Alok mishra
बिहार के भोजपुर में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच अब हाई कोर्ट के एक पूर्व न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाएगी। इस संबंध में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है।
यह मामला बिहार की राजनीति में लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के कई नेता और समर्थक भी इस प्रकरण को लेकर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, जिससे सरकार और बीजेपी दोनों पर दबाव बढ़ा है।
हकीकत यह है कि जब तक पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता पूरी तरह सुनिश्चित नहीं होती, तब तक एनकाउंटर जैसी असाधारण शक्तियों के इस्तेमाल को लेकर आशंकाएं बनी रहेंगी। स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार, राजनीतिक प्रभाव और अपराध-पुलिस गठजोड़ के आरोप पहले से मौजूद हैं, ऐसे में कई लोग मानते हैं कि बिना मजबूत निगरानी व्यवस्था के ऐसी कार्रवाईयों के दुरुपयोग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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