्ता बना देती हूँ.
इस पर नितिन बोला- ये इतनी दूर तुम्हारे खाने के लिए नहीं आया है. ये तुमको खाने के लिए आया है!
दिव्या बोलने लगी- मैं क्या कहीं भागी जा रही हूँ. मुझको तो आराम से खा लेंगे … क्यों राहुल … पहले मुझको खाओगे या नाश्ता बना दूँ?
मैंने कहा- भाभी पहले आप नाश्ता बना दो, उसके बाद खाना पीना तो लगा ही रहेगा.
नितिन- ये बात सही बोली भाई तुमने … चलो तुम फ्रेश हो जाओ. तब तक मैं हमारे लिए मार्केट से कुछ ले आता हूँ.
दिव्या- हां नितिन जाओ और जल्दी वापिस आना!
नितिन आंख मारते हुए बोला- ओके बेबी … तुमको बहुत जल्दी है न … मैं जल्दी ही वापिस आ जाऊंगा!
दिव्या इतरा कर बोली- हां अगर जल्दी वापिस नहीं आए न … तो प्रोग्राम शुरू हो जाएगा, फिर तुम आना या ना ही आना, मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला.
इस बात पर वे दोनों वापस हंसने लगे. सच में बड़े ही मस्त स्वभाव वाले थे वे दोनों.
नितिन मुझसे कहा- क्या तुम मेरे बिना ही शुरू कर दोगे?
इस पर मैंने जवाब दिया- वह तो टाइम बताएगा.
नितिन मार्केट चला गया और मैं फ्रेश होने के लिए चला गया.
दिव्या किचन में चली गई.
बीस मिनट बाद मैं नहा कर निकला तो दिव्या किचन में ही थी.
मैंने तेल मांगा तो बोलने लगी- अभी से क्या जरूरत है ऑयल की?
तो मैंने कहा- सर में लगाने के लिए चाहिए … तुम्हें लगाने के लिए नहीं!
इस पर वह हंसने लगी.
दिव्या- एक मिनट रुको, मैं अभी आई!
मैं- ओके.
दिव्या ने कमरे की दराज में से तेल निकाल कर दिया और बोलने लगी- और कुछ चाहिए तो बता दो!
मैंने कहा- चाहिए तो बहुत कुछ है, पहले तुम फ्री हो जाओ … तब ले लूंगा.
इस पर वह हंसने लगी और बोली- हां हां ले लेना यार, जितना मन करे उतना रगड़ लेना … आज पूरे दिन और पूरी रात तुम्हारे साथ ही हूँ मैं!
मैं उसकी तरफ देख कर वासना भर नजरों से देख कर मुस्कान दे दी.
वह भी कामुक नजरों से मुझे देखती हुई बोली- मैं अभी आती हूँ. तुम तब तक यहीं बेड पर बैठ जाओ.
और वह अपनी हिप मटकाती हुई चली गई.
कुछ देर बाद वह पूछने लगी- नाश्ता अभी करोगे या बाद में?
मैंने बोल दिया- बाद में करूंगा पहले नितिन को आ जाने दो.
इस पर दिव्या बोली- ठीक है.
अब वह मेरे पास आ गई. हम दोनों बेड पर ही थे.
मैं लेटा हुआ था और वह बैठी हुई थी.
मैं सिर्फ तौलिया में ही लेटा था और ऊपर बनियान पहनी हुई थी.
वह मेरे करीब होकर बैठ गई और बोलने लगी- आने में कोई प्राब्लम तो नहीं हुई?
मैंने कहा- नहीं, बस थोड़ा सा थक गया हूं.
दिव्या बोली- जब तक नितिन आते हैं, मैं तुम्हारी थकावट उतार देती हूँ.
फिर दिव्या ने मेरा तौलिया अलग कर दिया और मेरे सामान को देख कर बोली- ये तो बहुत छोटा है, इससे क्या होगा?
मैंने कहा- अभी सो रहा है, इसको जगाओ … तभी तो तुमको इसका साइज पता लगेगा!
कहानी जारी रहेगी
अगले भाग के लिए 𝗟𝗶𝗸𝗲 करे 𝗼𝗿 𝗖𝗼𝗺𝗺𝗲𝗻𝘁 मे 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 लिखें
04/01/2026
𝗟𝗮𝘀𝘁 𝗣𝗮𝗿𝘁-𝟮 मेरे जोर जोर से चूसने के कारण उनके होंठों से खून निकलने लगा. मैं उस खून को चाटने लगा.
आशा आंटी भी मेरा साथ दे रही थीं.
उन्हें दर्द हो रहा था, पर वे इस ठुकाई के पहले की मस्ती को इन्जॉय कर रही थीं.
मैंने उन्हें बालों से पकड़ कर खड़ा किया और किसी विलेन की तरह उनकी साड़ी उतारने लगा.
इसी के साथ मैंने आशा आंटी का ब्लाउज फाड़ कर निकाल दिया और उनके पेटीकोट का नाड़ा तोड़कर उसे भी उतार दिया.
उन्होंने अन्दर ब्रा पैन्टी नहीं पहनी थी.
मैंने फिर उन्हें तमाचा मारा और कहा- , इतनी भी क्या जल्दी थी तुझे ठुकने की कि पैन्टी और ब्रा भी पहनना भूल गयी!
अब आशा आंटी की आंखों में आंसू आने लगे थे.
उनके मोटे संतरे और सफाचट गुफा देखकर मेरा मन डोल गया.
मैंने उनके आंसू देखना नजरअंदाज किया और उनके मसलने शुरू कर दिए.
वे ‘आह आह माँ की आवाज करती रहीं.
मैंने अब वह पिघली हुई चाकलेट उनकी संतरो पर डाली तो वे चाकलेट की गर्माहट व चिकनाहट से मचलने लगी थीं.
मैंने आंटी के चूसने शुरू कर दिए.
चॉकलेट के साथ उनके दूध चूसने का मजा कुछ ज्यादा ही आ रहा था. फिर मैंने उठ कर अपने सारे कपड़े उतार दिए.
मेरा आशा आंटी के सामने था.
वे सामान को बड़े अनुराग से देख रही थीं.
मैंने आशा आंटी का मुँह को खोला और अपना अन्दर घुसेड़ दिया.
आशा आंटी सामान को चूसने लगीं.
मैंने आगे पीछे करके आशा आंटी का मुँह पेलना शुरू कर दिया.
आशा आंटी के मुँह से ‘घू … घू … घू’ की आवाज आ रही थी.
मेरा आशा आंटी के गले के अंत तक जा रहा था.
करीब दस मिनट तक उनके मुँह को करने के बाद मैं आंटी के मुँह में ही झड़ गया.
मेरा सारा रस आशा आंटी के मुँह से होते हुए उनके पेट में चला गया.
मैंने अपना गीला बाहर निकाल लिया.
बाहर निकालते ही आशा आंटी ने लंबी सांस ली और वे खाँसने लगीं.
फिर उन्होंने कहा- मेरी बेटी तुम्हारे साथ कैसे करती है … तुमने तो इतने में ही मेरी जान निकाल दी!
मैंने कहा- आशा मेरी जान, अभी तो यह शुरुआत है. अभी तो तेरी गुफा भी करनी है. जब अन्दर घुसेड़ूँगा, तब देखना तुझे क्या मजा आता है!
थोड़ी देर लेटे रहने के बाद मैंने आशा आंटी को पोजीशन में आने को कहा.
वे हो गईं.
मैंने अब अपने सामान और आशा की गुफा पर चॉकलेट लगा दी और उनकी चाटने लगा.
आंटी मेरा चूसने लगीं.
थोड़ी ही देर में मेरा फिर से खड़ा हो गया और आशा आंटी की गुफा ने पानी छोड़ दिया.
मैंने आशा आंटी को कुतिया बनने को बोला और मैं उनके पीछे आ गया.
शायद उनके पति का बड़ा नहीं था क्योंकि उनकी गुफा अभी भी टाईट लग रही थी.
मैंने प्रोटेक्शन लगाया और आशा आंटी की गुफा में पेल दिया.
आशा आंटी की चीख निकल गयी.
मैं उनकी तरफ ध्यान न देते हुए तेज तेज धक्के लगाने लगा और कहने लगा- आह चिल्ला … और चिल्ला ताकि तुझे भी पता चले कि तेरी बेटी किस मर्द से ठुकती है …
आशा आंटी भी ‘आह आह …’ करती हुई चिल्ला रही थीं और कह रही थीं- पेल मुझे तेरी माँ हूँ … बस तू ये समझ कर कर मुझे … फाड़ दे आज उस छेद को … जहां से तेरी गर्लफ्रेंड निकली है … पेल मुझे आह आह … माँ मर गई … रखैल बना दिया आज तुमने तो … आह.
आंटी की गालियां मुझे और उकसा रही थीं.
मैंने अब आशा आंटी की हिप पर तमाचे जड़ने शुरू कर दिए थे.
आशा आंटी मार से और पागल हो गयी थीं.
हर झटके के साथ तमाचा खाने से उन्हें दर्द और मजा एक साथ आ रहा था.
इस बीच आंटी दो बार झड़ चुकी थीं.
करीब 30 मिनट की टपाटप के बाद मैं भी झड़ गया और निढाल होकर बेड पर लेट गया.
आंटी भी थक गयी थीं, उन्होंने मेरे सीने पर सर रख दिया और हम दोनों को नींद आ गई.
हम दोनों नंगे ही सो गए.
करीब 4 घंटे बाद हम जागे, फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर नहाए.
मैंने उन्हें शावर के नीचे फिर से एक बार किया.
इस बार मैंने आंटी की मोटी हिप भी पेल डाली.
उसके बाद करीब दो महीने तक मैंने आशा आंटी को हफ्ते में 4 बार किया .
कई बार तो बिना प्रोटेक्शन के ही किया , जिससे दो महीने बाद आशा आंटी गर्भवती हो गईं.
किस्मत से उसी के दस दिन पहले उनके पति ने आंटी को किया था.
उन्होंने अपने पति को यह बात बताई, तो वे खुश हुए कि इस उम्र में भी वह अपनी बीवी को प्रेग्नेंट कर सकते हैं.
उन दोनों ने पहले तो बच्चा गिराने की सोची.
पर फिर अंकिता से बात करके उन्होंने उस बच्चे को जन्म दे दिया.
आशा आंटी ने मेरे और उनके प्यार की निशानी को 9 महीने बाद जन्म दिया.
वह बेबी एक खूबसूरत बेटी थी.
उसके बाद मेरा और अंकिता का ब्रेकअप हो गया.
पर आशा आंटी और मेरा प्यार अब भी जिन्दा है.
अब मैं 24 साल का हूँ और आशा आंटी मुझसे दुगनी बड़ी उम्र की हैं. पर अभी भी हम दोनों कई बार करते हैं.
धन्यवाद
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