JoyMaker.In - Be Creative
19/09/2025
Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics in Hindi - Hariharan
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
गले में बैजंती माला,बजावै मुरली मधुर बाला ।श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला ।गगन सम अंग कांति काली,राधिका चमक रही आली ।लतन में ठाढ़े बनमालीभ्रमर सी अलक,कस्तूरी तिलक,चंद्र सी झलक,ललित छवि श्यामा प्यारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
कनकमय मोर मुकुट बिलसै,देवता दरसन को तरसैं ।गगन सों सुमन रासि बरसै ।बजे मुरचंग,मधुर मिरदंग,ग्वालिन संग,अतुल रति गोप कुमारी की,श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
जहां ते प्रकट भई गंगा,सकल मन हारिणि श्री गंगा ।स्मरन ते होत मोह भंगाबसी शिव सीस,जटा के बीच,हरै अघ कीच,चरन छवि श्रीबनवारी की,श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
चमकती उज्ज्वल तट रेनू,बज रही वृंदावन बेनू ।चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनूहंसत मृदु मंद,चांदनी चंद,कटत भव फंद,टेर सुन दीन दुखारी की,श्री गिरिधर
आरती कुंजबिहारी की - Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics (Hariharan) आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ - Aarti Kunj Bihari Ki, Shri Girdhar Krishna Murari Ki ॥ Lyrics (Hariharan)
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the public figure
Telephone
Website
Address
Delhi
110015