Asha
23/05/2026
जो मुस्कराकर कहते हैं सब ठीक है
लड़कियों को जन्म लेते पकड़ा दिया जाता है गुडिया
22/05/2026
“ये लोग बहुत निर्दयी हैं, मम्मी… मेरा यहां दम घुट रहा है।”
“मां, प्लीज मुझे यहां से ले जाइए।”
“मम्मी, मेरी ज़िंदगी नरक बन चुकी है।”
अगर आपकी शादीशुदा बेटी आपको बार-बार अपने ससुराल वालों की प्रताड़ना के बारे में ऐसे मैसेज भेजे… तो आप क्या करेंगे?
मुझे यकीन है कि जिन लोगों की बेटियां हैं, वे पहला SMS
मैसेज या कॉल मिलते ही एक सेकंड भी बर्बाद नहीं करेंगे और अपनी बेटी को वहां से निकाल लाएंगे।
लेकिन दुख की बात ये है कि असल जिंदगी में अक्सर ऐसा नहीं होता। क्यों?
ये मैसेज ट्विशा शर्मा ने अपनी मां को भेजे थे। वही ट्विशा शर्मा, जिसकी भोपाल में कथित तौर पर पति और ससुराल वालों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या से मौत हो गई।
लड़की पढ़ी-लिखी थी, अच्छे और सफल परिवार से थी… फिर भी मदद की पहली पुकार पर उसके माता-पिता उसे क्यों नहीं ले आए?
और ध्यान रहे, मैं इस दुखद अंजाम के लिए माता-पिता को दोष नहीं दे रहा।
इस कथित आत्महत्या की पूरी आपराधिक जिम्मेदारी सिर्फ कथित प्रताड़ना करने वालों की है।
मैं सिर्फ उस कड़वी सामाजिक सच्चाई की ओर इशारा कर रहा हूं, जहां कई माता-पिता हिचकिचाते हैं, देर करते हैं, या ये उम्मीद करते रहते हैं कि “सब अपने आप ठीक हो जाएगा”… यहां तक कि ट्विशा जैसे पढ़े-लिखे और सक्षम परिवार भी।
बहुत दुखद।
अब समय आ गया है कि माता-पिता ये समझें
“तलाकशुदा बेटी, मरी हुई बेटी से हमेशा बेहतर होती है।”
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Haridwar
249401