GAZI BOY
लड़के फोन पर लंबी बातें क्यों नहीं करते
मोबाइल ने दूरियों को समेटकर आपकी हथेली में फिट कर दिया है। बस उंगलियां चलाईं और मीलों की दूरी सिमटती चली जाती है। लेकिन जिस तरह सब्जी में ज्यादा नमक उसका स्वाद खराब कर देता है, उसी तरह ज्यादा नजदीकियां भी होती हैं। अपने बॉयफ्रेंड को बार-बार फोन करना, लंबी-लंबी बातें करना, आपको यह बहुत पसंद हो सकता है, लेकिन आमतौर पर लड़के इससे बचते हैं।
पहले पिया सिर्फ रंगून जाने पर ही फोन करते थे, लेकिन तकनीक के इस दौर में जब हर किसी के पास फोन है, तो हर समय हर वक्त पिया को फोन किया जा सकता है।
कहा जाता है कि बातें करना लड़कियों को बहुत पसंद होता है। एक बात के सिरे को दूसरी बात से जोड़ना और फिर उसे और आगे ले जाने की फन में माहिर मानी जाती हैं लड़कियां। लेकिन जरूरी नही कि आपके जीवन में जो लड़का है उसे भी ऐसा ही पसंद हो। जब लडका फोन पर अधिक देर बात नहीं करता, तो लड़कियां इसे कई संदर्भों में देखने लगती हैं। उन्हें लगता है कि लड़का बदल गया है। उसका प्यार बदल गया है और साथ ही उसका नजरिया भी। लेकिन यह सोच हमेशा सही नहीं होती। चलिए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे कारण जिनके चलते आपका बॉयफ्रेंड आपसे फोन पर बात करने से बच रहा हो।
कई लड़कियां सोचती हैं कि लड़के फोन इसलिए नही करते क्योंकि वह अपने फोन बिल का भुगतान समय पर करना भूल जाते है, या अपने सेल फोन की बैटरी को चार्ज नही करते है। वह कहती है कि वास्तव में कोई भी तरीका हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। पर इतना है क्योंकि वह फोन नहीं करना चाहता था, इसलिए नहीं करते।
तो ऐसा क्या है जो लड़कों को लड़कियों से अलग बनाता है? मतलब कि लड़की को तो फोन पर बात करना पसन्द है लेकिन लड़कों को नही तो उसका यह निष्कर्ष निकलता है कि फोन शिष्टाचार में कोई वास्तविक अंतर नही होता है चाहे वह लड़कों के लिए हो या लड़कियों के लिए सिर्फ दृष्टिकोण अलग-अलग हो सकता है। तो लड़कों का फोन पर बात करने से नफरत करने का असली कारण क्या है?
लड़कों का इस बारे में विचार
सबसे पहले बात करते है, लड़कों की फोन पर बात करने की। लड़के और लड़कियों दोनों के फोन एडिकेट्स अलग हो सकते हैं। लड़कियों को अनेक चीजों के बारे में बात करना पसंद होता है, लेकिन लड़के आमतौर पर अपनी पसंद से जुड़ी चीजों के बारे में ही बात करना पसंद करते हैं। वे आपकी चाची क्या कर रही है या आपके फलां रिश्तेदार के घुटने में दर्द क्यों होता है उसको इन सब से कोई सरोकार नहीं है।
लंबी बातें पसंद नही
आमतौर पर लड़के फोन पर ज्यादा लंबी बातें नहीं करते। वे कम समय में ही किसी बात का जवाब देना अधिक पसंद करते हैं। लड़कों का यह बर्ताव समझना जरूरी है।
व्यस्तता के कारण
लड़कों को कई लड़को को इसलिए भी फोन पर बात करना पसंद नही क्योंकि उनको लगता है कि उनके पास समय की कमी है। हालांकि इसका अर्थ यह कतई नहीं लगाना चाहिए कि वे यह मानकर बैठ जाएं कि लड़कियां ही उन्हें फोन करें। इस तरह से करना शायद उन्हें बहुत अधिक महत्वपूर्ण और व्यस्त दिखाता है। और उन्हें यह दिखावेबाजी पसंद भी आती है।
बार-बार फोन करना पसंद नही
लड़कों का मनाना है कि आपकी जिन्दगी कुछ ही घंटों में बदल जाती हैं। हम लड़के घंटा या आधा घंटा ही फोन पर लड़कियों के साथ चैट कर सकते हैं। और अभी आपने बात की फिर कुछ देर में कुछ और बदलाव आ गया तो यह सब आप फोन पर बार-बार नही बता सकते। वह व्यक्तिगत रूप से फोन से बचते है और फोन पर लगभग सभी वार्तालाप उनके अनुसार "अरे, तुम क्या कर रहे हो?" या उससे थोड़ा कुछ और से मिलकर बनती है।
वास्तव में कुछ कहने के लिए
लड़के सोचते हैं कि फोन का इस्तेमाल तब ही किया जाना चाहिए जब आपको वास्तव में कुछ कहना है। सिर्फ इसलिए कि कोई लड़का आपको हर पंद्रह मिनट में फोन नहीं करता इसका मतलब यह नहीं है कि उसे आपकी परवाह नहीं है। हर थोड़ी देर में कॉल करना और कहना "हे ... क्या हो रहा है!" अच्छा लग सकता है। हो सकता है कि लड़की को पसन्द हो, लेकिन एक लड़के के अनुसार उसके जीवन यह ज्यादा रोमांचक क्षण नही है।
कुछ लड़के शर्मीले होते हैं
इस प्रकार की श्रेणी में वह लड़के आते हैं, जो अपने सभी दोस्तों के साथ शिष्ट और बातूनी हो सकते है, लेकिन जब एक लड़की के साथ एक डेटिंग करते है तो वह सही से बात नही कर पाते। यह बात आपको परेशान कर सकती है। जब आप देखती हैं कि वह वास्तव में अपने लड़के दोस्तों के साथ तो देर तक चैट कर सकते हैं, लेकिन आपके साथ एक फोन कॉल पर भी ठीक से बात नही करते। लेकिन इस मामले में यह बात खुलकर आई है कि ज्यादातर पुरुष को महिलाओं से फोन पर बात करने में शर्म आती है।
फोन पर वह सिर्फ आवाज है
लड़को को लगता है कि फोन पर वास्तविक बातचीत नहीं होती है। वास्तविक जीवन में संवाद करते समय आप को उस इंसान को आमने सामने देखने उसकी शरीरी भाषा पढ़ने का मौका मिलता है जबकि फोन पर वह आपके लिए सिर्फ एक आवाज है।
अपने को बेहतर समझते है
बेशक, आपको यह सुनकर आश्चर्य होगा? लेकिन लड़के मानते है कि सिर्फ बैठ कर लड़कियों से बात करने के अलावा इससे बेहतर काम करने के लिए भी उनके पास बहुत कुछ है। लड़के जब बात करते है तो वह उस विषय पर बात करते है जिसके बारें में वह जानना चाहते है फिर इसके लिए चाहे उन्हें बात की गहराई में जाना पड़े या बात को खिंचाना पड़े। और अगर वह आपसे फोन पर बात नही कर रहा है, तो इसका मतलब वह अन्य कर रहा है।
आपको पसंद नहीं करत
ज्यादातर महिलाओं को लगता है कि फोन पर बात न करने का सबसे प्रमुख कारण कि वह आपको पसन्द नही करता है, लेकिन असल में, ऐसा नही होता है। लड़के शायद ही कभी लड़कियों को नापसंद करते हों। वे सिर्फ फोन पर बहुत ज्यादा बात करना नापसंद करते है। वह अगर आपको नापसंद करता है तो उसके पीछे कई कारण हो सकते है, लेकिन सिर्फ फोन पर बात नहीं करना इतना पेचीदा नहीं, जितना कि शायद आप समझ रही हों।
फिर भी कुछ कारण हो सकते हैं जिनकी वजह से वो आपसे फोन पर बात करने से बच रहा हो
उसको कोई कारण नहीं दिख रहा है।
वह आप के साथ फिर से बाहर नही जाना चाहता है।
आप जो बातें करती हो वह उससे ऊब गया हो।
वह अन्य लोगों के मामलों में बात करने में उत्सहित नहीं है।
सबसे महत्वपूर्ण बात है, कि वह आपको नापसंद करता है।
लड़कों के लिए फोन एक संकट
लड़के भी चाहते है कि लड़कियों को पता चले कि वह उनकी केयर करते है, लेकिन सिर्फ फोन उनके लिए यह जताने का जरिया नहीं है। उन्हें लगता है कि लड़कियों को यह समझ में नहीं आता है।
कार्य और रोमांस घंट
वैसे तो लड़के अधिकांश फोन कॉल का जवाब देना अपनी "जिम्मेदारी" समझते हैं, लेकिन कई बार असहज स्थिति में या व्यस्त होने के कारण वह फोन रिसिव नही कर पाते है। लड़कियों को यह समझ में नही आता और जब वह मिलती है तो नाराज रहती है क्योंकि आप लंबे समय से अपने उसके साथ पर्याप्त बात नहीं की थी। लड़कों का मनाना है कि लड़कियों को यह नही पता कि काम के घंटे और रोमांस के समय के बीच एक अंतर है।
तो क्यों लड़के फोन पर बात नहीं करते हैं? इसके सभी कारण अब आपके सामने हैं
सोहनी-महिवाल : दोनों की मोहब्बत ने किया कमाल
पंजाब की चनाब नदी के तट पर तुला को एक बेटी हुई सोहनी। कुम्हार की बेटी सोहनी की खूबसूरती की क्या बात थी। उसका नाम भी सोहनी था और रूप भी सुहाना था। उसी के साथ एक मुगल व्यापारी के यहाँ जन्म लिया इज्जत बेग ने जो आगे जाकर महिवाल कहलाया। इन दोनों के इश्क के किस्से पंजाब ही नहीं सारी दुनिया में मशहूर हैं।
घुमक्कड़ इज्जत बेग ने पिताजी से अनुमति लेकर देश भ्रमण का फैसला किया। दिल्ली में उसका दिल नहीं लगा तो वह लाहौर चला गया। वहाँ भी जब उसे सुकून नहीं मिला तो वह घर लौटने लगा। रास्ते में वह गुजरात में एक जगह रुककर तुला के बरतन देखने गया लेकिन उसकी बेटी सोहनी को देखते ही सबकुछ भूल गया। सोहनी के इश्क में गिरफ्तार इज्जत बेग ने उसी के घर में जानवर चराने की नौकरी कर ली। पंजाब में भैंसों को माहियाँ कहा जाता है। इसलिए भैंसों को चराने वाला इज्जत बेग महिवाल कहलाने लगा। महिवाल भी गजब का खूबसूरत था। दोनों की मुलाकात मोहब्बत में बदल गई।
जब सोहनी की माँ को यह बात पता चली तो उसने सोहनी को फटकारा। तब सोहनी ने बताया कि किस तरह उसके प्यार में व्यापारी महिवाल भैंस चराने वाला बना। उसने यह भी चेतावनी दी कि यदि उसे महिवाल नहीं मिला तो वह जान दे देगी। सोहनी की माँ ने महिवाल को अपने घर से निकाल दिया। महिवाल जंगल में जाकर सोहनी का नाम ले-लेकर रोने लगा। उधर सोहनी भी महिवाल के इश्क में दीवानी थी। उसकी शादी किसी और से कर दी गई। लेकिन सोहनी ने उसे कुबूल नहीं किया।
उधर महिवाल ने अपने खूने-दिल से लिखा खत सोहनी को भिजवाया। खत पढ़कर सोहनी ने जवाब दिया कि मैं तुम्हारी थी और तुम्हारी ही रहूँगी। जवाब पाकर महिवाल ने साधु का भेष बनाया और सोहनी से जा मिला। दोनों की मुलाकातें होने लगीं। सोहनी मिट्टी के घड़े से तैरती हुई चनाब के एक किनारे से दूसरे किनारे आती और दोनों घंटों प्रेममग्न होकर बैठे रहते। इसकी भनक जब सोहनी की भाभी को लगी तो उसने सोहनी का पक्का घड़ा बदलकर मिट्टी का कच्चा घड़ा रख दिया। सोहनी को पता चल गया कि उसका घड़ा बदल गया है फिर भी अपने प्रियजन से मिलने की ललक में वह कच्चा घड़ा लेकर चनाब में कूद पड़ी। कच्चा घड़ा टूट गया और वह पानी में डूब गई। दूसरे किनारे पर पैर लटकाए महिवाल सोहनी का इंतजार कर रहा था। जब सोहनी का मुर्दा जिस्म उसके पैरों से टकराया। अपनी प्रियतमा की ऐसी हालत देखकर महिवाल पागल हो गया। उसने सोहनी के जिस्म को अपनी बाँहों में थामा और चनाब की लहरों में गुम हो गया। सुबह जब मछुआरों ने अपना जाल डाला तो उन्हें अपने जाल में सोहनी-महिवाल के आबद्ध जिस्म मिले जो मर कर भी एक हो गए थे। गाँव वालों ने उनकी मोहब्बत में एक यादगार स्मारक बनाया, जिसे मुसलमान मजार और हिन्दू समाधी कहते हैं। क्या फर्क पड़ता है मोहब्बत का कोई मजहब नहीं होता। आज सोहनी और महिवाल भले ही हमारे बीच न हों लेकिन जिंदा है उनकी अमर मोहब्बत
Click here to claim your Sponsored Listing.
Category
Website
Address
Budaun