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15/06/2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
गुजविप्रौवि तथा आईईसीएस के बीच एमओयू
विद्यार्थियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों को मिलेगा बढ़ावा
हिसार, जून 15, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) तथा आईईसीएस, हिसार के बीच विद्यार्थियों के कौशल विकास, प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, प्लेसमेंट एवं शोध गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह एमओयू विद्यार्थियों को उद्योगों की वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, उन्हें रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने तथा शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत सेतु स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एमओयू पर गुजविप्रौवि की ओर से कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई तथा आईईसीएस की ओर से निदेशक डॉ. पारुल जैन ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार, अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश सांगवान, शैक्षणिक मामलों के अधिष्ठाता प्रो. योगेश चाबा, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. संजीव कुमार, हरियाणा स्कूल आॅफ बिजनेस के अधिष्ठाता प्रो. विनोद कुमार बिश्नोई, डॉ. प्रमोद कुमार, आईईसीएस के संस्थापक श्री पीयूष जैन तथा मुख्य प्रशिक्षक श्री रजत नागपाल सहित दोनों संस्थानों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में उद्योगों की अपेक्षाओं के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक समझ और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के एमओयू विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह एमओयू विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक परिवेश की चुनौतियों का सामना करने के लिए आवश्यक कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को रोजगार के उभरते क्षेत्रों, नई तकनीकों और व्यावसायिक अवसरों से अवगत कराने के लिए भी संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। साथ ही यह एमओयू विद्यार्थियों के समग्र विकास तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उपयोगी सिद्ध होगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों और उद्योग जगत के बीच साझेदारी समय की मांग है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल विकसित करने, वास्तविक कार्य परिस्थितियों को समझने तथा बदलती औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने इसे विद्यार्थियों के करियर निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस के निदेशक प्रो. संजीव कुमार ने बताया कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव और उद्योगों से जुड़ाव के अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस एमओयू के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, इंटर्नशिप, करियर मार्गदर्शन, प्लेसमेंट सहायता तथा रोजगारोन्मुख गतिविधियों में भागीदारी के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक समझ को मजबूती मिलेगी तथा वे बदलती रोजगार आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे।
अंतर्राष्ट्रीय मामलों के अधिष्ठाता प्रो. ओमप्रकाश सांगवान ने अपने संबोधन में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में बहुआयामी कौशलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सहयोग से विद्यार्थियों को नवीन तकनीकों, उद्योग जगत की कार्यप्रणाली तथा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विकसित हो रहे कौशलों से परिचित होने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों के लिए भविष्य में व्यापक संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
आईईसीएस के संस्थापक श्री पीयूष जैन ने इस सहयोग को शिक्षा और उद्योग के बीच सार्थक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि आईईसीएस पिछले तीन दशकों से कौशल विकास और करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में कार्य कर रहा है तथा विश्वविद्यालय के साथ यह पहल विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण प्रदान करने और उन्हें बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध करवाने में सहायक सिद्ध होगी।
आईईसीएस की निदेशक डॉ. पारुल जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि इस समझौते के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास कार्यक्रम, कार्यशालाएं, करियर काउंसलिंग, प्री-प्लेसमेंट प्रशिक्षण, मॉक इंटरव्यू, इंटर्नशिप तथा प्लेसमेंट से संबंधित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने रेखांकित किया कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए विद्यार्थियों का तकनीकी और व्यावसायिक रूप से सक्षम होना अत्यंत आवश्यक है।
एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थान संयुक्त रूप से कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम, करियर परामर्श, इंटर्नशिप, शोध गतिविधियों, रोजगार मेलों तथा उद्योग-अकादमिक सहभागिता से जुड़ी विभिन्न पहलों पर कार्य करेंगे। यह सहयोग शिक्षा और उद्योग जगत के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा तथा विद्यार्थियों को शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुख बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
15/06/2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
हिसार, जून 15, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए पीएचडी प्रोग्राम (समर टर्म) में दाखिलों के साक्षात्कार, डिस्पले ऑफ मेरिट लिस्ट तथा काउंसलिंग की तिथियों के शेड्यूल में बदलाव किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस सम्बंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि पीएचडी प्रोग्राम में दाखिले के लिए संबंधित विभागों में अब साक्षात्कार 26 जून की बजाय 01 जुलाई 2026 को होंगे। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दाखिलों की मेरिट लिस्ट 03 जुलाई को प्रदर्शित की जाएगी। प्रथम फिजिकल काउंसलिंग एवं ऑनलाइन माध्यम से ऑन स्पॉट फीस 06 जुलाई को जमा होगी। उन्होंने बताया कि दाखिलों की दूसरी काउंसलिंग के लिए कैटेगरी अनुसार रिक्त सीटों का ब्यौरा विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 07 जुलाई को प्रदर्शित किया जाएगा। 08 जुलाई को दूसरी काउंसलिंग का आयोजन होगा। इस काउंसलिंग में आरक्षित श्रेणी से सामान्य श्रेणी में परिवर्तित हुई सीटों पर भी दाखिला किया जाएगा तथा फीस ऑनलाइन माध्यम से ऑन स्पॉट जमा करवानी होगी। पीएचडी प्रोग्राम में प्रवेश पाने वाले विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य ओरिएंटेशन/इंडक्शन कार्यक्रम का आयोजन 09 जून को होगा। कोर्स वर्क 13 जुलाई से शुरू हो जाएगा तथा दिसम्बर माह के मध्य कोर्स वर्क परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। दाखिलों के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 है। आवेदन की अंतिम तिथि में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दाखिलों का रिवाइज्ड शैड्यूल एवं रिवाइज्ड प्रोस्पेक्टस विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.gjust.ac.in पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर सम्पर्क में रहें।
11/06/2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार
गुजविप्रौवि में चार वर्षीय इंटेग्रेटिड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के अंतर्गत बीएससी-बीएड व बीए-बीएड कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने किया दाखिला पोर्टल का उद्घाटन
ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जून
जून 11, 2026
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार (गुजविप्रौवि) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय इंटेग्रेटिड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम (आईटीईपी) के अंतर्गत बीएससी-बीएड व बीए-बीएड कोर्सों के लिए दाखिला प्रक्रिया शुरू हो गई है। विद्यार्थी 30 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने गुरुवार को दाखिला पोर्टल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. योगेश चाबा, डीन शिक्षा संकाय प्रो. वंदना पूनिया, कुलपति के तकनीकी सलाहकार प्रो. विनोद छोकर, पीडीयूसीआईसी के निदेशक मुकेश अरोड़ा, कुलदीप कुंडु व भारत भूषण उपस्थित रहे।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस अवसर पर कहा कि गुजविप्रौवि का शिक्षा विभाग राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त विभाग है। एक अच्छा शिक्षक केवल पाठ्यक्रम नहीं पढ़ाता, बल्कि वह व्यक्तित्व का निर्माण करता है और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देता है। उन्होंने कहा कि आईटीईपी प्रोग्राम का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों का निर्माण करना है जो ज्ञानवान होने के साथ-साथ संवेदनशील, नवाचारी और समाज के प्रति उत्तरदायी हों।
कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने कहा कि यदि हमें विकसित भारत का निर्माण करना है, तो हमें ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है, जो केवल पढ़ाने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को प्रेरित करने वाले, नवाचार को बढ़ावा देने वाले और जीवन मूल्यों का संवर्धन करने वाले मार्गदर्शक हों। आईटीईपी प्रोग्राम ऐसे शिक्षकों के निर्माण की मजबूत आधारशिला है।
शिक्षा संकाय की अधिष्ठाता प्रो. वंदना पूनिया ने कहा कि शिक्षक वह दीपक है, जो स्वयं जलकर समाज और राष्ट्र के भविष्य को प्रकाशित करता है। शिक्षक शिक्षा में गुणवत्ता सुनिश्चित करना ही भविष्य के भारत को सशक्त बनाने की कुंजी है। गुजविप्रौवि में आईटीईपी प्रोग्राम का उद्देश्य कौशलयुक्त शिक्षक तैयार करना है, जो विकसित भारत संकल्प अभियान में अपना सक्रिय योगदान दे सकें। उन्होंने बताया कि इन कोर्सिज में दाखिला नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा संचालित नेशनल कॉमन इंट्रांस टेस्ट (एनसीईटी-2026) के आधार पर किया जाएगा। दाखिलों के लिए संभावित मेरिट लिस्ट, काउंसलिंग की तिथियों एवं अन्य जानकारी के लिए के लिए इच्छुक उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.gjust.ac.in पर लगातार विजिट करते रहें।
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