Sandip Kumar Singh.
11/18/2022
मधुर -- मिलन || हो तकदिर जगा कर लाया हूँ , एक नई दुनिया बसा कर लाया हूँ | नमस्ते -- नमस्ते ये प्यार हो गया हस्ते -- हस्ते , आते -- जाते मिले गली में || दुनिया रह गयी जलते -- जलते, हमको तो यारा तेरी यारी जान से प्यारी |
प्यार
प्यार जिन्दगी साज है,इससे ही संसार।
दिल में रख इसको सदा,सबको करें दुलार।।
सभी काम सुलझे सही, रखें अगर हम प्यार।
बाधा सारे खत्म हों, जीवन चमके यार।।
दीए नित ही खुद जला, कर दें जगत प्रकाश।
खुशियां चूमे कदम को, छू लें मनु आकाश।।
बगिया सुरभित प्यार से, खुशी रहे परिवार।
करें भला सब जीव का,मिलता दुआ हजार।।
सजा प्यार से आज को, कल भी होगा हर्ष।
चलते रहिए रोज ही, सदा करें उत्कर्ष।।
संदीप कुमार सिंह✍🏼
जिला:_समस्तीपुर(देवड़ा)बिहार
07/16/2022
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Sandip Kumar Singh - YouTube जाने_माने काव्यकार/ज्ञानवर्धक कविताएं जो आपके मनो में एक नई जोश_उमंग और उत्साह का भरपूर संचार करेगा।❤️❤️
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