Pandit RK Sharma

Pandit RK Sharma

Share

15/01/2020
12/11/2019

Today's Horoscope-
मेष (चु, चे, चो, ला, लि, लु, ले, लो, अ) :- ईश्वर की आराधना में रूचि रहेगी। दिया वचन पूरा करें। मांगलिक उत्सव में शामिल होंगे। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें। तामसिक भोजन का प्रयोग आज के दिन न करें।

वृषभ (इ, उ, ए, ओ, वा, वि, वु, वे, वो) :- आपका कामकाज उत्तम बना रहेगा। परिवार का सुख एवं सहयोग मिलेगा। किसी के साथ बेवजह मतभेद होंगे। पूर्ण रूप से धैर्य रखने का प्रयास करें।

मिथुन (का, कि, कु, घ, ङ, छ, के, को, हा) :- नवीन कार्य की योजना बन सकती है। परिवार के लोग सहयोग करेंगे। धन का कुछ नुकसान हो सकता है जिससे मन विचलित रहेगा।

कर्क (हि, हु, हे, हो, डा, डि, डु, डे, डो) :- कामकाज में सफलता हासिल होगी। आपको या परिवार में किसी को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते आयेंगी। यात्रा के योग बनते हैं। तामसिक भोजन का प्रयोग आज के दिन न करें।

सिंह (मा, मि, मु, मे, मो, टा, टि, टु, टे) :- निकट संबंधी और मित्र अपना स्वार्थीपन व्यवहार दिखाएंगे। आगे से मतलब परस्त लोगों को इग्नोर करने का प्रयास करें। आपको लंबे समय से महसूस हो रही थकान से आराम मिलेगा।

कन्या (टो, पा, पि, पु, ष, ण, ठ, पे, पो) :- पारिवारिक सुख मिलेगा। किसी बाहरी व्यक्ति के कारण मानसिक तनाव रहेगा। व्यर्थ की बातों को इग्नोर करके व्यापार की तरफ ध्यान दें।

तुला (रा, रि, रु, रे, रो, ता, ति, तु, ते) :- परिवार का साथ मिलेगा। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। मन में निराशा के भाव उत्पन्न होंगे। आपका अच्छा प्रभाव बना रहेगा। आप शांतचित रहना पसंद करेंगे।

वृश्चिक (तो, ना, नि, नु, ने, नो, या, यि, यु) :- भाग्य का साथ मिलेगा। कामकाज में लाभ होगा। नवीन योजनाएं सफल होंगी। आपका या परिवार में किसी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है।

धनु (ये, यो, भा, भि, भु, धा, फा, ढा, भे) :- आज आपको अच्छा पारिवारिक सुख हासिल होगा। नवीन कार्य सफल होंगे। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हो सकते है। गाय को गुड़ और हरा चारा खिलाएं।

मकर(भो,जा,जि,जु,जे,जो,ख,खि,खु,खे,खो,गा,गि) :- पारिवारिक सुख अच्छा बना रहेगा। कोई अप्रिय घटना से बचाव होगा। मन की बेचैनी दूर करने के लिए कुछ समय पाठ पूजा में व्यतीत करें।

कुम्भ (गु, गे, गो, सा, सि, सु, से, सो, दा) :- शरीर में चुस्ती-फुर्ति बनी रहेगी। कामकाज में मन लगेगा। अचानक कहीं से धन लाभ हो सकता हैं। मांगलिक उत्सव में शामिल होंगे। लक्ष्य को ध्यान में रखकर प्रयत्न करें।

मीन (दि, दु, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, चि) :- आज धन की प्राप्ति होगी। कोई शुभ समाचार मिलेगा। कई दिनों से अटका कार्य आज पूरा हो सकता है। किसी भी प्रकार के विवाद से दूरी बनाए रखना आपके लिए श्रेष्ठ रहेगा।

08/11/2019

👉 तुलसी विवाह कराने से कन्यादान के बराबर मिलता है पुण्य फल, जानिए इसकी विधि और मुहूर्त-
तुलसी विवाह को लेकर दो तारीखें सामने आ रही है। जिसके अनुसार कुछ जगह 8 नवंबर को तो कुछ इलाकों में 9 नवंबर को तुलसी विवाह कराया जायेगा। इस विवाह की रस्में एक आम विवाह की तरह ही होती है जिसमें विदाई भी जरूरी है। माना जाता है कि तुलसी विवाह से कन्या दान जैसा पुण्य फल प्राप्त होता है। यहां जानिए आखिर क्यों और कैसे कराया जाता है तुलसी विवाह और क्या है शुभ मुहूर्त।

👉 तुलसी विवाह का महत्व:-
तुलसी विवाह एक आम विवाह की तरह किया जाता है। जिसमें विवाह के मंडप को गन्नों से सजाकर तुलसी को लाल कपड़े के साथ सजा कर विशेष श्रृंगार किया जाता है। शालिग्राम के बाईं तरफ तुलसी को रख कर पूजा की होती है। मान्यता ऐसी है कि तुलसी विवाह की पूजा में शामिल होकर प्रार्थना करने वाले अविवाहित युवक-युवतियों का विवाह जल्दी हो जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा की सात परिक्रमा करते समय देव उठनी के गीत गाएं जाते है। मान्यता ऐसी भी है कि जिनके घर में बेटियां नहीं होती, वे तुलसी विवाह के जरिए कन्यादान का सुख प्राप्त करते है।

👉 तुलसी विवाह की पूजा विधि-
✅ तुलसी विवाह करते समय तुलसी का पौधा खुले में रखें।
✅ तुलसी विवाह के लिए मंडप को गन्न से सजाएं।
✅ इसके बाद तुलसी जी पर सबसे पहले लाल चुनरी ओढ़ाएं। उन्हें श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
✅ इसके बाद तुलसी के गमने पर भगवान विष्णु के दूसरे स्वरूप यानी शालिग्राम को रखें फिर उस पर तिल चढ़ाएं।
✅ अब दूध और हल्दी तुलसी जी और शालिग्राम भगवान को अर्पित करें।
✅ तुलसी विवाह के समय मंगलाष्टक का पाठ जरूर करें।
✅ एक घी का दीपक तुलसी जी के समक्ष जलाएं और उन्हें भोग में दाल और गुड़ अर्पित करें।
✅ तुलसी की कथा पढ़ें और भजन कीर्तन करें।
✅ एक लाल कपड़े में लपेट कर नारियल तुलसी माता को अर्पित करें।
✅ घर में किसी पुरुष को शालिग्राम जी को हाथ में उठाकर तुलसी जी की सात बार परिक्रमा करवानी चाहिए।
✅ ध्यान रहे कि तुलसी जी को शालिग्राम भगवान के बाईं तरफ बिठाएं।
✅ पूजा खत्म होने के बाद सारी सामग्री और तुलसी का पौधा मंदिर में दे आएं।

👉 कैसे हुई तुलसी की उत्पत्ति:-
धार्मिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि देव और दानवों द्वारा किए गए समुद्र मंथन के समय जो अमृत धरती पर मिला, उसी के प्रभाव से ही तुलसी की उत्पत्ति हुई। तुलसी मुख्यता तीन प्रकार की होती हैं- कृष्ण तुलसी, सफेद तुलसी तथा राम तुलसी जिसमें से कृष्ण तुलसी सर्वप्रिय मानी जाती है।

👉 तुलसी विवाह का मुहूर्त-
द्वादशी तिथि का प्रारंभ - 8 नवंबर 2019 को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट से
द्वादशी तिथि का समापन - 9 नवंबर दोपहर 2 बजकर 39 मिनट पर

Want your practice to be the top-listed Clinic in Chandigarh?
Click here to claim your Sponsored Listing.

Telephone

Address


Chandigarh
160047