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बाल झड़ना एक आम समस्या है, लोग जानते हैं पर फिर भी इसको रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं करते। यदि आप अपने बालों की सही देखभाल करेंगी और संतुलित खानपान लेंगी तो निश्चित तौर आपके बाल चमकीले और अच्छे होने के साथ साथ मजबूत भी होगें। आइए जानें की बाल झड़ने की समस्या को कैसे रोका जाए-
1.अगर आप का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और शरीर में विटामिन बी´ एवं प्राकृतिक लवणों, लौह तत्व तथा आयोडिन की कमी है तो सबसे पहला असर आपके बालों पर ही पडेगा इसलिए आपको अपनी डाइट का खास ख्याल रखना होगा।
2.कई प्रकार के लम्बे रोग जैसे- टायफाइड, उपदंश, जुकाम, नजला, साइनस तथा रक्तहीनता (खून की कमी) आदि रोग होने के कारण भी व्यक्ति के बाल झड़ने लगते हैं।
3.अक्सर बालों के प्रति लापरवाही के कारण भी ऐसी समस्या उत्पन्न हो जाती है।
4.बाल झड़ने का एक मुख्य कारण स्ट्रेसफुल लाइफ भी है। आजकल लोगों पर काम का इतना ज्यादा बोझ है जिससे वे तनाव में आ जाते हैं। ऐसे में हमें बालों को झड़ने से बचाने के लिए तनाव से दूर रहना चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि अधिक से अधिक खुशनुमा माहौल में रहें।
5.कई बार मौसम बदलने या फिर जगह बदलने के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं, ऐसे में आपको अपने बालों की केयर करते रहनी चाहिए और बालों को सप्ताह में दो-तीन बार जरूर धोना और नियमित रुप से तेल लगाना चाहिए। 6.कब्ज रहना, नींद न आना तथा अधिक दिमागी कार्य करने के कारणों के साथ्ा ही बढ़ती उम्र और शरीर में लगातार बदलते हार्मोंस भी बाल झड़ने का प्रमुख कारण है।
उपचार
उपचार : 1.बालों के झड़ने की समस्या का उपचार करने से पहले इस रोग के होने के कारणों को दूर करना चाहिए और फिर इसका उपचार प्राकृतिक चिकित्सा से करना चाहिए।
2.आपको अपने भोजन में सब्जियां, सलाद, मौसमी फल, अंकुरित अन्न का अधिक मात्रा में उपयोग करना चाहिए तथा पत्ता गोभी, अनानास और आंवले का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए
3.अपने सिर को दही से धोएं और उसके थोडी देर बाद बथुए के पानी से दुबारा सिर धुलें। ऐसा करने से रोगी के बाल झड़ना रुक जाते हैं।
4.रात में मेथी के बीजों को पानी में भिगो दें और सुबह उठने पर इन्हे पीसकर लेप जैसा बना कर बालों पर लगा लें। ऐसा कुछ दिनों तक करने से बाल झड़ना रुक जाएंगे।
5.सुबह सूर्योदय से पहले दैनिक कार्यो से निवृति के बाद स्नान करना चाहिए। इस प्रकार के स्नान से पेट, सिर और आंखों में गर्मी नहीं बढ़ती है। जिसके फलस्वरूप बाल झड़ना रुक जाते हैं।
मेल पेटर्न गंजापन अनुवांशिक प्रवृत्ति का होता है और उसमें टेस्टोस्टेरोन हारमोन अत्याािक मात्रा में खून में घूमता है जो डी हाइड्रोस्टेस्टोसेसेन में बदलकर बालों की जड़ों से जुडकर, बालों को गिराता है।
1. स्थानीय कारक:
कुछ स्थानीय कारक इस प्रकार हैं।:
(अ) स्थानीय चमडों के रोग:
कुछ स्थानीय चमड़ों के रोग बालों के गिरने का कारण बनते हैं। स्थानिय चमड़ी के रोग जैसे फगंल इन्फेक्शन, पायोडरमा, सिफिलिस की दूसरी श्रेणी इत्यादी। स्पर्श असंचारी बीमारीयाँ जैसे कि डँडरफ, सोरिएसिस, लाइकेन प्लेनस, एकज़ीमा इत्यादी
(ब)स्थानीय विषैले तत्वों से मेल:
केमीकल शैम्पू, साबून, लोशन का अत्याािक इस्तेमाल से बाल गिरते हैं।.
(क)खोपडी की असावाानियाँ:
खोपडी का गंदा रहना जैसे कि बाल कम ाोना, सूर्य की किरणों से प्रभावित होना, औद्योगिक रसायनों से प्रभावित होना इत्यादी।
2. सार्वत्रिक कारण:
(अ)पोषणिक आभाव:
पोषणिक आभाव से बालों की बढ़ाव और गुणवत्ता पें असर करता हैं। विटामिन बी ग्रुप, विटामिन ए की कमी से बाल गिर सकते हैं। प्रोटोन, लोहा, कुछ जीवतत्वों की कमी से बाल गिरते हैं। लोहे की कमी अत्याािक खून की कमी होने से या पोषम में कमी होने से स्त्रियों में पाया जाता है। लोहे के समीकरण और समीक्षण के कारण भी हो सकता है। लंबी बीमारी के बाद जैसे कि इरिटेबेल बॉवेल सिन्द्गोम के बाद।
(ब)होर्मोनल कारण:
कुछ होर्मोन जैसे कि ऍण्ड्रोगेन, इस्ट्रोगेन और प्रोजेस्टरोन में फेर बदल बालों को ज्यादा गिरा सकता है। थाइरोइद होरमोन की बीमारियों के कारण भी बालों का गिरना बढ़ सकता है। रजोनिवृत्ति की उमर में बाल गिरना बढ़ सकता है। गर्भावस्था और प्रसुति के बाद भी बाल गिरना बढ़ सकता है।
(क)तीव्र बीमारी के बाद:
निमोनिया, वायरल इन्फेक्शन, टाइफोइड जैसी बिमारीयों के बाद बाल गिर सकते हैं।
(ख)दवाओं के कारण:
कुछ दवाईयाँ बालों पे नाकारात्मक असर करती हैं। जैसे कि कीमोथेरपी, केन्सर मेडिकेशन, स्टेरोइड्स, ऍन्टिबायोटिक्स, अँन्टीएविलेप्टिक्स, अँन्टीहाइपरटेसिवस्। गर्भ निराोक गोलियाँ भी बाल गिरना बढ़ाते हैं।
हम आपसे ऐसा सवाल कर सकते हैं कि बाल गिरना चिंताजनक होता है। क्यों कि, वैद्यकीय दृष्टी से थोडे बाल गिरना प्राकृतिक है जैसे कि नाखुनों का उगना और गिरना।
कितने बाल प्रतिदिन गिरना प्राकृतिक है ?
वैद्यकीय संबंधी, एक सामान्य इन्सान के लिए प्रतिदिन 40-80 बाल गिरना प्राकृतिक माना जाता है। इसे इलाज की जरूरत नहीं है। अगर अचानक बाल गिरना बढ़ जाता है जो प्राकृतिक है, इसपे वैद्यकीय यान देने की जरूरत है। अगर बाल जडों से गिरने लगे और सर पर बालों का घनापन कम हो जाए तो इसमें वैद्यकीय यान देने की जरूरत है। 80 से अािक बाल गिरना और सर पे बालों की मात्रा घटना वैद्यकीय यान की ओर निर्देश करते हैं। सर पर थोड़ा सा गंजापन अनिवार्य है
एनाजेन। बाल बढ़ने की प्रावस्था:
इस प्रावस्था में बाल जड़ों से जल्दी बढ़ते हैं। यह प्रावस्था 1000 दिन तक रहती है, और वह 2-6 साल तक चल सकती है। यह प्रावस्था जितने दिन रहेगी, बाल उतने लंबे होंगे।.
केटाजेन। बाल बढ़ना रुकने की प्रावस्था:
यह प्रतिगामी प्रावस्था 2 हप्तों के लिए रहती है। इस प्रावस्था में बाल बढ़ना रूक जाते हैं और बालों की जड़ सिकुड़ने लग जाती है, और उसके कुछ हिस्से मर जाते हैं।
टीलोजेन। आराम की प्रावस्था:
यह बाल बढ़ने की आखरी प्रावस्था है, जहाँ कोई बदलाव नहीं होता। यह प्रावस्था 2-4 महीनों तक रहती है।
इसके बाद बालों की जड़ सक्रीय हो जाती है, जो टीलोजेन बाल को बाहर फेंक देते हैं। हर समय 90% बाल एमाजेन प्रावस्था में और 10% टीलोजेन प्रावस्था में होते हैं। यह अनुपात उलटाये जाने पर बाल पतलें होने लगते हैं।
Yucca
Not to be confused with yuca root, Yucca schidigera is a succulent native to the deserts of western North America. Yucca has many traditional uses for health and hygiene including as a nourishing natural cleanser for scalp and hair
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