Suresh Goel

Suresh Goel

Share

Photos from Suresh Goel's post 06/01/2021

🌿🌿🕉️🕉️🕉️🕉️🕉️🌿🌿
*ख़ूब सारी भांग छुपा देना कफ़न में मेरे,*
*शमशान में बैठ घोटा करूंगा,*
*जब बाबा मांगेगा कर्मों का हिसाब..*
*तो भर भर लोटे दिया करूंगा!!*
* #मेरे तो बस भोलेनाथ*

‼️ *जय महाकाल*‼️
*🔅┅🌿🐚☆"ॐ"☆🐚🌿┅🔅*
*🔔🚩💀श्री भस्म रमैय्या💀🚩🔔*
*🏵══🌹•❁ #भस्म_आरती_श्रृंगार ❁•🌹══🏵*
*🎪❣स्वयंभू श्री महाकालेश्वर जी के भस्मारती श्रृंगार दर्शन, उज्जैन, मध्यप्रदेश से❣🎪*
*0️⃣6️⃣जनवरी 2⃣0⃣2⃣1️⃣बुधवार‼️*
⬇️⬇️⬇️⬇️⬇️

06/01/2021

12 ज्योतिर्लिंग में से एक है भीमाशंकर, जानिए इस शिव मंदिर का धार्मिक महत्व

भगवान शंकर के 12 ज्योतिर्लिंग में भीमाशंकर का छठा स्थान है। यह ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर सह्याद्रि पर्वत पर स्थित है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को भगवान के रूप में पूजा जाता है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग काफी बड़ा और मोटा है, जिसके कारण इस मंदिर को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर के पास ही भीमा नदी बहती है जो कृष्णा नदी में जाकर मिल जाती है।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के पीछे जो कथा कथा शास्त्रों में आई है उसके अनुसार कुंभकरण के पुत्र का नाम भीम था। कहते हैं कि कुंभकरण को कर्कटी नाम की एक महिला पर्वत पर मिली थी। उसे देखकर कुंभकरण उस पर मोहित हो गया और उससे विवाह कर लिया। विवाह के बाद कुंभकरण लंका लौट आया। लेकिन कर्कटी पर्वत पर ही रही। कुछ समय बाद कर्कटी को एक पुत्र हुआ जिसका नाम भीम रखा गया। कहते हैं कि जब श्रीराम ने कुंभकरण का वध कर दिया तो कर्कटी ने अपने पुत्र को देवताओं के चल से दूर रखने का फैसला किया। बड़े होने पर जब भीम को अपने पिता की मृत्यु का कारण पता चला तो उसने देवताओं से बदला लेने का निश्चय किया। भीम ने ब्रह्मा जी की तपस्या करके उनसे बहुत ताकतवर होने का वरदान प्राप्त कर लिया।
कामरुपेश्वर नाम के राजा भगवान शिव के भक्त थे। एक दिन भीम ने राजा को शिवलिंग की पूजा करते हुए देख लिया। जिसके बाद भीम ने राजा को भगवान की पूजा छोड़ उसकी पूजा करने के लिए कहा। राजा के बात न मानने पर भीम ने उन्हें बंदी बना लिया। राजा कारगर में ही शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करने लगा। जब भीम ने ये देखा तो उसने अपनी तलवार से राजा के बनाए शिवलिंग को तोड़ने का प्रयास किया। ऐसा करने पर शिवलिंग से स्वयं भगवान शिव प्रकट हुए। जिसके बाद भगवान शिव और भीम के बीच भयानक युद्ध हुआ। जिसमें भीम की मृत्यु हो गई। फिर देवताओं ने भगवान शिव से हमेशा के लिए उसी स्थान पर रहने की प्रार्थना की। कहते हैं कि देवताओं के कहने पर शिवलिंग के रूप में उसी स्थान पर स्थापित हो गए। इस स्थान पर भीम से युद्ध करने की वजह से इस ज्योतिर्लिंग का नाम भीमशंकर पड़ गया।

Want your place of worship to be the top-listed Place Of Worship in Delhi?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Website

Address


Pashchim Vihar
Delhi