Mukesh kumar mahto

Mukesh kumar mahto

Share

15/02/2025

रामधारी सिंह दिनकर का एक कविता मुझे आज के परिवेश पर याद आ रहा है। क्षमा शोभती उस भुजंग(सांप) को जिसके पास गरल (विष)हो, उसको क्या जो दंतहीन विषहीन विनीत सरल हो ,मुखिया से ज्यादा तत्परता तो कुछ वार्ड महोदय लोगों के द्वारा दिखाया जा रहा है कि आवास का काम मुखिया नहीं मैं करा रहा हु। ताकि समय पर मुद्रामोचन (दलाली)हो सके। आप सभी जनता जनता जनार्दन वार्ड के कामों और मुखिया जी के काम को भलीभांति समझते है। खैर जनता जनर्दन का काम होना चाहिए।और इनके द्वारा मनोरंजन भी

Want your public figure to be the top-listed Public Figure in Chhapra?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Category

Website

Address


Chhapra
841402