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05/08/2024
bsnl 5g sim par 2g ki speed bhi nahin de pa raha hai sath me purani gprs technology par signal presh*t kar raha hai
मैं बहुत चिंतित हूं, देश की हालत बहुत खराब है, बहुत ही विकट स्थिति से गुजर रहा है......
गाड़ी के शोरूम में जाइए... हर नए मॉडल पर छह महीने से ज्यादा का लंबा वेटिंग पीरियड होता है...
कई रेस्तरां में लंबी कतार है और कोई खाली टेबल नहीं है!
शराब की दुकानों पर लाइन खत्म नहीं होती.... चिकन की भी डिमांड कम नहीं है.
शॉपिंग मॉल में पार्किंग की जगह नहीं है... इतनी भीड़...
कई मोबाइल कंपनियों के मॉडल आउट ऑफ स्टॉक हो गए हैं, लॉन्च होते ही ऐपल आउट ऑफ स्टॉक हो रहा है......
ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में कामकाजी दिन में भी शाम के वक्त बाजारों में पांव रखने की जगह नहीं... रोज जाम जैसे हालात!
ऑनलाइन शॉपिंग उद्योग अपने उफान पर है।
जब बेमतलब की बत्तियां जलती हैं, पंखा चलता है, मेरे घर में टीवी चलता है, तब मुझे बुरा नहीं लगता, लेकिन जब बिजली के दाम बढ़ते हैं तो मेरी अंतरात्मा चलती है।
जब मेरे बच्चे सोलह डिग्री सेंटीग्रेड पर कंबल पर एसी लगाकर सोते हैं...मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन जब बिजली का रेट बढ़ता है तो मेरा पारा चढ़ जाता है
जब मेरा गीजर 24 घंटे चालू रहता है तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता लेकिन जब बिजली का रेट बढ़ जाता है तो मेरी खुजली बढ़ जाती है
जब मेरी नौकरानी या पत्नी रसोई गैस बर्बाद करती है तो मेरी जीभ नहीं चलती है लेकिन जब गैस की कीमतें बढ़ती हैं तो मेरी जीभ शिकायत करना बंद नहीं करती है
मुझे लाल बत्ती पर कार का इंजन बंद करना पसंद नहीं है
मैं घर से दो लेन दूर दूध लेने स्कूटर से जाता हूं
वीकेंड में दस-बीस किलोमीटर बे-वजह चला लेता हूँ.... पर पेट्रोल के दाम एक रुपया भी बढ़ जायें तो ठिठुरन होती है
मुझे एक रात के लिए दो हजार का खाना खाने में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन बीस/पचास रुपये का पार्किंग शुल्क मुझे बहुत चुभता है
मॉल में दस हजार की खरीदारी करते समय मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन हरी सब्जी के ठेले वाले से मोलभाव किए बिना मुझे अपना खाना नहीं पचता।
मैं अपने वेतन पुनरीक्षण के लिए सरकार को रोज कोसता हूं लेकिन जब मैं अपनी नौकरानी का वेतन सुनता हूं तो मेरा बीपी बढ़ जाता है
मेरे बच्चे मेरी बात नहीं सुनते कोई बात नहीं लेकिन अगर प्रधानमंत्री मेरी बात नहीं मानते हैं तो मैं उन्हें तरह-तरह की गालियां देता हूं....
मैं एक स्वतंत्र देश का एक स्वतंत्र नागरिक हूं
हां, वे कहते हैं कि सरकार 130 करोड़ आबादी के लाभ के लिए ईमानदारी से सही दिशा में काम कर रही है, लेकिन मुझे मेरी और मेरे परिवार की चिंता है। जो देश बदल रहा है, उसे मैं बदल दूंगा...
लेकिन हालांकि मैं खुद गलत हूं, मैं खुद को नहीं बदलूंगा, मैं खुद को कभी नहीं बदलूंगा.....
*_आपमें खुद को बदलने की क्षमता नहीं है, और आप पीएम और दूसरों को बदलने की सोच रहे हैं ..... सोचिए कि आप हमारे देश के हित में कितना योगदान/त्याग कर रहे हैं! हम सब कहाँ जा रहे हैं? गंभीर आत्मनिरीक्षण का समय ...._*🙏,आज के समझ से संपन्न,समृद्ध शाली,शिक्षित,शहरी नागरिकों के लिए ये बहुत प्रेरणा दाई लेख अवश्य पूरा पढ़े,जानें,समझें और समझाएं,यही आशा,और उम्मीद के साथ,,,जय श्री कृष्णा
04/06/2024
🛑शायद आपको हैदराबाद की वो घटना आज भी याद होगी..
👉जब एक "महिला डॉक्टर" स्कूटी से जा रही थी और उसकी स्कूटी खराब हो गई कुछ "G"हादी ने स्कूटी ठीक करने के बहाने उसके साथ बेरहमी से दुष्कर्म किया और उसको मार दिया
👉पूरे देश में गुस्सा फैल गया, दरिंदो की बुराई देखकर पुलिस भी उठ खड़ी हुई, पुलिस ने सभी शैतान लोगों को गिरफ्तार कर लिया और जब वे भागने लगे तो सभी का एनकाउंटर कर दिया। तब लोगों ने उन पुलिसकर्मियों की जय-जयकार की, उन पर फूल बरसाये, जगह-जगह उनका सम्मान किया
👉अब उन्हीं पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया है 😭 सभी को जेल भेज दिया गया है और उनका भविष्य समाप्त हो गया है, लेकिन उनके पक्ष में एक आवाज नहीं उठी
👉क्योंकि आरोपी "G"हादी कीड़ों के साथ उनका एक पूरा इको सिस्टम होता है
👉उन पुलिस वालों ने किसी व्यक्तिगत हत्या या फायदे के लिए एनकाउंटर नहीं किया 🤔
👉उन बुरे लोगों की बुराई और दुष्टता देखकर ही न्याय किया गया था, जो बिल्कुल सही था।
👉आश्चर्य की बात है कि इस पर पूरा देश खामोश है। उन पुलिसवालों को कहीं से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है.
👉शायद समाज की इसी प्रवृत्ति के कारण अच्छे लोग निराश होकर चुप बैठ जाते हैं😔
जो चल रहा है, जैसा चल रहा है, सोच कर जाने दो
आरोपी का इको सिस्टम बहुत मजबूत हे हम दो दिन में सब भूल जाते हैं, ये उन्हें भी पता है
👉दोस्तों अगर आप इन बहादुर पुलिसकर्मियों के समर्थन में आवाज नहीं उठाएंगे तो कल संकट के समय आपको, आपकी बहनों और बेटियों को बचाने कोई सिंघम नहीं आएगा
👉यह ✊ एकजुटता दिखाने का समय है। मुठभेड़ असली थी और दुष्कर्म वाले, हत्यारे भी असली थे
यह संदेश हर जगह, हर ग्रुप में भेजें जिससे देश में उन पुलिस कर्मियों के हित में सकारात्मक वातावरण बने
मैं आवाज उठाऊंगा और आप ?🙏🤔
अगर आज आवाज नहीं उठेगी तो कोई सिंघम भविष्य में आगे नहीं आएगा...😊
13/05/2024
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