Janma Rashi
02/06/2017
घर में पूजा के बाद रोज करें ये एक काम, दूर होगी नेगिटिविटी
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देवी-देवताओं की पूजा में घंटी बजाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। हम जब भी घर में पूजा करते हैं तो उस समय में भी घंटी अनिवार्य रूप से बजानी चाहिए। घंटी बजाने के धार्मिक महत्व भी हैं और वैज्ञानिक महत्व भी हैं।
घर में घंटी बजाने से कौन-कौन से लाभ मिलते हैं और दूर होती है नकारात्मक ऊर्जा
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घंटी से जो आवाज निकलती है, वह वातावरण को शुद्ध और पवित्र बनाती है। वातावरण में कई सूक्ष्म कीटाणु रहते हैं, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं। घर में लगातार एक लय में घंटी बजने से जो ध्वनि निकलती है, वह इन सूक्ष्म कीटाणुओं को नष्ट कर देती है। साथ ही, इस आवाज से वातावरण की नकारात्मक ऊर्जा भी बेअसर हो जाती है। इसी वजह सभी मंदिरों में घंटी लगाई जाती है और घंटियों की आवाज से ही मंदिर में सकारात्मकता महसूस होती है।
घंटी के बिना पूर्ण नहीं होती आरती
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देवी-देवताओं की आरती, घंटी के नाद के बिना पूर्ण नहीं हो सकती है। भगवान की आरती में कई प्रकार के वाद्य यंत्र बजाए जाते हैं, इनमें घंटी भी महत्वपूर्ण है। घंटी की ध्वनि मन, मस्तिष्क और शरीर को ऊर्जा प्रकार प्रदान करती है। इस ऊर्जा से बुद्धि तेज होती है। मंदिरों में जब भी आरती होती है तो घंटी की आवाज से वहां उपस्थित लोग खुद को तनाव मुक्त महसूस करते हैं।
16/05/2017
Good morning ... Varanasi
25/03/2017
गायत्री मंत्र क्यों और कब ज़रूरी है
सुबह उठते वक़्त 8 बार ❕अष्ट कर्मों को जीतने के लिए !!
भोजन के समय 1 बार❕👆❕ अमृत समान भोजन प्राप्त होने के लिए !!
बाहर जाते समय 3 बार ❕✌👆❕समृद्धि सफलता और सिद्धि के लिए !!
👏 मन्दिर में 12 बार ❕👐✌❕
प्रभु के गुणों को याद करने के लिए !!
😢छींक आए तब गायत्री मंत्र उच्चारण ☝1 बार अमंगल दूर करने के लिए !!
सोते समय 🌙 7 बार ❕✋✌ ❕सात प्रकार के भय दूर करने के लिए !!
कृपया सभी बन्धुओं को प्रेषित करें 👏👏 !!!
ॐ , ओउम् तीन अक्षरों से बना है।
अ उ म् ।
"अ" का अर्थ है उत्पन्न होना,
"उ" का तात्पर्य है उठना, उड़ना अर्थात् विकास,
"म" का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् "ब्रह्मलीन" हो जाना।
ॐ सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति और पूरी सृष्टि का द्योतक है।
ॐ का उच्चारण शारीरिक लाभ प्रदान करता है।
जानीए
ॐ कैसे है स्वास्थ्यवर्द्धक
और
अपनाएं आरोग्य के लिए ॐ के उच्चारण का मार्ग...
1. ॐ और थायराॅयडः-
ॐ का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
2. ॐ और घबराहटः-
अगर आपको घबराहट या अधीरता होती है तो ॐ के उच्चारण से उत्तम कुछ भी नहीं।
3. ॐ और तनावः-
यह शरीर के विषैले तत्त्वों को दूर करता है, अर्थात तनाव के कारण पैदा होने वाले द्रव्यों पर नियंत्रण करता है।
4. ॐ और खून का प्रवाहः-
यह हृदय और ख़ून के प्रवाह को संतुलित रखता है।
5. ॐ और पाचनः-
ॐ के उच्चारण से पाचन शक्ति तेज़ होती है।
6. ॐ लाए स्फूर्तिः-
इससे शरीर में फिर से युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार होता है।
7. ॐ और थकान:-
थकान से बचाने के लिए इससे उत्तम उपाय कुछ और नहीं।
8. ॐ और नींदः-
नींद न आने की समस्या इससे कुछ ही समय में दूर हो जाती है। रात को सोते समय नींद आने तक मन में इसको करने से निश्चिंत नींद आएगी।
9. ॐ और फेफड़े:-
कुछ विशेष प्राणायाम के साथ इसे करने से फेफड़ों में मज़बूती आती है। अक्षय.....!!
10. ॐ और रीढ़ की हड्डी:-
ॐ के पहले शब्द का उच्चारण करने से कंपन पैदा होती है। इन कंपन से रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है और इसकी क्षमता बढ़ जाती है।
11. ॐ दूर करे तनावः-
ॐ का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनाव-रहित हो जाता है।
आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ का उच्चारण करेंगे।
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