negiG
पहाडी पति ने अपनी पत्नी से पानी माँगा तो..
04/03/2024
जौनसार में भेड़ का मांस क्यों नही खाया जाता है ?
**************************************
इसके बारे मे कोई लिखित जानकारी उपलब्ध नही है।कुछ पुराने लोगो से जो जानकारी मिल सकी उसे शेयर कर रहा हूं-
चकराता के निकट एक स्थान है- वैराटखाई । जौनसार के लोकगीतों और जनश्रुति के अनुसार वैराटखाई में सामूशाह नाम का एक क्रूर,स्वेच्छाचारी और व्यभिचारी राजा था जो कि महिलाओं के स्तनों का दूध पीने का आदी हो गया था। राजा के सैनिक रोज आस पास के गांवो मे जाकर प्रसूता महिलाओं के स्तनो का दूध लाते थे। स्थानीय गीतो में वर्षो से गया जाता है-
सामूशाह राजा की करणी बुधा।
सामूशाह राजा मांगो मांणसू रो दूधा।।
नवजात शिशु मां का दूध न पी सके इस वास्ते अत्याचारी राजा के सैनिको द्वारा महिलाओ के स्तनो पर चमडे की बेल्ट कस कर ताला लगा दिया जाता था।
नवजात शिशु दूध न मिलने पर तडप-तडप कर मरने लगे।नवजात शिशुओ को बचाने के लिए उन्हे भेड का दूध दिया जाने लगा।तब भेड के दूध से बच्चे पलने लगे।भेड नवजात शिशुओ की जीवनदायिनी बनी।बस तभी से अभी तक जौनसार ने भेड का मांस खाने का प्रचलन नही है।
वैराटगढ के राजा सामूशाह के बारे मे इतिहास मे कोई लिखित जानकारी तो नही है परन्तु इस तरह के स्वेच्छाचारी,व्यभिचारी परमार वशं के राजा श्यामशाह (1611से1631) का उल्लेख अवश्य है जिसके अधीन यह वैराटगढ भी रहा होगा।परन्तु राजा श्यामशाह की इतनी क्रुरता का उल्लेख गढ़वाल के इतिहास में नही है।
दूसरी जनश्रुति के अनुसार पूर्व में जौनसार का यह क्षेत्र महाराजा नाहन के अधीन था।महारानी नाहन को कोई संतान नही हो रही थी जिस कारण महाराज पर भारी दुख था।नीम-हकीम की दवाओ और ईश्वर की कृपा से बहुत सालो बाद महारानी को एक पुत्र हुआ।पुत्र होते ही महारानी का स्वर्गवास हो गया। नवजात शिशु को मां का दुध न मिलने पर उसकी जान पर बन आई।
नीम-हकिमों की सलाह पर नवजात राजकुमार को भेड का दूध पिलाया जाने लगा। जीवनदायिनी भेड के दूध पर राजकुमार पलने के कारण राजपरिवार द्वारा भेड़ का मांस नही खाया जाने लगा जिसका अनुसरण स्वैच्छा से जौनसार के लोगों द्वारा भी किया गया बस तभी से जौनसारी लोग भेड का मांस नही खाते है।
यदि आपके पास भी इस संबंध में कोई जानकारी है तो कृपया कमेंट करे।
Please like ,share n follow my page Negi Guruji
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Contact the business
Website
Address
Chakrata
Dehra Dun