Sheetal Singh Rajpoot
05/04/2026
केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री, भारत सरकार Rakshatai khadse जी के साथ, काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन।
05/03/2026
चैत्र :-
चैत्र की यह सुबह, मानो धरती का नववधू-सा श्रृंगार हो।
पूर्व दिशा में सूरज पेड़ की टहनी से यूँ झांक रहा है, जैसे संकोची बालक अपनी माँ की ओट से संसार को देखता हो। नीचे गेहूँ की हरी चादर ओस की बूँदों से सजी, ऐसे दमक रही है मानो प्रकृति ने अपने आँचल में मोती टाँक दिए हों।
रात की सर्दी, जो जाते-जाते एक बार फिर अकड़ कर खड़ी हो गई थी, अब सूर्य की कोमल किरणों के आगे नतमस्तक हो रही है। हवा में वह हल्की-सी ठंडक शेष है, जो किसान के श्रम से भीगी देह को सुकून देती है और मन में नई फसल के सपने जगा देती है।
चैत्र का आरंभ है—न गर्मी की तपन, न शीत का अत्याचार; बस एक मधुर संधि, जहाँ प्रकृति मुस्कुरा कर कहती है—“मेहनत रंग लाएगी।”
यह दृश्य केवल आँखों को ही नहीं, आत्मा को भी हरियाली से भर देता है, यह आत्मविभोर करने वाले दृष्य आपको शहर के कंक्रीट के जंगल में नहीं मिलेंगें, यह उमंग आपकों गाँव सें जुड़ने पर ही महसूस होगी ।
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