AFSOS Newspaper
17/08/2021
गौ-कानून में उलझी मध्य प्रदेश की सियासत
हरदीप सिंह डंग की मांग को मिला वीडी शर्मा और कमल पटेल का समर्थन
भोपाल। मध्यप्रदेश गौ-पालन को कानून बनाने की मांग उठने लगी है। शिवराज के मंत्री हरदीप सिंह डंग ने सबसे पहले इस मांग का समर्थन किया था। उसके बाद उन्हें प्रदेश भाजपा के बड़े नेताओं का भी समर्थन मिलने लगा है। हरदीप सिंह डंग ने गौ कानून को लेकर जो सुक्षाव दिया है, उसमें 25 हजार से ज्यादा तनख्वाह पाने वाले सरकारी कर्मचारियों से हर महीने 500 रुपए वसूले जाने का सुक्षाव दिया है। डंग के इस सुझाव को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और कृषि मंत्री कमल पटेल का भी समर्थन मिला है।
क्या है डंग का गौ-कानून!
मंत्री हरदीप सिंह डंग ने प्रदेश में गौकानून बनाने की मांग उठायी है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में वे चुनाव आयोग को पत्र लिखेंगे हरदीप सिंह डंग का कहना है कि खेती किसानी से जुड़े किसानों के लिए गाय पालना अनिवार्य होना चाहिए। किसान की जमीन की रजिस्ट्री तभी हो, जब वह गाय पालता हो। इसके साथ ही सरकार गौ-संरक्षण के लिए 25 हजार रुपये से ज्यादा तनख्वाह वाले सरकारी कर्मचारियों से 500 रुपए हर महीने वसूल किए जाएं। इसके साथ ही जो भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि चुनाव लड़ना चाहता है, उसके लिए गाय पालना अनिवार्य किया जाना चाहिए। गाय नहीं पालने वाले व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार नहीं होना चाहिए और भी कई सुझाव देते हुए हरदीप सिंह डंग ने मध्यप्रदेश सरकार से कानून बनाने की मांग की है। हालांकि मीडिया के सवाल पूछने पर उन्होंने कहा कि यह मेरी व्यक्तिगत मांग है। जब उनसे पूछा गया कि आप ने कैबिनेट ऐसा कोई प्रस्ताव रखा है, तो उनका कहना है कि मैं मांग करता रहता हूं कभी ना कभी तो यह होगा।
विष्णुदत्त शर्मा ने किया समर्थन
गौ-पालन को लेकर दिए गए मंत्री हरदीप सिंह डंग के सुझावों का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने समर्थन किया है। उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए कहा है कि लोग दो नहीं चार गाय लोग पालें। हर व्यक्ति को गौ पालन करना चाहिए। गौ पालन से व्यक्ति और देश दोनों स्वस्थ रहेंगे। हालांकि कि शर्मा ने यह भी साफ किया कि मंत्री हरदीप सिंह ने इसकी मांग की है, अभी ये कानून नहीं बना है।
गाय पालन समय की आवश्यकता- कमल पटेल
मध्य प्रदेश की राजनीति में तेजी से छिड़ी गौ-पालन की चर्चा में प्रदेश के कृषि मंत्री भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने भी गौ-पालन को लेकर एक बयान दिया है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने गौ पालन को समय की आवश्यकता बताया। जबलपुर पहुंचे कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा गाय भारत की जीवनदायिनी है और गौ वंश पालने से जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि गाय हर घर में पाली जानी चाहिए।
गौमाता को चुनावी हथकंड़ा बना रही है भाजपा- कांग्रेस
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री और प्रवक्ता रवि सक्सेना ने भाजपा सरकार के मंत्री हरदीप सिंह डंग के प्रस्ताव चुनाव वही लड़े, जो दो गाय पाले का समर्थन करने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा है कि-
वीडी शर्मा जी पहले इस बात का जवाब दें कि माननीय कमलनाथ जी ने अपने मुख्यमंत्रित्व काल में जो 1000 से अधिक गौ शालाओं का निर्माण करवाकर सड़क पर भूखी, प्यासी, बेसहारा भटक रही, घायल गौमाता को जो आश्रय प्रदान किया था, चारा, पानी, देख-रेख की व्यवस्था की थी वो भाजपा की शिवराज सरकार के आते ही क्यों चौपट हो गई?
रवि सक्सेना, कांग्रेस प्रवक्ता
सक्सेना ने डंग से सवाल करते हुए पूछा कि भाजपा के विद्वान मंत्री हरदीप सिंह डंग ये बतायें की संविधान के किस प्रावधान और अनुच्छेद के अंतर्गत वे ये असंगत और कपोल कल्पित मांग चुनाव आयोग से करेंगे और किस आधार पर चुनाव आयोग आपकी इस हास्यास्पद मांग पर विचार करेगा? सक्सेना ने कहा कि लगता है आगामी चुनावों में हार की आहट से भाजपाई फिर गऊमाता को चुनावी मुद्दा बनाकर चुनावी वैतरणी पार करना चाहते हैं।
17/08/2021
क्या अब आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में व्यापमं की तर्ज पर हुआ घोटाला?
भोपाल। जबलपुर स्थित मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय पर लगे गंभीर आरोपों की जांच अब एक आईटी एक्सपर्ट का पैनल करेगा। विश्वविद्यालय पिछले कई महीनों से लगातार विवादों से घिरा हुआ है। आरोप है कि परीक्षा परिणाम बनाने वाली माइंड लॉजिक्स कंपनी और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने मिलकर ऐसे छात्रों को पास कर दिया जो परीक्षा में बैठे ही नहीं थे।
विश्वविद्यालय के नए कुलसचिव डॉ.प्रभात बुधौलिया का कहना है मेडिकल यूनिवर्सिटी पर लगे तमाम आरोपों की जांच गंभीरता से कराई जाएगी। इसके लिए बकायदा एक आईटी एक्सपर्ट्स का पैनल बनाया जाएगा। ये पैनल इस मामले की बारीकी से जांच करेगा। कुलसचिव को पूरा भरोसा है कि इस पैनल की जांच से न केवल शासन बल्कि मीडिया और छात्र भी संतुष्ट होंगे।
हालात बदलेंगे
डॉ बुधौलिया का कहना है अब विश्वविद्यालय में वैसे हालात नहीं रहेंगे, जो अब तक बने थे। धीरे-धीरे तमाम हालातों को सुधारा जाएगा। हालांकि मेडिकल यूनिवर्सिटी में चल रही धांधली का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। लिहाजा कुलसचिव इस मामले में खुलकर कुछ नहीं बोले। लेकिन इतना साफ कर दिया कि इस मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी।
ये हैं आरोप
मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय पिछले कई महीनों से लगातार विवादों से घिरा हुआ है। विश्वविद्यालय पर आरोप लगाए गए कि रिजल्ट बनाने वाली माइंड लॉजिक्स कंपनी के अधिकारियों और मेडिकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक समेत कुलसचिव और कुछ अधिकारियों ने मिलकर एक ऐसे घोटाले को अंजाम दिया। इससे मेडिकल में पढ़ने वाले छात्रों का भविष्य खतरे में आ गया। आरोप लगाए गए कि परीक्षा नियंत्रक और माइंड लॉजिक्स कंपनी ने मिलकर ऐसे छात्रों को भी पास कर दिया जो परीक्षा में शामिल हुए ही नहीं थे।
परीक्षा नियंत्रक समेत कुलसचिव को हटाया
इन आरोपों के बाद मेडिकल यूनिवर्सिटी में लगातार हंगामा होता रहा। इस बीच चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने एक जांच कमेटी भी बनाई और इस कमेटी की रिपोर्ट ने भी इस बात की आशंका जताई कि मेडिकल यूनिवर्सिटी में कुछ न कुछ तो गड़बड़ जरूर हुआ है। हालांकि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया। रिपोर्ट आने के बाद मेडिकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक समेत कुलसचिव को हटा दिया गया। हाल ही में मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति ने भी राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। फिलहाल नए कुलसचिव डॉ प्रभात बुधौलिया की नियुक्ति की गई है। देखना होगा कि आगे चलकर मध्य प्रदेश के डॉक्टरों का भविष्य तय करने वाला आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय कहीं व्यापम जैसे घोटालों के कारण बदनाम न हो जाए।
17/08/2021
मध्य प्रदेश में बनेंगे नए भंडार क्रय नियम, लाइसेंस रिन्यूअल भी कराना होगा आसान
भोपाल। मध्यप्रदेश में लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्योग की राह आसान करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अब नए भंडार क्रय नियम भी बनाए जा रहे हैं, वहीं जल्द ही लाइसेंस नवीनीकरण की जटिल प्रक्रिया को आसान बनाया जाएगा, राज्य सरकार 10 से 50 करोड़ तक के निवेश को एमएसएमई के दायरे मे लाने की मंजूरी दे चुकी है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद राज्य सरकार ने नई एमएसएमई नीति को 13 अगस्त से लागू करने का निर्णय लिया है, यानी 13 अगस्त के बाद 50 करोड़ तक का निवेश करने वाले उद्योगों को नई नीति के तहत तमाम रियायतें दी जाएंगी।
एमएसएमई की राह आसान करेगी नई नीति
नई एमएसएमई नीति के तहत उद्योगपतियों को कई रियायतें दी जा रही हैं, अब 10 करोड़ तक के निवेश पर संयंत्र मशीनरी और भवन में निवेश का 40 फ़ीसदी विकास अनुदान, महिला अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति द्वारा स्थापित इकाई के लिए प्रति वर्ष 2% और महिला उद्यमियों द्वारा स्थापित इकाई पर ढाई प्रतिशत प्रति वर्ष के हिसाब से 4 वर्ष तक अतिरिक्त उद्योग विकास अनुदान दिया जाएगा। वहीं कुल विक्रय का 25 से 50% तक निर्यात करने पर 2% अनुदान 50% से अधिक निर्यात पर 3% अनुदान 4 वर्ष तक दिया जाएगा।
भुगतान से जुड़ी तमाम शिकायतों का तुरंत होगा समाधान
एमएसएमई की भुगतान से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश एमएससी फैसिलिटेशन काउंसिल का गठन किया गया है, इसके तहत उद्योगों की भुगतान से जुड़ी समस्याओं का काउंसिल द्वारा निराकरण किया जाएगा, जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में भी एक समिति का गठन किया गया है, इसमें प्लांट और मशीनरी मशीनरी में 10 करोड़ तक का निवेश करने वाली इकाइयों को रियायत देने के संबंध में निर्णय लिया जाएगा। कलेक्टर की अध्यक्षता वाली यह कमेटी 5 से 10 एकड़ से कम क्षेत्र वाले औद्योगिक क्षेत्र कलस्टर के विकास के लिए स्वीकृत किए जा सकेंगे।
एमएसएमई को दिया जाने वाला अनुदान सात समान वार्षिक किस्तों में प्राप्त होगा, यह अनुदान 50 करोड़ से अधिक के निवेश पर मिलने वाली रियायत से जुड़ा है, इसमें एमएसएमई को पेटेंट के लिए 5 लाख तक की प्रतिपूर्ति होगी। वहीं एमएसएमई को सहयोग प्रदान करने के लिए उद्योग आयुक्त कार्यालय में भी एक सेल का गठन किया गया है।
एमएसएमई मंत्री बोले उधोगों की राह होगी आसान
एमएसएमई मंत्री ओमप्रकाश सकलेचा के मुताबिक मध्य प्रदेश सरकार लघु मध्यम उद्योगों की राह आसान करने के लिए तमाम कदम उठा रही है। नई एमएसएमई नीति लाई गई है, वहीं नई मंडार क्रय नीति भी लाई जा रही है।
17/08/2021
शिक्षक बना भक्षक: फेल करने की धमकी देकर छात्रा के साथ 6 माह तक किया दुष्कर्म
भोपाल। जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां पर एक प्रोफेसर ने पीएचडी कर रही छात्रा के साथ उसे फेल करने की धमकी देकर 6 महीने तक दुष्कर्म किया। पीड़ित छात्रा की शिकायत पर बेलबाग थाना पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ दुष्कर्म और धमकी देने का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा ने बताया कि पढ़ाई के दौरान प्रोफेसर मिश्रा उसके साथ अश्लील हरकत करते थे। विरोध किया तो वे मारपीट करने लगे।
मूलतः डिंडौरी की रहने वाली है छात्रा
पीड़ित छात्रा डिंडोरी जिले की रहने वाली है और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही थी। वह विधि की छात्रा है और प्रोफेसर रवि मिश्रा के अंडर में पीएचडी कर रही थी। छात्रा ने बेलबाग थाना पुलिस को बताया कि प्रियदर्शनी कॉलोनी में रहने वाले प्रोफेसर रवि मिश्रा उसे अपने साथ 6 महीने पहले कमरे में ले गए और जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर प्रोफेसर ने फेल करने की धमकी दी।
दुष्कर्म करने के बाद प्रोफेसर ने मांगी माफी
छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म करने के मामले में पीड़िता ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही थी। जिस पर प्रोफेसर रवि मिश्रा ने माफी मांग कर कहा था कि दोबारा इस तरह की गलती नहीं होगी। मैं डिप्रेशन मे रहता हूं। मेरी दिमागी हालत ठीक नहीं रहती। दवाइयां चल रही हैं। प्रोफेसर की मनोदशा का पता चलने के बाद छात्रा ने उन्हें माफ कर दिया।
छात्रा ने शिकायत की थी की प्रोफेसर रवि मिश्रा ने उसके साथ दुष्कर्म किया था। शिकायत के आधार पर प्रोफेसर के
क्या है पुलिस का पक्ष?
खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। छात्रा प्रोफेसर रवि के अंडर में पीएचडी कर रही है।
- गोपाल खांडेल, एएसपी
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