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07/02/2024
**********"सृष्टि में नक्षत्र की अहमियत"********
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जिस दिन चंद्रमा स्वाति नक्षत्र में होता है उस दिन साधारण से सरकंडे की ये जड़ इतनी विषाक्त हो जाती है की
प्राचीन काल में योद्धा स्वाति नक्षत्र के पहर में विषाक्त बन चुकी इस सरकंडे की जड़ को उखाड़ कर पीस कर अपने तीरों पर लगाते थे,
जिसके बाद वो तीर इतने विषाक्त हो जाते थे की शत्रु को लगने पर संभवतः मृत्यु ही देते थे✍️
और गजब की बात इस जड़ में विष केवल उसी दिन बनता है जब चंद्र स्वाति नक्षत्र में पहुंचता है, अन्यथा अन्य दिन ये जड़ साधारण ही रहती है,
अभी जरा सोचिए जब एक पर्टिकुलर नक्षत्र में एक साधारण से सरकंडे की जड़ इतनी विषाक्त बन जाती है, तो इंसान के शरीर और बुद्धि पर नक्षत्र कितना असर करता होगा,
"शरीर और बुद्धि" जिससे प्रभावित होता है इंसान का पूरा जीवन,
🧐कभी सोचा है की साल के 12 महीनो के हिंदी नाम रखे कैसे गए होंगे???
👉चंद्रमा पूर्णिमा को चित्रा नक्षत्र में होगा तो चैत्र का माह की शुरुआत होगी,
👉चंद्र पूर्णिमा पर ज्येष्ठा नक्षत्र में होगा है तो ज्येष्ठ महीने की शुरुआत होगी,
👉चंद्र पूर्णिमा को फाल्गुनी नक्षत्र में तो फाल्गुन होली महीने की शुरू,
👉चंद्र पूर्णमा को मघा नक्षत्र में पहुंचा तो माघ माह की शुरुआत,
♥️मतलब चंद्रमा के पूर्णिमा नक्षत्र से महीनो के नाम तय किए गए थे,
🫄जैसे गर्भ में पल रहे शिशु के सम्पूर्ण अंग बनने पर डिलिवरी के वक्त नालवा काट कर शिशु को गर्भ से अलग किया जाता है🤱
ठीक वैसे ही पूर्णिमा के चंद्र के वैशाख नक्षत्र में पहुंचने पर फसल पोषण देने में पूर्ण सक्षम हो जाती है, तब फसल की नालवा रूपी जड़ को काट कर धरती मां के गर्भ से उसे अलग किया जाता है,
(Thats Y वैशाख नक्षत्र= उस नक्षत्र से पहले "बैसाखी" त्यौहार बनाया जाता है)
मतलब इंसान से लेकर फसल तक का भाग्य "नक्षत्र" निर्धारित करता है,
In short आज की language में समझे, तो
👉कुंडली जीवन पिक्चर की स्क्रिप्ट है,
👉"राशि" कुंडली का स्क्रिप्ट "राइटर"
👉"ग्रह" कुंडली का "डायरेक्टर" है
👉और "नक्षत्र" कुंडली का "प्रोड्यूसर"
👉और इंसान उस कुंडली पिक्चर का "एक्टर" है जिसे स्क्रिप्ट,राइटर,डायरेक्टर भले ही कमजोर मिल जाए
पर प्रोड्यूसर (नक्षत्र) ने अगर पिक्चर की धूम धड़ाके से पब्लिसिटी कर दी तो सामने दिख रही बेकार स्क्रिप्ट भी शोहरत दिलवा देती है👍
💐 चंद्रमा दिन को तय करता है, सूर्य पहर और महीने को,
पर इन दोनो को काल निर्धारण करने की क्षमता प्रदान करता है
"नक्षत्र" 👍
याद रखियेगा युद्ध से लेकर व्यापार तक,खेती से लेकर खाने तक बर्बादी से लेकर आबादी तक, कर्म से लेकर कुकर्म तक सब कुछ नक्षत्र तय करते हैं, ग्रह केवल उस इवेंट के माध्यम अथवा साक्षी बनते हैं👍
बशर्ते व्यक्ति ने नक्षत्र रहस्य को जाना और पढ़ा कितना है, बहुत से और किस्से और रहस्य हैं 28 नक्षत्रों के..... और लिखने का प्रयास रहेगा इस पर......फिर कभी👍
फिलहाल उम्मीद है यहां तक जानकारी समझ आए💐
रुद्र✍️...
1 . उपाय
यदि आप आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं तो आपको नवरात्रि के पहले दिन ही माता के आगे एक लाल कपड़े पर एक जोड़ा लौंग 11 इलायची और 11 ही सुपारी रख दें। 9 दिन पूजा करने के बाद इसे लाल कपड़े पर बांधकर अपनी तिजोरी या जहां आप अपने धन को रखते हैं वहां रख दें। आर्थिक संकट से आपको जल्द ही मुक्ति मिली शुरू हो जाएगी।
2 . उपाय
यदि आपको अपने घर में नकारात्मक ऊर्जा का एहसास हो रहा है तो आपको दो लौंग और एक कपूर पूरे नवरात्रि अपने घर में या जहां आपको नकारात्मक ऊर्जा का एहसास हो रहा है वहां जलानी है और उसकी धुआं सब जगह देना है। टॉयलेट बाथरूम को
3 . उपाय
यदि आप किसी ग्रह से परेशान है तो एक लौंग का जोड़ा हर रोज अपनी मनोकामना बोलकर माता के आगे जला दें। जल्दी आप उस परेशानी से दूर हो जाएंगे।
4 . उपाय
यदि आपके बेरोजगार हैं या आपको नौकरी नहीं मिल पा रही है। आपके अथक परिश्रम के बाद भी तो, आपको किसी भी मंदिर में जाकर माता के आगे 11 लौंग का जोड़ा रखना है और नौकरी के लिए मनोकामना बोलकर आ जाना है। यह उपाय आपको पूरे 9 दिन करना है। माता रानी और बाबा की इच्छा रही तो जल्द ही आपको इसका फल मिल जाएगा।
5 . उपाय
यदि आपके घर में बीमारी भी बहुत समय से लगी हुई है और आपका पीछा नहीं छोड़ रही है तो आपको रोज खड़े नमक का पोछा अपने घर में करना चाहिए।
लोबान गूगल पीली सरसों लौंग और कपूर मिलाकर उसका धुआं उस व्यक्ति को भी देना है। जिस प्रकार आप आरती करते हैं उसी प्रकार बीमार व्यक्ति के ऊपर से सात बार यह धुआं देना है। और आप चाहते हैं तो अपने पूरे घर में भी यह धुआं दे सकतें। टॉयलेट बाथरूम को छोड़कर।
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